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रायसेन जेल गोलीकांड: दो मिनट के फुटेज ने खोली साजिश की परतें, फरारी की पूरी कहानी कैमरे में कैद, देखें वीडियो

Sat, 12 Sep 2026 01:06 PM IST
रायसेन ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, रायसेन
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, रायसेन Published by: रायसेन ब्यूरो Updated Sat, 12 Sep 2026 01:06 PM IST
सार

नौ दिन पहले जिला जेल में हुए गोलीकांड का सीसीटीवी फुटेज सामने आया है। वीडियो में विचाराधीन कैदी जेल प्रहरी पर देसी कट्टे से हमला कर फरार होने की कोशिश करता दिख रहा है। फुटेज वायरल होने के बाद जेल की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।

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Raisen Jail Shooting: CCTV Leak Shows Undertrial Attacking Guard with Pistol, Attempting Escape After Firing
जेल से भागने के लिए कैदी का खूनी खेल - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

जिला जेल में 2 सितंबर को हुए सनसनीखेज गोलीकांड के नौ दिन बाद घटना का करीब दो मिनट का सीसीटीवी फुटेज सामने आने से हड़कंप मच गया है। फुटेज में विचाराधीन कैदी निलेश उर्फ छोटेल जेल प्रहरी पर हमला कर फरार होने की कोशिश करता दिखाई दे रहा है। सीसीटीवी फुटेज लीक होने के बाद जेल की सुरक्षा और रिकॉर्ड की गोपनीयता पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं।

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सीसीटीवी फुटेज में साफ दिखाई दे रहा है कि हत्या के मामले में बंद विचाराधीन कैदी निलेश उर्फ छोटेल पहले जेल प्रहरी दिग्विजय सिंह तोमर से चाबी को लेकर बातचीत करता है। प्रहरी के अंदर चले जाने के कुछ देर बाद निलेश हाथ में देसी कट्टा लेकर आता है और उन्हें धमकाता है। प्रहरी के विरोध करने पर दोनों के बीच हाथापाई होती है। इसी दौरान निलेश फायर कर देता है, जिससे गोली लगने पर प्रहरी जमीन पर गिर जाते हैं।
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फुटेज के मुताबिक आरोपी इसके बाद भी नहीं रुका। उसने घायल प्रहरी के सिर पर कट्टे की बट से दो बार वार किया और उनकी आंखों में मिर्च पाउडर डाल दिया। इसके बाद वह गेट की चाबी तलाशने लगा। इसी दौरान एक महिला कर्मचारी मौके पर पहुंचीं और जमीन पर पड़ा कट्टा उठा लिया। घायल होने के बावजूद प्रहरी दिग्विजय सिंह ने आरोपी को पकड़ लिया। शोर सुनकर अन्य जेलकर्मी भी मौके पर पहुंच गए और आरोपी को दबोच लिया। तलाशी के दौरान उसके पास से चार जिंदा कारतूस और एक मोबाइल फोन भी बरामद किया गया।
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पुलिस जांच में साजिश का खुलासा
पुलिस जांच में सामने आया है कि यह हमला अचानक नहीं हुआ था, बल्कि भागने की योजना के तहत किया गया था। निलेश करीब 11 महीने से रायसेन जेल में बंद है। वह पठारी के नेपाल सिंह हत्याकांड में विचाराधीन कैदी है, जबकि बरेली के राजकुमार राजपूत हत्याकांड में उसे सजा हो चुकी है। जेल में उसकी दोस्ती राहुल बेदी से हुई थी। पुलिस के अनुसार निलेश ने राहुल से जेल से भागने के लिए हथियार मंगवाने को कहा। जिलाबदर होने के कारण राहुल खुद नहीं आ सका, इसलिए उसने अपने साथी शुभम बेदी को इसके लिए तैयार किया।

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पुलिस के मुताबिक 19 अगस्त को निलेश के मामा सुपियार सिंह ने शुभम बेदी को 315 बोर का कट्टा और पांच कारतूस दिए। शुभम ने जेल की बाहरी दीवार के पास तय जगह पर पैकेट फेंक दिया, जिसे निलेश ने अंदर से उठाकर छिपा लिया। आरोप है कि 2 सितंबर को जेल अधीक्षक के छुट्टी पर होने का फायदा उठाकर निलेश फल खाने के बहाने मेन गेट तक पहुंचा और वारदात को अंजाम दिया।


कार्यवाहक जेल अधीक्षक निलंबित
घटना के बाद कार्यवाहक जेल अधीक्षक आरके चौरे को निलंबित कर दिया गया है। पुलिस ने निलेश, राहुल बेदी, शुभम बेदी और फरार मामा सुपियार सिंह के खिलाफ मामला दर्ज किया है। राहुल और शुभम पहले ही गिरफ्तार होकर जेल में हैं, जबकि सुपियार सिंह की तलाश जारी है।

जेलकर्मी के सोशल मीडिया पोस्ट के बाद फुटेज वायरल
वहीं जेल का गोपनीय सीसीटीवी फुटेज दूसरे जिले में पदस्थ जेलकर्मी विजय के सोशल मीडिया अकाउंट पर पोस्ट होने के बाद वायरल हो गया। इसके बाद जेल के आंतरिक सुरक्षा तंत्र और संवेदनशील सीसीटीवी रिकॉर्ड की गोपनीयता को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। फुटेज सोशल मीडिया तक कैसे पहुंचा और इसे पोस्ट करने के पीछे क्या वजह थी, यह भी जांच का विषय है।

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