{"_id":"6a8f392a13e5be20cc006c39","slug":"former-sarpanch-sentenced-to-30-days-imprisonment-for-embezzling-government-funds-financial-irregularities-worth-rs-530-lakh-mandla-news-c-1-1-noi1510-4656183-2026-08-27","type":"story","status":"publish","title_hn":"डिंडौरी: 9 लाख की सड़क में सिर्फ 1.70 लाख का काम, सरकारी राशि गबन के आरोप में पूर्व सरपंच को 30 दिन की जेल","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
डिंडौरी: 9 लाख की सड़क में सिर्फ 1.70 लाख का काम, सरकारी राशि गबन के आरोप में पूर्व सरपंच को 30 दिन की जेल
Thu, 27 Aug 2026 03:30 PM IST
मंडला ब्यूरो
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, डिंडौरी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, डिंडौरी
Published by: मंडला ब्यूरो
Updated Thu, 27 Aug 2026 03:30 PM IST
सार
ग्राम पंचायत कसईसोंढा में सीसी रोड निर्माण की सरकारी राशि में अनियमितता के मामले में प्रशासन ने सख्त कार्रवाई की है। 5.30 लाख रुपए की गड़बड़ी के मामले में पूर्व सरपंच द्वारा रुपए जमा नहीं कराए जाने पर अब 30 दिन जेल में रखने के आदेश जारी किए गए हैं।
विज्ञापन
सरकारी राशि के गबन में पूर्व सरपंच को 30 दिन की जेल, 5.30 लाख की वित्तीय गड़बड़ी का मामला
विस्तार
जनपद पंचायत डिंडौरी की ग्राम पंचायत कसईसोंढा में सरकारी राशि के कथित गबन और वित्तीय अनियमितता के मामले में पूर्व सरपंच नोखेलाल परस्ते के खिलाफ सख्त कार्रवाई की गई है। जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी दिव्यांशु चौधरी ने मंगलवार को आदेश जारी कर पूर्व सरपंच को 30 दिनों तक जेल में रखने के निर्देश दिए हैं। यह कार्रवाई निर्धारित राशि सरकारी खजाने में जमा नहीं करने के बाद की गई है।
मामला वर्ष 2021 में आदिवासी विकास परियोजना के तहत स्वीकृत सीसी रोड निर्माण से जुड़ा है। ग्राम पंचायत कसईसोंढा में प्राथमिक शाला भवन से अनुसुईया के घर तक नीचे टोला में सड़क निर्माण के लिए 9 लाख रुपए स्वीकृत किए गए थे। इसमें से पंचायत स्तर पर 7 लाख रुपए की राशि निकाली गई। बाद में जांच और मूल्यांकन कराया गया तो मौके पर महज 1.70 लाख रुपए का ही काम पाया गया। इस तरह करीब 5.30 लाख रुपए की वित्तीय अनियमितता सामने आई।
मामले में मध्यप्रदेश पंचायत राज एवं ग्राम स्वराज अधिनियम, 1993 की धारा 89 के तहत कार्रवाई की गई। पूर्व सचिव ने अपने हिस्से की 2.65 लाख रुपए की राशि 14 फरवरी 2025 को सरकारी खजाने में जमा कर दी। वहीं पूर्व सरपंच नोखेलाल परस्ते से भी 2.65 लाख रुपए की वसूली के लिए अधिनियम की धारा 92 के तहत कार्रवाई शुरू की गई।
विज्ञापन
ये भी पढ़ें: जबलपुर: पहले मुनाफा देकर भरोसा जीता, फिर लगाई 37 लाख की चपत, टेलीग्राम के जरिये चला साइबर ठगी का खेल
जिला पंचायत की ओर से 29 जनवरी को जारी अंतिम आदेश में पूर्व सरपंच को 15 दिनों के भीतर 2.65 लाख रुपए सरकारी खजाने में जमा करने के निर्देश दिए गए थे। निर्धारित अवधि बीत जाने के बावजूद राशि जमा नहीं की गई। इसके बाद अब बकाया राशि की वसूली सुनिश्चित करने के लिए पूर्व सरपंच नोखेलाल परस्ते को पकड़े जाने की तारीख से 30 दिनों तक जेल में रखने के निर्देश जारी किए गए हैं।
हालांकि आदेश में यह स्पष्ट नहीं किया गया है कि पूर्व सरपंच को किस स्थान पर रखा जाएगा। इस संबंध में जिला पंचायत की ओर से पुलिस अधीक्षक को पत्र भेजकर आवश्यक कार्रवाई के लिए कहा गया है। प्रशासन की इस कार्रवाई के बाद पंचायत स्तर पर सरकारी राशि के इस्तेमाल और निर्माण कार्यों की गुणवत्ता को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं।
विज्ञापन
मामला वर्ष 2021 में आदिवासी विकास परियोजना के तहत स्वीकृत सीसी रोड निर्माण से जुड़ा है। ग्राम पंचायत कसईसोंढा में प्राथमिक शाला भवन से अनुसुईया के घर तक नीचे टोला में सड़क निर्माण के लिए 9 लाख रुपए स्वीकृत किए गए थे। इसमें से पंचायत स्तर पर 7 लाख रुपए की राशि निकाली गई। बाद में जांच और मूल्यांकन कराया गया तो मौके पर महज 1.70 लाख रुपए का ही काम पाया गया। इस तरह करीब 5.30 लाख रुपए की वित्तीय अनियमितता सामने आई।
विज्ञापन
मामले में मध्यप्रदेश पंचायत राज एवं ग्राम स्वराज अधिनियम, 1993 की धारा 89 के तहत कार्रवाई की गई। पूर्व सचिव ने अपने हिस्से की 2.65 लाख रुपए की राशि 14 फरवरी 2025 को सरकारी खजाने में जमा कर दी। वहीं पूर्व सरपंच नोखेलाल परस्ते से भी 2.65 लाख रुपए की वसूली के लिए अधिनियम की धारा 92 के तहत कार्रवाई शुरू की गई।
विज्ञापन
ये भी पढ़ें: जबलपुर: पहले मुनाफा देकर भरोसा जीता, फिर लगाई 37 लाख की चपत, टेलीग्राम के जरिये चला साइबर ठगी का खेल
जिला पंचायत की ओर से 29 जनवरी को जारी अंतिम आदेश में पूर्व सरपंच को 15 दिनों के भीतर 2.65 लाख रुपए सरकारी खजाने में जमा करने के निर्देश दिए गए थे। निर्धारित अवधि बीत जाने के बावजूद राशि जमा नहीं की गई। इसके बाद अब बकाया राशि की वसूली सुनिश्चित करने के लिए पूर्व सरपंच नोखेलाल परस्ते को पकड़े जाने की तारीख से 30 दिनों तक जेल में रखने के निर्देश जारी किए गए हैं।
हालांकि आदेश में यह स्पष्ट नहीं किया गया है कि पूर्व सरपंच को किस स्थान पर रखा जाएगा। इस संबंध में जिला पंचायत की ओर से पुलिस अधीक्षक को पत्र भेजकर आवश्यक कार्रवाई के लिए कहा गया है। प्रशासन की इस कार्रवाई के बाद पंचायत स्तर पर सरकारी राशि के इस्तेमाल और निर्माण कार्यों की गुणवत्ता को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं।
