फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Madhya Pradesh ›   Raisen: Father Allegedly Marries Minor Daughter to Repay Debt, 4-Month Pregnant Girl Found; Probe Begins

रायसेन: कर्ज चुकाने के लिए पिता ने नाबालिग के हाथ पीले किए, 4 माह की गर्भवती मिली किशोरी, मामले की जांच शुरू

Sat, 12 Sep 2026 08:59 AM IST
रायसेन ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, रायसेन
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, रायसेन Published by: रायसेन ब्यूरो Updated Sat, 12 Sep 2026 08:59 AM IST
सार

पेट दर्द की शिकायत लेकर जिला अस्पताल पहुंची एक नाबालिग के चार माह की गर्भवती होने का मामला सामने आया है। किशोरी ने आरोप लगाया कि कर्ज चुकाने के लिए उसकी इच्छा के खिलाफ शादी कराई गई। चाइल्ड लाइन और बाल कल्याण समिति ने जांच शुरू कर दी है।

विज्ञापन
Raisen: Father Allegedly Marries Minor Daughter to Repay Debt, 4-Month Pregnant Girl Found; Probe Begins
नाबालिग की शादी का मामला

विस्तार

रायसेन जिला अस्पताल में इलाज कराने पहुंची एक किशोरी ने जब अपनी आपबीती सुनाई तो अस्पताल प्रशासन भी सन्न रह गया। चार माह की गर्भवती इस नाबालिग ने बताया कि उसकी शादी उसकी इच्छा के विरुद्ध कर्ज चुकाने के लिए कर दी गई। मामला सामने आते ही चाइल्ड लाइन और बाल कल्याण समिति हरकत में आ गई है।

विज्ञापन


जानकारी के अनुसार किशोरी पेट में दर्द की शिकायत लेकर जिला अस्पताल पहुंची थी। जांच के दौरान डॉक्टरों को पता चला कि वह करीब चार महीने की गर्भवती है और नाबालिग है। नियमानुसार चाइल्ड लाइन को सूचना दी गई। सूचना मिलते ही बाल कल्याण समिति के अध्यक्ष आदित्य चावला, सदस्य ममता पटेल और महिला एवं बाल विकास विभाग के अधिकारी व तहसील स्तर के अधिकारी जिला अस्पताल पहुंचे।
विज्ञापन


समिति द्वारा की गई पूछताछ में किशोरी ने बताया कि 20 अप्रैल 2026 को उसकी शादी जबरन करा दी गई थी। उसका आरोप है कि उसके पिता ने किसी से कर्ज लिया था और वे कर्ज नहीं चुका पा रहे थे। कर्ज से मुक्ति पाने के लिए पिता ने उसी व्यक्ति से उसकी शादी करा दी।
विज्ञापन
विज्ञापन


ये भी पढ़ें: इंदौर: इंदौर में सात साल पहले हुए हत्याकांड में महिला सहित छह आरोपियों को सजा


इस पूरे मामले में अब इलाज करने वाले डॉक्टर की भूमिका पर भी सवाल उठ रहे हैं। बाल कल्याण समिति के अध्यक्ष आदित्य चावला ने बताया कि प्रथम दृष्टया यह मामला बेहद गंभीर है। उन्होंने कहा कि डॉक्टर को इलाज के दौरान ही पता चल गया था कि लड़की नाबालिग है और गर्भवती है, इसके बावजूद उन्होंने इसकी सूचना प्रशासन या बाल कल्याण समिति को नहीं दी। अगर जांच में तथ्य छिपाने की बात सामने आती है तो संबंधित डॉक्टर के खिलाफ भी नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

समिति अब किशोरी की वास्तविक उम्र की पुष्टि के लिए उसके स्कूल के दस्तावेज, आधार कार्ड और अन्य प्रमाण पत्रों की जांच कर रही है। साथ ही शादी से संबंधित साक्ष्य भी जुटाए जा रहे हैं। अध्यक्ष आदित्य चावला ने बताया कि जांच पूरी होने के बाद बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम और पॉक्सो एक्ट के तहत संबंधित लोगों, जिसमें पिता और ससुराल पक्ष शामिल हैं, के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई जाएगी। किशोरी को फिलहाल संरक्षण में लेकर काउंसलिंग की जा रही है। इस घटना ने एक बार फिर जिले में बाल विवाह और गरीबी के नाम पर बेटियों के साथ हो रहे शोषण की कड़वी सच्चाई को उजागर कर दिया है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed