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MP लाउडस्पीकर विवाद: जीतू पटवारी बोले- हनुमान चालीसा लाउडस्पीकर पर पढ़ने में कोई रोक टोक नहीं होना चाहिए
Mon, 25 Apr 2022 02:32 PM IST
आनंद पवार
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
Published by: आनंद पवार
Updated Mon, 25 Apr 2022 02:32 PM IST
सार
मध्य प्रदेश में लाउडस्पीकर को लेकर सियासत गरमा रही है। कांग्रेस में लाउडस्पीकर को लेकर एक राय नहीं है। लक्ष्मण सिंह ने लाउडस्पीकर पर प्रतिबंध लगाने की बात की। अब सोमवार को कांग्रेस विधायक और पूर्व मंत्री जीतू पटवारी ने कहा कि हनुमान चालीसा का पाठ लाउडस्पीकर पर पढ़ने में कोई रोक टोक नहीं होना चाहिए।
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जीतू पटवारी, कांग्रेस विधायक।
- फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
मध्य प्रदेश कांग्रेस में लाउडस्पीकर को लेकर एक राय नहीं है। लक्ष्मण सिंह ने लाउडस्पीकर पर प्रतिबंध लगाने की बात की। अब सोमवार को कांग्रेस विधायक और पूर्व मंत्री जीतू पटवारी ने कहा कि हनुमान चालीसा का पाठ लाउडस्पीकर पर पढ़ने में कोई रोक टोक नहीं होना चाहिए।
जीतू पटवारी ने मीडिया के सवाल के जवाब में कहा कि आस्थाओं को लेकर लाउडस्पीकर को लेकर जिस तरह की भावनाएं देश में बनाई जा रही हैं, यह देश के लिए अच्छी नहीं है। उन्होंने कहा कि हनुमान चालीसा का पाठ जरूरी है। मैं भी रोज करता हूं। रोज की मेरी आस्था का विषय है। मैं हर साल एक बड़ी हनुमान चालीसा लाउडस्पीकर पर ही कराता हूं। लाउडस्पीकर पर हनुमान चालीसा का पाठ करना कोई बुरी बात नहीं है, लेकिन यह कहना है कि ऐसा होगा तो ऐसा करेंगे। हनुमान चालीसा इसलिए पढ़ी जाती है कि समाज का, आपका भला हो। बजरंग बली मानव पर आशीर्वाद रखें। मैं मानता हूं कि किसी भी प्रकार का कुप्रबंधन जिससे कि समाज में विघटता आए, वह देश के हित में नहीं हो सकता। लेकिन हनुमान चालीसा लाउडस्पीकर पर पढ़ें इसमें कोई रोक टोक नहीं होनी चाहिए। वहीं अजान के लाउडस्पीकर को लेकर पूछे सवाल को जीतू पटवारी ने टाल दिया।
बता दें इससे पहले दिग्विजय सिंह के भाई और कांग्रेस विधायक लक्ष्मण सिंह ने कहा कि लाउडस्पीकर पर प्रतिबंध लगाना अच्छा निर्णय होगा। दंगे भी नहीं होंगे, जनता को राहत मिलेगी। न तो राम बहरे हैं न ही अल्लाह। जो शक्तियां दुनिया को पालती हैं, उन्हें कुछ मूर्ख क्या सुनाएंगे और सिखाएंगे?
