फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Madhya Pradesh ›   MP High Court: Compensation amount should be withdrawn for filing false report of rape, High Court issued instructions to trial court

MP High Court: रेप की झूठी रिपोर्ट दर्ज करवाने पर वापस ली जाए मुआवजा राशि, ट्रायल कोर्ट को जारी किए हाईकोर्ट ने निर्देश

Fri, 20 May 2022 08:25 PM IST
दिनेश शर्मा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जबलपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जबलपुर Published by: दिनेश शर्मा Updated Fri, 20 May 2022 08:25 PM IST
सार

एकलपीठ ने अपने आदेश में कहा है कि पीड़िता ने स्वयं स्वीकार किया है कि उसने झूठी रिपोर्ट दर्ज करवाई है। टैक्सपेयर के रुपये से राज्य सरकार पीड़िता को मुआवजा राशि प्रदान करती है। मुआवजा राशि कोषागार में जमा करवाने के लिए पीड़िता को आदेश पारित करें।

विज्ञापन
MP High Court: Compensation amount should be withdrawn for filing false report of rape, High Court issued instructions to trial court
MP High Court Admit Card 2022 - फोटो : Social Media

विस्तार

मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने दुष्कर्म पीड़ित से सरकार द्वारा प्रदान की गई मुआवजा राशि वापस लेने के निर्देश ट्रायल कोर्ट को जारी किए हैं। हाईकोर्ट जस्टिस विवेक अग्रवाल की एकलपीठ ने जमानत याचिका की सुनवाई के दौरान पाया कि पीड़िता ने ट्रायल में आरोपों को नकार दिया है। एकलपीठ ने अपने आदेश में कहा है कि पीड़िता ने स्वयं स्वीकार किया है कि उसने झूठी रिपोर्ट दर्ज करवाई है। टैक्सपेयर के रुपये से राज्य सरकार पीड़िता को मुआवजा राशि प्रदान करती है। मुआवजा राशि कोषागार में जमा करवाने के लिए पीड़िता को आदेश पारित करें।
विज्ञापन

 
बता दें कि रेप के आरोप में गिरफ्तार सागर निवासी बबलेश की तरफ से जमानत के लिए हाईकोर्ट में दूसरा आवेदन पेश किया गया था। सुनवाई के दौरान सरकार की तरफ से डीएनए रिपोर्ट प्राप्त नहीं होने की जानकारी पेश की गई। याचिकाकर्ता की तरफ से बताया गया कि ट्रायल कोर्ट में पीड़िता ने अपने बयान दर्ज करवाए हैं। पीड़िता ने अपने बयान में कहा है कि याचिकाकर्ता से हम लोगों का विवाद चलता था। साथ में काम करने वाले लोगों ने आवेदक बनाकर मुझसे पुलिस में आवेदन दिलवाया था। उसके साथ इसके अलावा कुछ नहीं हुआ था। पीड़िता के दादी व चाचा भी अपने बयान से मुकर गए हैं। याचिकाकर्ता गत 3 नवंबर 2011 से न्यायिक अभिरक्षा में है।
विज्ञापन

 
दूसरे जमानत आवेदन की सुनवाई करते हुए एकलपीठ ने 50 हजार रुपये के मुचलके पर याचिकाकर्ता को जमानत प्रदान करने के निर्देश जारी किए हैं। एकलपीठ ने अपने आदेश में कहा है कि पीड़िता ने स्वयं स्वीकार किया है कि उसने झूठी रिपोर्ट दर्ज करवाई है। टैक्सपेयर के रुपये से राज्य सरकार पीड़िता को मुआवजा राशि प्रदान करती है। मुआवजा राशि कोषागार में जमा करवाने के लिए पीड़िता को आदेश पारित करें।
विज्ञापन
विज्ञापन

 
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed