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खंडवा: ओंकारेश्वर में कचरे के ढेर में लगी आग, धुएं से लोगों का सांस लेना हुआ मुश्किल
Sat, 03 Oct 2026 07:58 PM IST
खंडवा ब्यूरो
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, ओंकारेश्वर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, ओंकारेश्वर
Published by: खंडवा ब्यूरो
Updated Sat, 03 Oct 2026 07:58 PM IST
सार
ओंकारेश्वर के ट्रेंचिंग ग्राउंड में कचरे में आग लगने से आसपास के क्षेत्रों में धुआं फैल गया। स्थानीय लोगों ने आंखों और गले में जलन के साथ सांस लेने में परेशानी बताई। नागरिकों ने कचरे के वैज्ञानिक निपटान की व्यवस्था की मांग की।
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नगर परिषद के ट्रेंचिंग ग्राउंड में कचरे में आग लग गई।
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
तीर्थनगरी ओंकारेश्वर में नवीन बस स्टैंड के आगे नहर किनारे रघुवंशी धर्मशाला और श्री दादाजी कृषि फार्म के पास स्थित नगर परिषद के ट्रेंचिंग ग्राउंड में कचरे में आग लग गई। आग से उठने वाला धुआं आसपास के क्षेत्रों में फैल गया। धुएं के कारण स्थानीय लोगों ने आंखों में जलन, गले में खराश और सांस लेने में परेशानी की शिकायत की।
जानकारी के अनुसार नगर परिषद द्वारा शहर से निकलने वाला कचरा नवीन बस स्टैंड के आगे स्थित ट्रेंचिंग ग्राउंड में एकत्रित किया जाता है। यहां घरेलू कचरे के साथ पॉलिथीन, प्लास्टिक और अन्य सामग्री भी जमा रहती है। कचरे में लगी आग धीरे-धीरे फैल गई और ट्रेंचिंग ग्राउंड में जमा कचरे के बड़े हिस्से को अपनी चपेट में ले लिया।
धुएं से लोगों को हुई परेशानी
आग से निकलने वाला धुआं हवा के साथ आसपास के इलाकों तक पहुंच गया। सड़क और रहवासी क्षेत्रों के आसपास काफी देर तक धुआं दिखाई देता रहा। स्थानीय लोगों का कहना है कि धुएं के कारण आंखों में जलन और गले में खराश के साथ कुछ समय के लिए सांस लेने में भी परेशानी हुई।
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श्री दादाजी दरबार कृषि फार्म के व्यवस्थापक गोपाल ने बताया कि ट्रेंचिंग ग्राउंड में लगी आग के धुएं से आसपास के लोग परेशान हैं। कचरे में पॉलिथीन, प्लास्टिक सहित कई तरह की सामग्री मौजूद रहती है। इसे जलाने से निकलने वाला धुआं वातावरण को प्रदूषित करने के साथ लोगों के लिए परेशानी का कारण बन सकता है। उन्होंने कहा कि कचरे के निपटान के लिए नगर परिषद को वैज्ञानिक व्यवस्था अपनानी चाहिए।
वैज्ञानिक तरीके से कचरा निपटाने की मांग
स्थानीय नागरिकों का कहना है कि शहर से निकलने वाले कचरे का व्यवस्थित और वैज्ञानिक तरीके से निपटान किया जाना चाहिए। गीले और सूखे कचरे को अलग करने के साथ जैविक कचरे से खाद बनाने तथा प्लास्टिक और अन्य अनुपयोगी सामग्री के सुरक्षित निपटान की व्यवस्था होनी चाहिए।
लोगों का कहना है कि ओंकारेश्वर धार्मिक और पर्यटन की दृष्टि से महत्वपूर्ण तीर्थनगरी है। यहां देशभर से श्रद्धालु पहुंचते हैं। ऐसे में शहर के आसपास कचरा जमा होना और उसमें आग लगने से धुआं फैलना पर्यावरण के साथ-साथ स्वच्छता व्यवस्था पर भी सवाल खड़े करता है।
ये भी पढ़ें- इंदौर: सड़क के गड्ढे से हिला टैंकर, ढक्कन के पास से छलका केमिकल; कई वाहन चालकों को हुई परेशानी
नगर परिषद के जवाब का इंतजार
इस मामले में ओंकारेश्वर नगर परिषद की सीएमओ मोनिका पारधि से मोबाइल पर संपर्क करने का प्रयास किया गया, लेकिन उन्होंने फोन नहीं उठाया। इसके बाद पुनासा एसडीएम आईएएस पंकज वर्मा से मोबाइल पर चर्चा कर समस्या की जानकारी दी गई। एसडीएम ने कहा कि वह नगर परिषद की सीएमओ से इस संबंध में चर्चा करेंगे।
