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रायसेन: नेपाल की भीषण त्रासदी में फंसे रायसेन के दो लाल, चार दिन से बंद है फोन; परिवारों में मातम जैसा माहौल
Sun, 30 Aug 2026 08:07 PM IST
रायसेन ब्यूरो
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, रायसेन
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, रायसेन
Published by: रायसेन ब्यूरो
Updated Sun, 30 Aug 2026 08:07 PM IST
सार
नेपाल में भीषण बाढ़ और भूस्खलन के बीच रायसेन जिले के दो युवक चार दिन से लापता हैं। सुल्तानपुर के विशेष राजपूत और मंडीदीप के हिमांशु शाक्या रासुवा जिले के अपर त्रिशूली-1 हाइड्रो पावर प्रोजेक्ट में काम कर रहे थे। 26 अगस्त से दोनों के मोबाइल बंद हैं। परिवारों ने मदद की गुहार लगाई है।
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नेपाल त्रासदी में रायसेन के दो लाल लापता
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
नेपाल में आई भीषण बाढ़ और भूस्खलन ने ऐसी तबाही मचाई है, जिसकी तस्वीरें देखकर पूरी दुनिया सहम गई है। पहाड़ों से मलबा बहकर नीचे आ रहा है, नदियां उफान पर हैं और हजारों लोगों के आशियाने पलभर में तबाह हो गए हैं। इस आपदा में कई लोगों की मौत हो गई है तो सैकड़ों लोग अभी भी लापता बताए जा रहे हैं। इस बीच इस त्रासदी की आंच रायसेन जिले तक भी पहुंच गई है। जिले के दो युवकों के नेपाल में लापता होने की खबर ने दो परिवारों की खुशियां छीन ली हैं। सुल्तानपुर तहसील के ग्राम मंजूस निवासी विशेष राजपूत और मंडीदीप निवासी हिमांशु शाक्या से पिछले चार दिनों से कोई संपर्क नहीं हो पा रहा है।
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परिजनों के अनुसार दोनों युवक रोजगार के सिलसिले में नेपाल गए थे। वे नेपाल के रासुवा जिले में निर्माणाधीन अपर त्रिशूली-1 हाइड्रो पावर प्रोजेक्ट में काम कर रहे थे। जानकारी मिली है कि दोनों युवक मंडीदीप की एक कंपनी के माध्यम से वहां की एक निजी कंपनी में नौकरी करने पहुंचे थे। सब कुछ ठीक चल रहा था और दोनों समय-समय पर अपने घर पर फोन कर परिवार का हालचाल लेते रहते थे। लेकिन 26 अगस्त की सुबह के बाद से सब कुछ बदल गया। नेपाल में भीषण बाढ़ और भूस्खलन की खबरें आने लगीं और उसी दिन से दोनों युवकों के मोबाइल फोन बंद हो गए। परिवार के लोग लगातार फोन मिला रहे हैं, लेकिन उधर से कोई जवाब नहीं आ रहा है।
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चार दिन से बेटों की आवाज न सुन पाने से दोनों परिवारों में कोहराम मचा हुआ है। घर की महिलाएं रो-रोकर बेहाल हैं, तो पिता और भाई नेपाल में मौजूद कंपनी के अधिकारियों और अन्य जानकार लोगों से संपर्क साधने की कोशिश कर रहे हैं। लेकिन नेपाल में हालात इतने खराब हैं कि वहां से भी कोई स्पष्ट जानकारी नहीं मिल पा रही है। मंजूस गांव में विशेष राजपूत के घर पर रिश्तेदारों और ग्रामीणों का तांता लगा हुआ है। सभी लोग परिवार को हिम्मत दे रहे हैं, लेकिन परिवार का एक ही कहना है कि किसी तरह उनके बेटे का पता चल जाए। वहीं मंडीदीप में हिमांशु के परिवार का भी यही हाल है।
परिजनों ने अब भारत सरकार के विदेश मंत्रालय और नेपाल प्रशासन से मदद की गुहार लगाई है। उन्होंने मांग की है कि नेपाल में फंसे भारतीय नागरिकों की जल्द से जल्द तलाश की जाए और रायसेन के दोनों युवकों को सुरक्षित वापस लाया जाए। गौरतलब है कि अपर त्रिशूली प्रोजेक्ट वाला इलाका रासुवा जिला इस त्रासदी से सबसे ज्यादा प्रभावित क्षेत्रों में से एक है। रेस्क्यू में भी काफी दिक्कतें आ रही हैं। ऐसे में रायसेन के दोनों परिवारों की चिंता और भी बढ़ गई है। फिलहाल सभी लोग अपने बेटों की सलामती की दुआ कर रहे हैं।
