शहडोल से आई तस्वीर: बारिश में टपकने लगी स्कूल की छत, बंद करनी पड़ी कक्षाएं; ग्रामीण ने बच्चों के लिए दिया घर
शहडोल के जैतपुर क्षेत्र के मौहरटोला सरकारी स्कूल का भवन जर्जर होने से बारिश में छत टपक रही है। बच्चों की सुरक्षा के चलते कक्षाएं बंद हैं। ग्रामीण प्रहलाद सिंह ने अपना बरामदा निशुल्क देकर एक महीने से स्कूल चलाने में मदद की।
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सरकार ग्रामीण क्षेत्रों में शिक्षा व्यवस्था बेहतर बनाने और बच्चों को सुरक्षित व बेहतर माहौल उपलब्ध कराने के दावे कर रही है, लेकिन जैतपुर क्षेत्र की गलहथा पंचायत में तस्वीर इन दावों से उलट नजर आ रही है। यहां शासकीय प्राथमिक विद्यालय मौहरटोला, संकुल केंद्र खमरिया का भवन इतना जर्जर हो चुका है कि बारिश के दौरान छत से पानी टपकने लगता है। बच्चों की सुरक्षा को देखते हुए भवन में कक्षाएं लगाना मुश्किल हो गया। ऐसे में गांव के एक व्यक्ति ने बच्चों की पढ़ाई जारी रखने के लिए अपने घर का बरामदा निशुल्क उपलब्ध करा दिया। पिछले एक माह से अधिक समय से इसी बरामदे में स्कूल संचालित हो रहा है।
विद्यालय में करीब 24 बच्चे अध्ययनरत हैं। शिक्षक श्यामलाल सिंह के अनुसार स्कूल भवन काफी पुराना है और पिछले कुछ वर्षों में लगातार जर्जर होता गया। बारिश के दौरान छत समेत भवन के अन्य हिस्सों से पानी टपकने की समस्या और बढ़ गई। इस संबंध में अधिकारियों को कई बार जानकारी दी गई। संकुल स्तर पर भी पत्राचार किया गया, लेकिन भवन की मरम्मत नहीं हो सकी।
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हालात ऐसे बने कि स्कूल भवन में कक्षाएं संचालित करना बंद करना पड़ा। इसके बाद शिक्षक ने ग्रामीणों से चर्चा की। स्कूल भवन से करीब 50 मीटर की दूरी पर रहने वाले प्रहलाद सिंह ने बच्चों की पढ़ाई प्रभावित न हो, इसके लिए अपने घर का बरामदा स्कूल संचालन के लिए निशुल्क दे दिया। अब शिक्षक रोजाना इसी बरामदे में बच्चों को पढ़ा रहे हैं।
ग्रामीण प्रहलाद सिंह ने बताया कि बच्चों की पढ़ाई बंद न हो, इसलिए उन्होंने अपना बरामदा स्कूल के लिए निशुल्क उपलब्ध कराया है। ग्रामीणों की मांग है कि जर्जर स्कूल भवन की तत्काल मरम्मत कराई जाए या नया भवन बनाया जाए, ताकि बच्चों को सुरक्षित और बेहतर वातावरण में पढ़ाई मिल सके।
मामले में एसी ट्राइबल आनंद राय सिंहा से बात की गई तो उन्होंने बताया कि वे एक बैठक में हैं। उन्होंने कहा कि मामले की जानकारी डीपीसी को दी गई है। बैठक में व्यस्त होने के कारण इस संबंध में उनसे आगे विस्तार से बात नहीं हो सकी।
