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Police Gender Change: महिला आरक्षक को लिंग परिवर्तन कर पुरुष बनने की अनुमति, मध्य प्रदेश का पहला मामला

Wed, 01 Dec 2021 12:11 PM IST
रवींद्र भजनी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल Published by: रवींद्र भजनी Updated Wed, 01 Dec 2021 12:11 PM IST
सार

राष्ट्रीय स्तर के मनोचिकित्सकों से कराई गई थी जांच। इस आधार पर बचपन से जेंडर आइडेंटिटी डिसऑर्डर की पुष्टि हुई। मध्य प्रदेश में गृह विभाग ने पहली बार किसी आरक्षक को लिंग परिवर्तन करने की अनुमति दी है। 
 

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Police Gender Change: Female constable allowed to become male by changing gender, first case of Madhya Pradesh
Madhya Pradesh Police - फोटो : social media

विस्तार

मध्य प्रदेश में गृह विभाग ने पहली बार किसी पुलिस आरक्षक को लिंग परिवर्तन की अनुमति दी है। जिसे अनुमति दी गई है, वह एक महिला आरक्षक है। उसने पुरुष बनने के लिए लिंग परिवर्तन कराने की अनुमति मांगी थी। राष्ट्रीय स्तर के मनोचिकित्सकों ने इस बात की पुष्टि की है कि महिला आरक्षक को बचपन से ही जेंडर आइडेंटिटी संबंधी डिसऑर्डर रहा है। 
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प्राप्त जानकारी के अनुसार अनिता (परिवर्तित नाम) महिला आरक्षक के तौर पर पदस्थ है। उसे पुलिस महानिदेशक ने लिंग परिवर्तन करवाने की अनुमति दी है। अमिता ने अपने जिले में पुरुषों की तरह पुलिस के काम किए हैं। साथ ही विधिवत आवेदन दिया। शपथ पत्र पेश किया। भारत सरकार के राजपत्र में 2019 में लिंग बदलने की मंशा की अधिसूचना प्रकाशित की थी। इसके बाद ही आवेदन पुलिस मुख्यालय को भेजा गया था। पुलिस मुख्यालय ने इस आवेदन पर गृह विभाग से अनुमति मांगी थी। विधि विभाग ने गृह विभाग को दिए परामर्श में कहा था कि भारतीय नागरिक को उसके धर्म या जाति पर ध्यान दिए बिना अपने लिंग का चुनाव करने की स्वतंत्रता है। इसके बाद अनिता को लिंग परिवर्तन की अनुमति देने में कोई दिक्कत नहीं है।   
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महाराष्ट्र में आया था पहला केस
पांच साल पहले बीड की 29 वर्षीय महिला कांस्टेबल ललिता साल्वे ने लिंग परिवर्तन की अनुमति मांगी थी। वह देश का पहला केस था। तमाम कानूनी अड़चनों को दूर करने के बाद ललिता साल्वे से ललित साल्वे बन गई थी। इस कानूनी प्रक्रिया में उसे दो-तीन साल लग गए थे। 
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