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Hindi News ›   Madhya Pradesh ›   Rewa: MLA arrived to close the liquor shop, the matter heated up after a dispute with the contractor, MLA sitting on dharna

रीवा: शराब दुकान बंद कराने पहुंचे विधायक, ठेकेदार से विवाद के बाद मामला गर्माया, धरने पर बैठे विधायक

Fri, 01 Apr 2022 06:19 PM IST
दिनेश शर्मा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, रीवा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, रीवा Published by: दिनेश शर्मा Updated Fri, 01 Apr 2022 06:19 PM IST
सार

रीवा जिले में शराब दुकान बंद कराने की बात पर विधायक-ठेकेदार आमने-सामने हो गए। कुर्सियां फेंकी गईं। एक व्यक्ति घायल हो गया। विवाद इतना बढ़ा कि समर्थकों के साथ पहुंचे विधायक को उल्टे पैर लौटना पड़ा। विधायक और ठेकेदार दोनों ही एक-दूसरे पर मारपीट का आरोप लगा रहे हैं। विधायक धरने पर बैठ गए हैं, उनका कहना है कि जब तक आबकारी अधिकारी को नहीं हटाया जाता, वे धरने पर डटे रहेंगे।
 

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Rewa: MLA arrived to close the liquor shop, the matter heated up after a dispute with the contractor, MLA sitting on dharna
शराब दुकान के सामने कुर्सी लगाकर बैठे विधायक। - फोटो : सोशल मीडिया

विस्तार

मध्य प्रदेश में शराबबंदी को लेकर सियासत जारी है। आज से नई शराब नीति लागू हो गई। इधर रीवा जिले में शराब दुकान बंद कराने की बात पर विधायक-ठेकेदार आमने-सामने हो गए। कुर्सियां फेंकी गईं। एक व्यक्ति घायल हो गया। विवाद इतना बढ़ा कि समर्थकों के साथ पहुंचे विधायक को उल्टे पैर लौटना पड़ा। विधायक और ठेकेदार दोनों ही एक-दूसरे पर मारपीट का आरोप लगा रहे हैं। विधायक धरने पर बैठ गए हैं, उनका कहना है कि जब तक आबकारी अधिकारी को नहीं हटाया जाता, वे धरने पर डटे रहेंगे।
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मामला रीवा शहर के उरहट मोहल्ले की शराब दुकान बरा मोहल्ले का है। बता दें कि मध्य प्रदेश में शराबबंदी को लेकर सियासत जारी है। पूर्व मुख्यमंत्री उमा भारती ने भोपाल में शराब की दुकान पर पत्थर फेंका था जिससे राजनीति में उफान आ गया था। इस बार रीवा में भी भाजपा विधायक केपी त्रिपाठी शराब की दुकान पर उग्र विरोध करने पहुंचे। उन्होंने ठेकेदार की मौजूदगी में उसकी कुर्सी को उठाकर फेंकने को कहा और खुद ने वहां प्लास्टिक की कुर्सी पर समर्थकों के साथ बैठकर धरना शुरू कर दिया। विधायक ने कहा कि देखते हैं कैसे गुंडागर्दी करोगे। यहां गुंडों की खैर नहीं, नरेंद्र मोदी की सरकार है, शिवराज की सरकार है। फिर ठेकेदार से कहा कि तुम बात करने मत आओ तो उसने जवाब दिया कि सरकार ने लायसेंस दिया है। सरकार से कहिये लायसेंस कैंसिल कर दे।
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इस बीच दोनों पक्षों के लोग वहां जमा हो गए। मामला कहासुनी तक पहुंच गया। उधर समर्थकों में लाठी-डंडे चले तथा कुर्सियां फेंकी गईं। इसमें एक व्यक्ति गंभीर रूप से घायल हो गया। उसे संजय गांधी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। हालांकि विधायक और ठेकेदार दोनों ही एक-दूसरे पर मारपीट का आरोप लगा रहे हैं। विधायक केपी त्रिपाठी का घर नई खुली शराब दुकान के पास बरा में ही है, इसलिए वो नहीं चाहते थे की यहां दुकान खुले। इसलिए वो अपने समर्थकों और स्थानीय लोगों के साथ दुकान का स्थान परिवर्तित कराने के लिए धरने पर बैठ गए जिसके बाद विवाद शुरू हो गया। त्रिपाठी खबर लिखे जाने तक धरने पर बैठे हैं उनकी मांग है कि जब तक आबकारी अधिकारी अभिमन्यु पाठक को नहीं हटाया जाता वो धरने से नहीं उठेंगे।
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