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Neemuch: शिक्षक ने सियार को बेरहमी से उतारा मौत के घाट, कहा- नहीं मारता तो जंगली जानवर मुझे मार डालता
Thu, 24 Aug 2023 02:27 PM IST
अंकिता विश्वकर्मा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नीमच
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नीमच
Published by: अंकिता विश्वकर्मा
Updated Thu, 24 Aug 2023 02:27 PM IST
सार
Neemuch News: नीमच के मनासा में एक शिक्षक ने सियार की पीट-पीटकर बेरहमी से हत्या कर दी। शिक्षक अपने खेत जा रहा था इसी दौरान उसने शिक्षक पर हमला कर उसे काट लिया। बाद में शिक्षक ने उसकी गर्दन पकड़कर कुछ लोगों की मदद से पीट-पीटकर उसकी जान ले ली।
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फाइल फोटो
- फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
नीमच जिले की मनासा विधानसभा क्षेत्र के ग्राम पिपलिया रावजी में एक शिक्षक पर जब सियार ने हमला किया तो गुस्साए शिक्षक ने उसकी हत्या कर दी। इसके बाद उसके शव को बाइक पर बांधकर घसीटते हुए मनासा अस्पताल उपचार के लिए पहुंचे। शिक्षक भंवरलाल चौधरी गांव उच्चेड़ शासकीय माध्यमिक स्कूल में सहायक शिक्षक के पद पर पदस्थ है। घटना उस समय की है जब शिक्षक भंवरलाल अपने खेत पर जा रहा थे। इसी दौरान जंगली जानवर सियार ने उन पर हमला कर उन्हें काट लिया। इसके बाद तो शिक्षक ने सियार की गर्दन पकड़ी और उसे करीब 400 मीटर दूर अरनिया मामा देव रोड़ तक लाए और फिर पीट-पीटकर हत्या कर दी।
शिक्षक का कहना है कि घटनास्थल पर मुझे सियार के हमले से बचाने के लिए कोई नहीं था। अरनिया मामा देव रोड पर पहुंचने पर कुछ लोगों की मदद से उसने सियार को पीट-पीटकर मौत के घाट उतार दिया। इसके बाद सियार के शव को अपनी बाइक के पीछे रस्सी से बांधा और घसीटते हुए मनासा के शासकीय चिकित्सालय पहुंचे। यहां अपना इलाज करवाया। पूरा घटनाक्रम डॉक्टरों और बाकी लोगों को बताया।
शिक्षक ने बताई हमले की कहानी
भंवरलाल चौधरी ने बताया कि कुएं पर जाते वक्त सियार ने मुझ पर हमला कर दिया। जिसके बाद मैंने उसकी गर्दन पकड़ ली और घसीटते हुए उसे करीब 400 मीटर दूर अरनिया मामादेव रोड़ पर लाया। यहां घंटे तक परेशान होता रहा। इसके बाद लोगों के सहयोग से मैंने सियार को मार डाला। जिन लोगों ने मेरी मदद की मैं उनका शुक्र गुजार हूं। उसे मैं नहीं मारता तो वह मुझे मार देता ।
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शिक्षक खतरे से बाहर
मनासा अस्पताल के बीएमओ डॉ. बी एल भायल ने बताया कि शिक्षक भंवरलाल चौधरी उच्चेड़ को जंगली जानवर सियार ने काट लिया था। उनका उपचार किया गया है। खतरे की कोई बात नहीं है ।
अपराध किया है तो कार्रवाई करेंगे
वन विभाग के अधिकारी आरआर परमार ने बताया कि मामला मेरे संज्ञान में है। यदि अपराध किया है तो संबंधित पर वन्य प्राणी संरक्षण अधिनियम की धारा के तहत वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।
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शिक्षक का कहना है कि घटनास्थल पर मुझे सियार के हमले से बचाने के लिए कोई नहीं था। अरनिया मामा देव रोड पर पहुंचने पर कुछ लोगों की मदद से उसने सियार को पीट-पीटकर मौत के घाट उतार दिया। इसके बाद सियार के शव को अपनी बाइक के पीछे रस्सी से बांधा और घसीटते हुए मनासा के शासकीय चिकित्सालय पहुंचे। यहां अपना इलाज करवाया। पूरा घटनाक्रम डॉक्टरों और बाकी लोगों को बताया।
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शिक्षक ने बताई हमले की कहानी
भंवरलाल चौधरी ने बताया कि कुएं पर जाते वक्त सियार ने मुझ पर हमला कर दिया। जिसके बाद मैंने उसकी गर्दन पकड़ ली और घसीटते हुए उसे करीब 400 मीटर दूर अरनिया मामादेव रोड़ पर लाया। यहां घंटे तक परेशान होता रहा। इसके बाद लोगों के सहयोग से मैंने सियार को मार डाला। जिन लोगों ने मेरी मदद की मैं उनका शुक्र गुजार हूं। उसे मैं नहीं मारता तो वह मुझे मार देता ।
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शिक्षक खतरे से बाहर
मनासा अस्पताल के बीएमओ डॉ. बी एल भायल ने बताया कि शिक्षक भंवरलाल चौधरी उच्चेड़ को जंगली जानवर सियार ने काट लिया था। उनका उपचार किया गया है। खतरे की कोई बात नहीं है ।
अपराध किया है तो कार्रवाई करेंगे
वन विभाग के अधिकारी आरआर परमार ने बताया कि मामला मेरे संज्ञान में है। यदि अपराध किया है तो संबंधित पर वन्य प्राणी संरक्षण अधिनियम की धारा के तहत वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।
