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Sawan 2023: सावन के पहले सोमवार पर ओंकारेश्वर में लगा शिव भक्तों का मेला, नर्मदा स्नान करने पहुंच रहे लोग
Mon, 10 Jul 2023 12:48 PM IST
अंकिता विश्वकर्मा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, खंडवा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, खंडवा
Published by: अंकिता विश्वकर्मा
Updated Mon, 10 Jul 2023 12:48 PM IST
सार
सावन के पहले सोमवार पर ओंकारेश्वर ज्योतिर्लिंग में बड़ी संख्या में शिव भक्त भगवान ओंकार के दर्शन करने पहुंच रहे हैं। नर्मदा स्नान करने के लिए भी लोगों की भीड़ उमड़ रही है।
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ओंकारेश्वर मंदिर
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
पवित्र सावन माह का आज (10 जुलाई) प्रथम सोमवार है। इस दिन शिव भक्त अपने भोले बाबा को प्रसन्न करने के लिए ब्रह्म मुहूर्त में उठकर स्नान करते हैं, तथा भोले बाबा का ध्यान करते हैं। मध्यप्रदेश के खंडवा जिले की प्रसिद्ध तीर्थ नगरी ओंकारेश्वर में भी सावन के प्रथम सोमवार के अवसर पर बाबा ओमकार के दर्शन करने बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंच रहे हैं। पवित्र तीर्थ नगरी पहुंचे श्रद्धालुओं ने पहले मां नर्मदा में स्नान कर मन को पवित्र किया फिर मंदिर पहुंचकर भोले बाबा के दर्शन किये। सावन माह के प्रथम सोमवार पर डेढ़ लाख से अधिक श्रद्धालुओं ने मां नर्मदा में आस्था की डुबकी लगाई।
द्वादश ज्योतिर्लिंग स्रोत के अनुसार बारह ज्योतिर्लिंगों में ओंकारेश्वर तथा ममलेश्वर ज्योतिर्लिंग का संयुक्त रूप से चतुर्थ स्थान है। मां नर्मदा से घिरे ॐ आकार के पर्वत पर बना यह अति प्राचीन मंदिर भगवान शिव तथा माता पार्वती का शयन स्थान माना जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार भगवान शिव दिनभर अखिल ब्रह्मांड में विचरण करते हैं, आवागमन करते हैं किंतु वह शयन ओंकार पर्वत पर ही करते हैं। यही कारण है, कि यहां भगवान ओंकारेश्वर की शयन आरती होती है।
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द्वादश ज्योतिर्लिंग स्रोत के अनुसार बारह ज्योतिर्लिंगों में ओंकारेश्वर तथा ममलेश्वर ज्योतिर्लिंग का संयुक्त रूप से चतुर्थ स्थान है। मां नर्मदा से घिरे ॐ आकार के पर्वत पर बना यह अति प्राचीन मंदिर भगवान शिव तथा माता पार्वती का शयन स्थान माना जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार भगवान शिव दिनभर अखिल ब्रह्मांड में विचरण करते हैं, आवागमन करते हैं किंतु वह शयन ओंकार पर्वत पर ही करते हैं। यही कारण है, कि यहां भगवान ओंकारेश्वर की शयन आरती होती है।
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