MP Election Result: प्रत्याशियों की किस्मत का कल खुलेगा पिटारा, दमोह व पथरिया के पहले आ सकते हैं नतीजे
MP Election Result: 3 दिसंबर को मध्यप्रदेश विधानसभा चुनाव के नतीजे आएंगे। कहा जा रहा है कि सबसे पहले दमोह और पथरिया विधानसभा के परिणाम सामने आ सकते हैं, क्योंकि यहां 21, 21 राउंड में गणना होनी है। इधर, कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी मयंक अग्रवाल, एसपी सुनील तिवारी ने मतगणना की तैयारियों को लेकर मौके पर जायजा लिया।
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विधानसभा चुनाव के लिए 17 नवंबर को दमोह जिले की चारों विधानसभा में मतदान संपन्न होने के बाद कल यानी 3 दिसंबर को पॉलिटेक्निक कॉलेज में मतगणना होगी। जिसको लेकर सभी तैयारियां पूर्ण कर ली गई हैं। सबसे पहले दमोह और पथरिया विधानसभा के परिणाम सामने आ सकते हैं, क्योंकि यहां 21, 21 राउंड में गणना होनी है।
इस तरह होगी मतगणना
बता दें कि हर विधानसभा में गणना के लिए पॉलिटेक्निक कॉलेज में अलग-अलग कक्ष में 14-14 टेबल रखीं गईं हैं। इनमें दमोह और पथरिया में 21-21 राउंड में मतगणना होगी। जबकि जबेरा और हटा में 22-22 राउंड की गणना होगी। इस तरह मतगणना के दौरान किसी तरह का व्यवधान नहीं आया तो दमोह व पथरिया का पहले और जबेरा, हटा का परिणाम कुछ देर बाद में आएगा।
सीसीटीवी से होगी कक्ष की निगरानी
कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी मयंक अग्रवाल, एसपी सुनील तिवारी ने मतगणना की तैयारियों को लेकर मौके पर जायजा लिया। इस बीच मतगणना स्थल पर पर्याप्त बैरिकेडिंग के साथ ही सुरक्षा से संबंधित सभी तैयारियां पूर्ण करने को कहा। मतगणना परिसर में बिना पास के किसी को भी प्रवेश न दिया जाने, पासधारी व्यक्तियों की गेट पर तलाशी के बाद प्रवेश देने और प्रत्याशियों के एजेंट को बिना पास के अंदर नहीं जाने दिया जाएगा। इसी तरह चारों विधानसभा के मतगणना कक्ष में निगरानी करने के लिए 32 कैमरे लगाए हैं, जो पूरी गणना पर नजर रखेंगे। इसके अलावा 15 कैमरे कक्ष के बाहर मैदान में लगाए जा रहे हैं। जिससे बाहरी गतिविधियों पर नजर रखी जा सके।
जीत के लिए अपने-अपने समीकरण
एग्जिट पोल जारी होने के बाद से अब प्रत्याशी और उनके समर्थक जीत-हार का गणित बैठाने में लगे हैं। किसको कितने वोट मिलेंगे और जीत-हार का अंतर कितना होगा। यह गहमागहमी शहर से लेकर ग्रामीण अंचलों में चल रही है। चाय, पान की दुकानों पर भी केवल यही चर्चा इस समय जोरों पर है। जिले में वोटिंग प्रतिशत ज्यादा होने की वजह से लोग अपने-अपने प्रत्याशियों की जीत का दावा कर रहे हैं। किसी सीट पर जातीय समीकरण से जीत का रास्ता निकाला जा रहा है तो किसी सीट पर भितरघात का फायदा बताया जा रहा है। सबसे ज्यादा चर्चा का विषय इस बार लाड़ली बहना योजना को लेकर बना हुआ है। इस योजना का लाभ बीजेपी को मिल सकता है और प्रभाव न होने पर कांग्रेस भी आगे निकल सकती है। खास बात यह है कि प्रत्याशियों ने सारा खाका तैयार कर लिया है। जिसमें उन्हें पता चल गया है कि शहर और किस गांव में कितनी वोटिंग हुई है।
