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MP News: गर्भवती को अस्पताल ले जा रही एंबुलेंस का बीच रास्ते डीजल खत्म, टॉर्च की रोशनी में प्रसव
Sun, 30 Oct 2022 08:52 AM IST
अंकिता विश्वकर्मा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पन्ना
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पन्ना
Published by: अंकिता विश्वकर्मा
Updated Sun, 30 Oct 2022 08:52 AM IST
सार
पन्ना जिले के शाहनगर के बनौली में टॉर्च की रोशनी में प्रसव कराने का मामला सामने आया है। यहां गर्भवती महिला को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले जा रही एंबुलेंस का डीजल रास्ते में ही खत्म हो गया था।
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टॉर्ज की रोशनी में कराया गया प्रसव
- फोटो : सोशल मीडिया
विस्तार
मध्यप्रदेश सरकार हर साल स्वास्थ्य सेवाओं को दुरुस्त रखने के लिए लाखों रुपये के बजट की घोषणा करती है, लेकिन स्वास्थ्य सेवाएं किस हद तक खराब हैं, इसकी तस्वीरें रोज प्रदेश के किसी न किसी जिले में नजर आ ही जाती हैं। हाल ही में पन्ना जिले में भी बदहाल स्वास्थ्य सेवा का एक नजारा देखने को मिला, जहां एक गर्भवती महिला का टॉर्च की रोशनी में प्रसव कराया गया।
जानकारी के अनुसार शुक्रवार को पन्ना जिले के शाहनगर क्षेत्र के बनौली में एक गर्भवती महिला को प्रसव वेदना होने पर उसके परिजनों ने एंबुलेंस को बुलाया था, एंबुलेंस गर्भवती को लेकर अस्पताल के लिए रवाना हुई तो रास्ते में वाहन का डीजल खत्म हो गया। मजबूरी में परिवार को गर्भवती महिला की बीच रास्ते में ही टॉर्च की रोशनी में डिलीवरी करानी पड़ी।
दरअसल बनौली गांव निवासी रेश्मा को प्रसव पीड़ा होने पर परिजनों ने 108 एंबुलेंस को फोन कर बुलाया था। एंबुलेंस गांव पहुंची और महिला शाहनगर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के लिए लेकर रवाना हुई, लेकिन सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचने से पहले ही बीच रास्ते में डीजल खत्म हो गया और एंबुलेंस एक सुनसान सड़क पर बंद हो गई। रास्ते में मदद के लिए भी कोई नहीं था, मजबूरी में रेशमा ने टॉर्च की रोशनी में बच्चे को जन्म दिया।
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प्रदेश में हर दिन बदहाल स्वास्थ्य सेवा के मामले सामने आ रहे हैं। कुछ वक्त पहले छतरपुर में एक बच्ची की मौत के बाद शव को ले जाने के लिए एंबुलेंस नहीं मिली थी, जिसके बाद उसका मामा उसे गोद में लेकर रास्ते में मदद के लिए भटकता रहा, बाद में बस से किसी तरह शव को गांव लेकर पहुंचा था, वहीं सिंगरौली में भी इसी तरह का मामला देखने मिला था, जहां एक पिता, नवजात बच्चे के शव को बाइक की डिक्की में रखकर गांव ले गया था, बच्चे का शव घर ले जाने के लिए परिजनों को शव वाहन नहीं मिला था।
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जानकारी के अनुसार शुक्रवार को पन्ना जिले के शाहनगर क्षेत्र के बनौली में एक गर्भवती महिला को प्रसव वेदना होने पर उसके परिजनों ने एंबुलेंस को बुलाया था, एंबुलेंस गर्भवती को लेकर अस्पताल के लिए रवाना हुई तो रास्ते में वाहन का डीजल खत्म हो गया। मजबूरी में परिवार को गर्भवती महिला की बीच रास्ते में ही टॉर्च की रोशनी में डिलीवरी करानी पड़ी।
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दरअसल बनौली गांव निवासी रेश्मा को प्रसव पीड़ा होने पर परिजनों ने 108 एंबुलेंस को फोन कर बुलाया था। एंबुलेंस गांव पहुंची और महिला शाहनगर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के लिए लेकर रवाना हुई, लेकिन सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचने से पहले ही बीच रास्ते में डीजल खत्म हो गया और एंबुलेंस एक सुनसान सड़क पर बंद हो गई। रास्ते में मदद के लिए भी कोई नहीं था, मजबूरी में रेशमा ने टॉर्च की रोशनी में बच्चे को जन्म दिया।
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प्रदेश में हर दिन बदहाल स्वास्थ्य सेवा के मामले सामने आ रहे हैं। कुछ वक्त पहले छतरपुर में एक बच्ची की मौत के बाद शव को ले जाने के लिए एंबुलेंस नहीं मिली थी, जिसके बाद उसका मामा उसे गोद में लेकर रास्ते में मदद के लिए भटकता रहा, बाद में बस से किसी तरह शव को गांव लेकर पहुंचा था, वहीं सिंगरौली में भी इसी तरह का मामला देखने मिला था, जहां एक पिता, नवजात बच्चे के शव को बाइक की डिक्की में रखकर गांव ले गया था, बच्चे का शव घर ले जाने के लिए परिजनों को शव वाहन नहीं मिला था।