स्थानीय नागरिकों का कहना है कि केवल शहर से कचरा उठाकर ट्रेंचिंग ग्राउंड में जमा करना पर्याप्त नहीं है। कचरे के अंतिम निपटान की स्थायी व्यवस्था भी जरूरी है। खासकर पॉलिथीन और प्लास्टिक को खुले में जलाने के बजाय अलग कर सुरक्षित तरीके से निपटाने की व्यवस्था की जानी चाहिए। नागरिकों ने नगर परिषद और प्रशासन से मांग की है कि ट्रेंचिंग ग्राउंड में आग लगने की घटना को गंभीरता से लिया जाए और भविष्य में कचरा जलाने की स्थिति उत्पन्न न हो, इसके लिए स्थायी व्यवस्था बनाई जाए। साथ ही जमा कचरे का वैज्ञानिक तरीके से निपटान कर जैविक कचरे से खाद बनाने की व्यवस्था विकसित की जाए।
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जानकारी के अनुसार नगर परिषद द्वारा शहर से निकलने वाला कचरा नवीन बस स्टैंड के आगे स्थित ट्रेंचिंग ग्राउंड में एकत्रित किया जाता है। यहां घरेलू कचरे के साथ पॉलिथीन, प्लास्टिक और अन्य सामग्री भी जमा रहती है। कचरे में लगी आग धीरे-धीरे फैल गई और ट्रेंचिंग ग्राउंड में जमा कचरे के बड़े हिस्से को अपनी चपेट में ले लिया।
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धुएं से लोगों को हुई परेशानी
आग से निकलने वाला धुआं हवा के साथ आसपास के इलाकों तक पहुंच गया। सड़क और रहवासी क्षेत्रों के आसपास काफी देर तक धुआं दिखाई देता रहा। स्थानीय लोगों का कहना है कि धुएं के कारण आंखों में जलन और गले में खराश के साथ कुछ समय के लिए सांस लेने में भी परेशानी हुई।
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श्री दादाजी दरबार कृषि फार्म के व्यवस्थापक गोपाल ने बताया कि ट्रेंचिंग ग्राउंड में लगी आग के धुएं से आसपास के लोग परेशान हैं। कचरे में पॉलिथीन, प्लास्टिक सहित कई तरह की सामग्री मौजूद रहती है। इसे जलाने से निकलने वाला धुआं वातावरण को प्रदूषित करने के साथ लोगों के लिए परेशानी का कारण बन सकता है। उन्होंने कहा कि कचरे के निपटान के लिए नगर परिषद को वैज्ञानिक व्यवस्था अपनानी चाहिए।
वैज्ञानिक तरीके से कचरा निपटाने की मांग
स्थानीय नागरिकों का कहना है कि शहर से निकलने वाले कचरे का व्यवस्थित और वैज्ञानिक तरीके से निपटान किया जाना चाहिए। गीले और सूखे कचरे को अलग करने के साथ जैविक कचरे से खाद बनाने तथा प्लास्टिक और अन्य अनुपयोगी सामग्री के सुरक्षित निपटान की व्यवस्था होनी चाहिए।
लोगों का कहना है कि ओंकारेश्वर धार्मिक और पर्यटन की दृष्टि से महत्वपूर्ण तीर्थनगरी है। यहां देशभर से श्रद्धालु पहुंचते हैं। ऐसे में शहर के आसपास कचरा जमा होना और उसमें आग लगने से धुआं फैलना पर्यावरण के साथ-साथ स्वच्छता व्यवस्था पर भी सवाल खड़े करता है।
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नगर परिषद के जवाब का इंतजार
इस मामले में ओंकारेश्वर नगर परिषद की सीएमओ मोनिका पारधि से मोबाइल पर संपर्क करने का प्रयास किया गया, लेकिन उन्होंने फोन नहीं उठाया। इसके बाद पुनासा एसडीएम आईएएस पंकज वर्मा से मोबाइल पर चर्चा कर समस्या की जानकारी दी गई। एसडीएम ने कहा कि वह नगर परिषद की सीएमओ से इस संबंध में चर्चा करेंगे।
स्थानीय नागरिकों का कहना है कि केवल शहर से कचरा उठाकर ट्रेंचिंग ग्राउंड में जमा करना पर्याप्त नहीं है। कचरे के अंतिम निपटान की स्थायी व्यवस्था भी जरूरी है। खासकर पॉलिथीन और प्लास्टिक को खुले में जलाने के बजाय अलग कर सुरक्षित तरीके से निपटाने की व्यवस्था की जानी चाहिए। नागरिकों ने नगर परिषद और प्रशासन से मांग की है कि ट्रेंचिंग ग्राउंड में आग लगने की घटना को गंभीरता से लिया जाए और भविष्य में कचरा जलाने की स्थिति उत्पन्न न हो, इसके लिए स्थायी व्यवस्था बनाई जाए। साथ ही जमा कचरे का वैज्ञानिक तरीके से निपटान कर जैविक कचरे से खाद बनाने की व्यवस्था विकसित की जाए।
