साध्वी प्रज्ञा सिंह ठाकुर ने कहा- मेरे शब्दों से ठेस पहुंची है तो क्षमा करें, 21 प्रहर का मौन साधा
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चुनावी प्रक्रियाओ के उपरान्त अब समय है चिंतन मनन का,
इस दौरान मेरे शब्दों से समस्त देशभक्तों को यदि ठेस पहुंची है तो मैं क्षमा प्रार्थी हूँ और सार्वजनिक जीवन की मर्यादा के अंतर्गत प्रयश्चित हेतु 21 प्रहर के मौन व कठोर तपस्यारत हो रही हूं।विज्ञापन
हरिः ॐ — Sadhvi Pragya Official (@SadhviPragya_MP) May 20, 2019
बता दें कि लोकसभा चुनाव प्रचार के दौरान साध्वी प्रज्ञा सिंह ने राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के हत्यारे नाथूराम गोडसे को देशभक्त बता दिया था। साध्वी प्रज्ञा ने गोडसे को आजाद भारत का पहला चरमपंथी हिंदू बताने वाले कमल हासन के बयान के जवाब में कहा था, ''नाथूराम गोडसे देशभक्त थे, देशभक्त हैं और देशभक्त रहेंगे।''
साध्वी के बयान की चारों तरफ से हुई निंदा के बाद भाजपा ने इस बयान से किनारा कर लिया था। चुनाव आयोग ने साध्वी प्रज्ञा सिंह बयान के बारे में मध्यप्रदेश के सीईओ से तथ्यात्मक रिपोर्ट मांगी। विवाद बढ़ने पर साध्वी ने माफी मांगी और कहा, "अपने संगठन भाजपा में निष्ठा रखती हूं, उसकी कार्यकर्ता हूं और पार्टी की लाइन मेरी लाइन है।"
प्रधानमंत्री मोदी ने साध्वी प्रज्ञा के बयान की कड़ी निंदा की। उन्होंने कहा, "गांधी जी या गोडसे के बारे में जो बयान दिए गए हैं वो बहुत खराब हैं और समाज के लिए बहुत गलत हैं। ये अलग बात है कि उन्होंने माफी मांग ली है, लेकिन मैं उन्हें मन से कभी माफ नहीं कर पाऊंगा।"
इससे पहले साध्वी प्रज्ञा सिंह ठाकुर ने मुंबई हमले में शहीद हेमंत करकरे के ऊपर भी विवादित बयान दिया था।
