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गद्दार पर सियासत: भाजपा ने जारी किया दिग्विजय के पिता का पत्र, कांग्रेस ने किया पलटवार

Mon, 06 Dec 2021 04:50 PM IST
रवींद्र भजनी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल Published by: रवींद्र भजनी Updated Mon, 06 Dec 2021 04:50 PM IST
सार

दिग्विजय के ज्योतिरादित्य सिंधिया को गद्दार कहने से शुरू हुई जुबानी जंग शांत नहीं हो रही है। भाजपा ने दिग्विजय के पिता का पत्र जारी किया है। यह दावा किया है कि दिग्विजय के परिवार ने अंग्रेजों की भक्ति की थी। 

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Politics on traitor: BJP issued letter of Digvijay's father, Congress retaliated
दिग्विजय सिंह (फाइल फोटो) - फोटो : ANI

विस्तार

मध्य प्रदेश में गद्दार के मुद्दे पर सियासत गरमा गई है। भाजपा ने दिग्विजय सिंह के पिता राजा बलभद्र सिंह के 16 सितंबर 1939 को अंग्रेजों को लिखे पत्र को जारी किया है। यह आरोप लगाया है कि दिग्विजय के परिवार की अंग्रेज भक्ति इस पत्र में दिखती है। कांग्रेस ने भी इन आरोपों पर पलटवार किया है। 
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भाजपा के पंकज चतुर्वेदी और दुर्गेश केसवानी ने सोमवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस की। इसमें उन्होंने दावा किया कि दिग्विजय सिंह के मुख्यमंत्री के कार्यकाल के दौरान पुरातत्व विभाग की प्रदर्शनी में उनके पिता का अंग्रेजों को लिखा पत्र शामिल किया गया था। इसमें दिग्विजय के परिवार की अंग्रेजों की भक्ति करने का पक्का सबूत है। पंकज चतुर्वेदी ने आरोप लगाया कि दिग्विजय सिंह जी, आपके परिवार का इतिहास गद्दारी से भरा हुआ है। साहस है तो इस पत्र से सामने आए सवालों का जवाब दें। 
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भाजपा के आरोप-
1.
दिग्विजय सिंह को अपने वंश पर घमंड है। जब देशभक्त अंग्रेजों की गोलियां खा रहे थे, तब दिग्विजय के पिता बलभद्र सिंह जी अपने वंशजों द्वारा अंग्रेजों की सेवा की दुहाई देकर अपने और अपने परिवार के लिए सुविधाओं की मांग कर रहे थे।
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2. बलभद्र सिंह जी ने 16 सितंबर 1939 को यह पत्र लिखा था। इसमें उन्होंने अपनी अंग्रेज भक्ति को दर्शाया था। यह पत्र कथित रूप से 2002 में भोपाल में पुरातत्व विभाग की प्रदर्शनी में रखा गया था। उस समय प्रदेश में दिग्विजय ही सीएम थे। 
3. इतिहासकार राजा रघुवीर सिंह जी के अनुसार दिग्विजय के पूर्वजों को मुगलों की वफादारी के बदले में राघोगढ़ मिला। पानीपत की तीसरी लड़ाई में राघोगढ़ के तत्कालीन राजा ने मराठा सेनापति सदाशिवराव भाऊ को सहयोग नहीं दिया था और मुगलों का साथ दिया था। 
4. प्रदर्शनी के दौरान इस पत्र पर चर्चा शुरू हुई तो उस समय के मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह भड़क गए थे। उन्होंने फौरन यह पत्र प्रदर्शनी से हटवा दिया था। तब तक राघोगढ़ की अंग्रेज भक्ति की काला देशद्रोही इतिहास सबके सामने आ चुका था। 


कांग्रेस का पलटवार
कांग्रेस प्रवक्ता केके मिश्रा ने भाजपा के आरोपों का जवाब दिया है। उन्होंने कहा कि पंकज चतुर्वेदी एक साल पहले कांग्रेस से भाजपा में गए हैं। वहां उन्हें अपनी काबिलियत साबित करना है। भाजपा से राजनीतिक सर्टिफिकेट लेना है। इस वजह से ऐसे आरोप लगा रहे हैं। पंकज चतुर्वेदी का कद इतना नहीं कि वे दिग्विजय सिंह पर आरोप लगाए। दिग्विजय सिंह पर हमला करना है तो सीधे मोहन भागवत करें। दिग्विजय सिंह पर हमला करने के लिए चतुर्वेदी को नया जन्म लेना पड़ेगा।  

 
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