फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Madhya Pradesh ›   MP News: Maihar's Ramnagar Municipal Council President and councilor husband's election void

MP News: नगर परिषद अध्यक्ष और पार्षद पति का निर्वाचन शून्य, कोर्ट ने नामांकन में तथ्य छिपाने का आरोप सही पाया

Wed, 08 Nov 2023 10:52 PM IST
दिनेश शर्मा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सतना
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सतना Published by: दिनेश शर्मा Updated Wed, 08 Nov 2023 10:52 PM IST
सार

अमरपाटन की अदालत ने मैहर की रामनगर नगर परिषद की अध्यक्ष सुनीता पटेल और उनके पार्षद पति रामसुशील पटेल का निर्वाचन शून्य घोषित कर दिया है। अदालत के इस आदेश के बाद रामनगर नगर परिषद फिलहाल अध्यक्ष विहीन हो गई है और उसके दो वार्ड खाली हो गए हैं।

विज्ञापन
MP News: Maihar's Ramnagar Municipal Council President and councilor husband's election void
रामनगर नगर परिषद की अध्यक्ष सुनीता पटेल और उनके पार्षद पति रामसुशील पटेल - फोटो : सोशल मीडिया

विस्तार

चुनावी सरगर्मी के बीच भाजपा को झटका देने वाली खबर आई है। अमरपाटन की अदालत ने मैहर की रामनगर नगर परिषद की अध्यक्ष सुनीता पटेल और उनके पार्षद पति रामसुशील पटेल का निर्वाचन शून्य घोषित कर दिया है। रामसुशील रिश्ते में अमरपाटन से भाजपा के प्रत्याशी और राज्यमंत्री राम खेलावन पटेल के साढ़ू भाई हैं। अदालत के इस आदेश के बाद रामनगर नगर परिषद फिलहाल अध्यक्ष विहीन हो गई है और उसके दो वार्ड खाली हो गए हैं।
विज्ञापन


प्रथम अपर सत्र न्यायाधीश अमरपाटन दीपक शर्मा की अदालत ने रामनगर नगर परिषद की अध्यक्ष एवं वार्ड नंबर 2 की पार्षद सुनीता राम सुशील पटेल एवं उनके पति वार्ड नंबर 13 के पार्षद राम सुशील पटेल का निर्वाचन शून्य घोषित कर दिया है। दोनों के निर्वाचन को अलग-अलग याचिकाओं के जरिएअदालत में याचिकाकर्ता रामभुवन पटेल एवं प्रतिमा गुप्ता ने चुनौती दी थी। अदालत ने दोनों ही याचिकाओं पर बुधवार को एक ही दिन फैसला सुनाते हुए सुनीता और राम सुशील का निर्वाचन शून्य घोषित कर दिया। 
विज्ञापन


नामांकन पत्र में तथ्य छिपाने का आरोप 
याचिकाकर्ताओं ने रामसुशील और सुनीता पटेल पर नगरीय निकाय के चुनाव के दौरान दाखिल नामांकन पत्र में तथ्य छिपाने का आरोप लगाया था। रामभुवन ने अदालत को बताया था कि रामसुशील के विरुद्ध वर्ष 2016 में आर्थिक अपराध अन्वेषण ब्यूरो ने प्रकरण दर्ज कर 3 लाख 9 हजार 350 रुपये की राशि वसूली योग्य पाई थी। वर्ष 2018 में रामसुशील के विरुद्ध पीएम आवास योजना में अपात्रों को लाभ देने के मामले में 2 करोड़ 69 लाख रुपये के गबन का आरोप जांच में प्रमाणित पाया गया था। इस मामले में उसके खिलाफ रामनगर थाना में मुकदमा भी दर्ज हुआ था। इसके अलावा अंधियारी सागर बांध के निर्माण के दौरान भी अपात्र होने के बावजूद रामसुशील ने फर्जी तरीके से 8 लाख 27 हजार 496 रुपये मुआवजा शासन से प्राप्त किया था। इस राशि की वसूली के लिए कलेक्टर सतना ने कई नोटिसें दिए और कुर्की का आदेश भी दिया था। लेकिन रामसुशील ने अपने नामांकन और शपथ पत्र में इन घोटालों, मुकदमों और वसूली योग्य बकाया राशियों का उल्लेख नहीं किया।
विज्ञापन
विज्ञापन


वार्ड नंबर 2 से पार्षद पद का चुनाव जीतकर नगर परिषद रामनगर की अध्यक्ष बनीं रामसुशील की पत्नी सुनीता पटेल के विरुद्ध दायर चुनाव याचिका में याचिकाकर्ता प्रतिमा गुप्ता ने आरोप लगाया था कि सुनीता ने भी अपने नामांकन पत्र और शपथ पत्र में तथ्य छिपाए। उनके पति के ऊपर मुकदमे लंबित थे। उन्हें पीएम आवास योजना में गबन का दोषी पाया गया था और फर्जी तरीके से वसूला गया मुआवजा वसूली का नोटिस भी दिया गया था। चुनाव प्रक्रिया के दौरान रामसुशील और सुनीता पटेल के नामांकन पत्रों पर आपत्ति भी जताई गई थी, लेकिन रिटर्निंग अफसर ने तथ्यों पर ध्यान नहीं दिया और संतोषजनक निराकरण नहीं करते हुए दोनों के नामांकन स्वीकार कर लिए थे।
 
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed