एमपी: रतलाम के दो दिग्गज कांग्रेस नेताओं का निधन, बंशीलाल गांधी और नासिर कुरैशी को अंतिम विदाई
रतलाम के दो वरिष्ठ कांग्रेस नेताओं का बुधवार को निधन हो गया। पूर्व मध्य प्रदेश युवा कांग्रेस अध्यक्ष बंशीलाल गांधी ने इंदौर में अंतिम सांस ली। वहीं वरिष्ठ पार्षद नासिर कुरैशी का ईद मिलादुन्नबी जुलूस में तबीयत बिगड़ने से निधन हुआ।
विस्तार
रतलाम के दो दिग्गज कांग्रेस नेताओं का बुधवार को अलग-अलग स्थानों पर निधन हो गया। रतलाम निवासी मध्य प्रदेश युवा कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष 86 वर्षीय बंशीलाल गांधी का इंदौर में निधन हो गया। वे पिछले कुछ समय से अस्वस्थ थे। वहीं, रतलाम नगर निगम के वरिष्ठ पार्षद 64 वर्षीय नासिर कुरैशी का ईद मिलादुन्नबी के जुलूस के दौरान तबीयत बिगड़ने के बाद निधन हो गया। दोनों नेताओं के निधन की खबर से उनके समर्थकों, परिचितों और कांग्रेस कार्यकर्ताओं में शोक की लहर है।
बंशीलाल गांधी का इंदौर में निधन
वरिष्ठ कांग्रेस नेता बंशीलाल गांधी पिछले काफी समय से इंदौर में रह रहे थे और कुछ समय से अस्वस्थ थे। उनके पुत्र आलोक गांधी ने बताया कि बुधवार सुबह अचानक उनकी तबीयत ज्यादा बिगड़ गई। उन्हें इंदौर के एक निजी अस्पताल ले जाया गया, जहां सुबह 9:39 बजे उन्होंने अंतिम सांस ली। दोपहर में उनकी पार्थिव देह रतलाम के विक्रम नगर स्थित उनके निवास पर लाई गई। उनकी अंतिम यात्रा 27 अगस्त की सुबह साढ़े नौ बजे निवास स्थान से निकाली जाएगी। अंतिम संस्कार त्रिवेणी स्थित मुक्तिधाम में किया जाएगा।
साहित्यकार, पत्रकार और प्रखर विचारक थे गांधी
सामान्य परिवार से आने वाले बंशीलाल गांधी वरिष्ठ कांग्रेस नेता होने के साथ साहित्यकार, कवि, लेखक और प्रखर विचारक भी थे। स्पष्टवादी होने के साथ वे कुशल रणनीतिकार के रूप में भी पहचाने जाते थे। वे पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी के पुत्र स्वर्गीय संजय गांधी के करीबी माने जाते थे। उनके निधन की खबर से प्रदेश के राजनीतिक, साहित्यिक और पत्रकारिता जगत में शोक की लहर है। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी सहित देश और प्रदेश के कई वरिष्ठ नेताओं और कार्यकर्ताओं ने उनके निधन पर दुख जताते हुए श्रद्धांजलि दी।
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1977 में लड़ा था लोकसभा चुनाव
बंशीलाल गांधी का राजनीतिक और सामाजिक जीवन लंबा और प्रभावशाली रहा। वे 80 के दशक में मध्य प्रदेश युवक कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष बने। इसके अलावा वे मध्य प्रदेश कांग्रेस कमेटी (MPCC) के महासचिव और अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी (AICC) के सदस्य भी रहे। उन्होंने मध्य प्रदेश औद्योगिक विकास निगम (MPIDC) के चेयरमैन की जिम्मेदारी भी संभाली। इमरजेंसी के बाद 1977 के आम चुनाव में वे मंदसौर संसदीय क्षेत्र से कांग्रेस के अधिकृत प्रत्याशी थे, लेकिन चुनाव हार गए। वर्ष 1995 में उन्होंने रतलाम नगर निगम के वार्ड क्रमांक 24 से पार्षद का चुनाव जीता था। राजनीति के साथ पत्रकारिता और साहित्य के क्षेत्र में भी उनका योगदान रहा। वे नई दिल्ली से प्रकाशित 'सांध्य समाचार' के संपादक रहे। युवा पत्रकार के रूप में उन्होंने जर्मनी और रूस में भारत का प्रतिनिधित्व भी किया था। वे संवेदनशील कवि, प्रखर लेखक और गहरे चिंतक के रूप में भी जाने जाते थे।
जुलूस में तबीयत बिगड़ने से नासिर कुरैशी का निधन
वरिष्ठ कांग्रेस नेता और पार्षद नासिर कुरैशी का बुधवार सुबह सीरत कमेटी के तत्वावधान में निकाले गए ईद मिलादुन्नबी के जुलूस के दौरान निधन हो गया। वे सीरत कमेटी के अध्यक्ष भी थे। जुलूस शुरू होने से पहले उन्होंने इसमें शामिल होने आए कांग्रेस और भाजपा नेताओं, समाजसेवियों, विभिन्न धार्मिक और सामाजिक संस्थाओं के पदाधिकारियों तथा जनप्रतिनिधियों का साफा बांधकर स्वागत किया। इसके बाद सुबह करीब साढ़े आठ बजे आबकारी रोड से जुलूस शुरू हुआ।
हर साल की तरह इस बार भी नासिर कुरैशी जुलूस में लोगों के साथ पैदल चल रहे थे। वे उस समय पूरी तरह स्वस्थ नजर आ रहे थे। विभिन्न मार्गों से होता हुआ जुलूस पैलेस रोड से सूरजपोर की ओर जा रहा था। इसी दौरान सुबह करीब 11:30 से 11:45 बजे के बीच उनकी तबीयत अचानक बिगड़ गई और वे नीचे गिरकर अचेत हो गए। साथ चल रहे लोगों ने उन्हें संभाला और तत्काल जिला अस्पताल ले गए। वहां डॉक्टरों ने सीपीआर भी दिया, लेकिन उन्हें बचाया नहीं जा सका। उनके निधन का कारण अभी स्पष्ट नहीं है। प्रथम दृष्टया हार्ट अटैक की आशंका जताई जा रही है।
चार बार पार्षद रहे नासिर कुरैशी
नासिर कुरैशी शुरू से ही कांग्रेस की राजनीति में सक्रिय रहे। वे कांग्रेस के विभिन्न पदों पर रहे। उन्होंने वर्ष 2000 में वार्ड क्रमांक 45, जो अब वार्ड क्रमांक 47 है, से पहली बार पार्षद का चुनाव लड़ा और जीत दर्ज की। इसके बाद वे 2005, 2009 और 2022 में भी चुनाव जीतकर पार्षद बने। वे नगर निगम में नेता प्रतिपक्ष की जिम्मेदारी भी संभाल चुके थे। महिला वार्ड होने के कारण वर्ष 2014 में उन्होंने अपनी पत्नी ताहेरा कुरैशी को चुनाव लड़ाया था। ताहेरा कुरैशी भी चुनाव जीतकर पार्षद बनी थीं।
