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सीहोर: महिला स्व-सहायता समूह की पहल, जैत में कस्टम हायर सेंटर किए शुरू, रियायती दरों पर मिल रहे कृषि यंत्र

Sun, 01 May 2022 08:54 AM IST
अंकिता विश्वकर्मा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सीहोर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सीहोर Published by: अंकिता विश्वकर्मा Updated Sun, 01 May 2022 08:54 AM IST
सार

सीएम शिवराज के गृह ग्राम जैत की कुशल और दक्ष महिलाओं ने कस्टम हायर सेंटर शुरू किए हैं। इन सेंटर्स के माध्यम से अब किसान रियायती दरों पर कृषि यंत्र किराए पर ले सकेंगे। कृषि विभाग ने महिला स्व-सहायता समूहों को यह सेंटर्स चलाने का जिम्मा दिया है।

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Sehore: Initiative of Women Self-Help Group, Custom Hire Center started in Jait, Agricultural machines are available at subsidized rates
महिला स्व-सहायता समूह ने शुरू किए कस्टम हायरिंग सेंटर। - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के गृह ग्राम जैत की कुशल और दक्ष महिलाओं ने कस्टम हायर सेंटर शुरू किए हैं। इन सेंटर्स के माध्यम से अब किसान रियायती दरों पर कृषि यंत्र किराए पर ले सकेंगे। जिले में कस्टम हायर सेंटर की शुरुआत कर महिला स्व-सहायता समूह ने प्रदेशभर की महिलाओं को आत्म निर्भरता की एक नई राह दिखाई है। 
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बुधनी के ग्राम जैत के गंगा आजीविका समूह ने कृषि विभाग के साथ मिलकर आत्मनिर्भरता की एक नई इबारत लिखी है। सीहोर जिले में कई तरह की आर्थिक गतिविधियां संचालित करने वाली महिला स्व-सहायता समूह की महिलाओं ने अब कस्टम हायरिंग सेंटर संचालित कर एक नया आयाम स्थापित किया है।  जिले में महिलाओं की कुशलता और दक्षता के दृष्टिगत कृषि विभाग द्वारा बुधनी तहसील के ग्राम जैत की गंगा आजीविका महिला स्व-सहायता समूह को कस्टम हायरिंग सेंटर चलाने का जिम्मा सौंपा है। कृषि विभाग द्वारा गंगा आजीविका स्व-सहायता समूह को ट्रैक्टर, रोटावेटर, कल्टीवेटर एवं अन्य कृषि उपकरण प्रदान किए गए हैं।
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महिला स्वसहायता समूह द्वारा चलाए जा रहे इस कस्टम हायरिंग सेंटर से इस क्षेत्र के लघु एवं सीमांत किसानों को रियायती दर पर किराये से कृषि उपकरणों की उपलब्धता आसानी से होगी। समूह द्वारा हकाई 800 रुपये, जुताई 800 रुपये, गहरी जुताई 900 रुपये, बोनी 800 रुपये तथा रोटावेटर 1000 रुपये प्रति घंटा दर निर्धारित की गई है। कस्टम हायरिंग सेंटर से जहां स्व-सहायता समूह को आमदनी प्राप्त होगी, वहीं दूसरी ओर इन उपकरणों को चलाने वाले व्यक्तियों को रोजगार भी मिलेगा।
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महिला स्वसहायता समूह की रानू केवट, राजमणी केवट सहित अन्य महिलाओं ने बताया कि आमदनी का एक अतिरिक्त साधन प्राप्त होने से उनकी आर्थिक स्थिति सुदृढ़ होगी। उन्होंने कहा कि इस नए कार्य से हम अत्याधिक उत्साहित हैं और हमारी कोशिश होगी कि हम किसानों को त्वरित एवं बेहतर सेवाएं दें। वर्तमान में इस स्व-सहायता समूह के साथ ही जिले के 27 महिला स्व-सहायता समूहों द्वारा सफलतापूर्वक रबी उपार्जन का कार्य किया जा रहा है। किसानों ने भी महिला स्व-सहायता समूहों द्वारा किए जा रहे उपार्जन कार्य की सराहना की है।


मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान का भी संकल्प है कि प्रदेश की महिलाएं आत्मनिर्भर होकर घर परिवार के साथ ही प्रदेश के विकास में सहयोग दे सकें। मुख्यमंत्री चौहान अपने सार्वजनिक कार्यक्रमों के दौरान महिलाओं को आत्म निर्भरता के लिए टिप्स भी देते हैं और सरकार की योजनाओं का लाभ भी सुनिश्चित करवाते हैं।
 
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