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MP Panchayat Election: पंचायत चुनावों में हिंदुओं पर फोकस, कमलनाथ बोले- मुझे हिंदू होने पर गर्व, पर मैं बेवकूफ नहीं
Sun, 29 May 2022 03:48 PM IST
आनंद पवार
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
Published by: आनंद पवार
Updated Sun, 29 May 2022 03:48 PM IST
सार
मध्य प्रदेश में पंचायत चुनाव की तारीखों के ऐलान हो चुका है। इसके साथ ही राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप तेज हो गए हैं। कमलनाथ ने बीजेपी पर ओबीसी वर्ग को आरक्षण में धोखा देने का आरोप लगाया। साथी ही कहा कि मैं गर्व से कह रहा हूं कि मैं हिंदू हूं, लेकिन बेवकूफ नहीं हूं।
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कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष कमलनाथ
- फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने कहा मैं गर्व से कह रहा हूं कि मैं हिंदू हूं, लेकिन बेवकूफ नहीं हूं। हर जगह विवाद हो रहा है। अब भाषा विवाद तमिलनाडु में शुरू हो गया, हमें राजनीतिक परिवर्तन को दूसरों को समझाना है।
कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष कमलनाथ ने कहा कि ग्राम पंचायत चुनाव में मध्य प्रदेश की शिवराज सरकार ने अन्य पिछड़ा वर्ग के साथ अन्याय किया है। अब तक जो स्थिति सामने आई है, उसमें पिछड़ा वर्ग को मुश्किल से 9 से 10 प्रतिशत आरक्षण मिलता हुआ दिखाई दे रहा है। जबकि 1993 के पंचायत चुनाव अधिनियम में स्पष्ट प्रावधान है कि यदि किसी जगह पर अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति की कुल आबादी 50% से कम है तो वहां भी ओबीसी को 25% आरक्षण दिया जाएगा।
कमलनाथ ने कहा कि शिवराज सिंह चौहान सरकार का रवैया पूरी तरह ओबीसी विरोधी रहा है। उन्होंने कहा कि ओबीसी आरक्षण का जो प्रस्ताव विधानसभा में पास हुआ था, वह कांग्रेस पार्टी के दबाव में पास किया गया था और शिवराज सरकार की मंशा उस प्रस्ताव को पास करने की नहीं थी। कमलनाथ ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद कांग्रेस पार्टी ने स्पष्ट मांग की थी कि विधानसभा का विशेष सत्र बुलाया जाए और उसमें पंचायत चुनाव में ओबीसी के आरक्षण के लिए संविधान संशोधन का प्रस्ताव पास किया जाए। उन्होंने कहा कि सुप्रीम कोर्ट के फैसले की आड़ लेना गलत है क्योंकि न्यायालय कानून के अनुसार काम करता है और जब आवश्यकता संविधान और कानून में बदलाव की होती है तो उसे विधायिका ही कर सकती है। वहीं,
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कमलनाथ ने विवेक तन्खा को राज्यसभा का कांग्रेस प्रत्याशी बनाए जाने के सवाल पर कहा कि विवेक तन्खा कांग्रेस पार्टी के प्रतिबद्ध नेता हैं। वे मध्य प्रदेश के सबसे कम उम्र के एडवोकेट जनरल रहे हैं। कांग्रेस पार्टी में परंपरा है कि किसी व्यक्ति को दो बार राज्यसभा का सदस्य बनाया जाता है। उसी परंपरा का पालन करते हुए तन्खा को दोबारा राज्यसभा का प्रत्याशी बनाया गया है।
वहीं, नगर निगम और नगर पालिका चुनाव में विधायकों को भी प्रत्याशी बनाने के सवाल पर कमलनाथ ने कहा कि विधायक या अन्य किसी भी व्यक्ति को इस आधार पर टिकट दिया जाएगा कि वह सर्वश्रेष्ठ प्रत्याशी है और चुनाव जीत सकता है। नेता प्रतिपक्ष गोविंद सिंह ने मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर उनकी सुरक्षा व्यवस्था को दुरुस्त करने की मांग करने के प्रश्न पर कमलनाथ ने कहा कि कानून के मुताबिक जो सुरक्षा नेता प्रतिपक्ष को मिलनी चाहिए वह सुरक्षा गोविंद सिंह को दी जाए।
मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान द्वारा बच्चों के लिए की गई कुछ घोषणाओं के सवाल पर कमलनाथ ने कहा कि शिवराज सिंह चौहान घोषणा करने में माहिर हैं। उनकी घोषणाओं पर व्यंग्य करते हुए कमलनाथ ने कहा कि जहां नदी नहीं है शिवराज सिंह चौहान वहां भी पुल बनाने की घोषणा कर सकते हैं।
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कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष कमलनाथ ने कहा कि ग्राम पंचायत चुनाव में मध्य प्रदेश की शिवराज सरकार ने अन्य पिछड़ा वर्ग के साथ अन्याय किया है। अब तक जो स्थिति सामने आई है, उसमें पिछड़ा वर्ग को मुश्किल से 9 से 10 प्रतिशत आरक्षण मिलता हुआ दिखाई दे रहा है। जबकि 1993 के पंचायत चुनाव अधिनियम में स्पष्ट प्रावधान है कि यदि किसी जगह पर अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति की कुल आबादी 50% से कम है तो वहां भी ओबीसी को 25% आरक्षण दिया जाएगा।
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कमलनाथ ने कहा कि शिवराज सिंह चौहान सरकार का रवैया पूरी तरह ओबीसी विरोधी रहा है। उन्होंने कहा कि ओबीसी आरक्षण का जो प्रस्ताव विधानसभा में पास हुआ था, वह कांग्रेस पार्टी के दबाव में पास किया गया था और शिवराज सरकार की मंशा उस प्रस्ताव को पास करने की नहीं थी। कमलनाथ ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद कांग्रेस पार्टी ने स्पष्ट मांग की थी कि विधानसभा का विशेष सत्र बुलाया जाए और उसमें पंचायत चुनाव में ओबीसी के आरक्षण के लिए संविधान संशोधन का प्रस्ताव पास किया जाए। उन्होंने कहा कि सुप्रीम कोर्ट के फैसले की आड़ लेना गलत है क्योंकि न्यायालय कानून के अनुसार काम करता है और जब आवश्यकता संविधान और कानून में बदलाव की होती है तो उसे विधायिका ही कर सकती है। वहीं,
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कमलनाथ ने विवेक तन्खा को राज्यसभा का कांग्रेस प्रत्याशी बनाए जाने के सवाल पर कहा कि विवेक तन्खा कांग्रेस पार्टी के प्रतिबद्ध नेता हैं। वे मध्य प्रदेश के सबसे कम उम्र के एडवोकेट जनरल रहे हैं। कांग्रेस पार्टी में परंपरा है कि किसी व्यक्ति को दो बार राज्यसभा का सदस्य बनाया जाता है। उसी परंपरा का पालन करते हुए तन्खा को दोबारा राज्यसभा का प्रत्याशी बनाया गया है।
वहीं, नगर निगम और नगर पालिका चुनाव में विधायकों को भी प्रत्याशी बनाने के सवाल पर कमलनाथ ने कहा कि विधायक या अन्य किसी भी व्यक्ति को इस आधार पर टिकट दिया जाएगा कि वह सर्वश्रेष्ठ प्रत्याशी है और चुनाव जीत सकता है। नेता प्रतिपक्ष गोविंद सिंह ने मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर उनकी सुरक्षा व्यवस्था को दुरुस्त करने की मांग करने के प्रश्न पर कमलनाथ ने कहा कि कानून के मुताबिक जो सुरक्षा नेता प्रतिपक्ष को मिलनी चाहिए वह सुरक्षा गोविंद सिंह को दी जाए।
मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान द्वारा बच्चों के लिए की गई कुछ घोषणाओं के सवाल पर कमलनाथ ने कहा कि शिवराज सिंह चौहान घोषणा करने में माहिर हैं। उनकी घोषणाओं पर व्यंग्य करते हुए कमलनाथ ने कहा कि जहां नदी नहीं है शिवराज सिंह चौहान वहां भी पुल बनाने की घोषणा कर सकते हैं।