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इससे पहले पूर्व मुख्यमंत्री उमा भारती ने भी उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ की के निर्णय का स्वागत किया था। उन्होंने कहा था कि बरातों के डीजे या किसी भी जुलूस के शोर एक समय तक हो एवं आवाज की सीमित सीमा तय हो तभी हम स्वस्थ समाज की रचना में योगदान दे पाएंगे। उन्होंने मध्य प्रदेश में यूपी जैसे निर्णय लेने की बात कही थी।
बता दें कुछ दिन पहले उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा था कि धार्मिक विचारधारा के अनुसार सभी को अपनी उपासना पद्धति को मानने की स्वतंत्रता है। लाउडस्पीकर का इस्तेमाल किया जा सकता है, लेकिन यह सुनिश्चित हो कि आवाज परिसर से बाहर न आए। लाउडस्पीकर विवाद की शुरुआत महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (मनसे) प्रमुख राज ठाकरे के बयान के बाद हुई थी। जिसमें ठाकरे ने महाराष्ट्र सरकार को चेताते हुए कहा था कि राज्य सरकार 3 मई तक मस्जिदों से लाउडस्पीकर हटवा दें। ऐसा नहीं होने पर मनसे कार्यकर्ता मस्जिदों के बाहर स्पीकर लगाएंगे और हनुमान चालीसा का पाठ करेंगे। इसके बाद देशभर में लाउडस्पीकर के शोर को लेकर बहस तेज हो गई।
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जीतू पटवारी ने मीडिया के सवाल के जवाब में कहा कि आस्थाओं को लेकर लाउडस्पीकर को लेकर जिस तरह की भावनाएं देश में बनाई जा रही हैं, यह देश के लिए अच्छी नहीं है। उन्होंने कहा कि हनुमान चालीसा का पाठ जरूरी है। मैं भी रोज करता हूं। रोज की मेरी आस्था का विषय है। मैं हर साल एक बड़ी हनुमान चालीसा लाउडस्पीकर पर ही कराता हूं। लाउडस्पीकर पर हनुमान चालीसा का पाठ करना कोई बुरी बात नहीं है, लेकिन यह कहना है कि ऐसा होगा तो ऐसा करेंगे। हनुमान चालीसा इसलिए पढ़ी जाती है कि समाज का, आपका भला हो। बजरंग बली मानव पर आशीर्वाद रखें। मैं मानता हूं कि किसी भी प्रकार का कुप्रबंधन जिससे कि समाज में विघटता आए, वह देश के हित में नहीं हो सकता। लेकिन हनुमान चालीसा लाउडस्पीकर पर पढ़ें इसमें कोई रोक टोक नहीं होनी चाहिए। वहीं अजान के लाउडस्पीकर को लेकर पूछे सवाल को जीतू पटवारी ने टाल दिया।
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बता दें इससे पहले दिग्विजय सिंह के भाई और कांग्रेस विधायक लक्ष्मण सिंह ने कहा कि लाउडस्पीकर पर प्रतिबंध लगाना अच्छा निर्णय होगा। दंगे भी नहीं होंगे, जनता को राहत मिलेगी। न तो राम बहरे हैं न ही अल्लाह। जो शक्तियां दुनिया को पालती हैं, उन्हें कुछ मूर्ख क्या सुनाएंगे और सिखाएंगे?
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इससे पहले पूर्व मुख्यमंत्री उमा भारती ने भी उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ की के निर्णय का स्वागत किया था। उन्होंने कहा था कि बरातों के डीजे या किसी भी जुलूस के शोर एक समय तक हो एवं आवाज की सीमित सीमा तय हो तभी हम स्वस्थ समाज की रचना में योगदान दे पाएंगे। उन्होंने मध्य प्रदेश में यूपी जैसे निर्णय लेने की बात कही थी।
बता दें कुछ दिन पहले उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा था कि धार्मिक विचारधारा के अनुसार सभी को अपनी उपासना पद्धति को मानने की स्वतंत्रता है। लाउडस्पीकर का इस्तेमाल किया जा सकता है, लेकिन यह सुनिश्चित हो कि आवाज परिसर से बाहर न आए। लाउडस्पीकर विवाद की शुरुआत महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (मनसे) प्रमुख राज ठाकरे के बयान के बाद हुई थी। जिसमें ठाकरे ने महाराष्ट्र सरकार को चेताते हुए कहा था कि राज्य सरकार 3 मई तक मस्जिदों से लाउडस्पीकर हटवा दें। ऐसा नहीं होने पर मनसे कार्यकर्ता मस्जिदों के बाहर स्पीकर लगाएंगे और हनुमान चालीसा का पाठ करेंगे। इसके बाद देशभर में लाउडस्पीकर के शोर को लेकर बहस तेज हो गई।
