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MP Election: सिंगरौली में भाजपा प्रत्याशी का विरोध, उम्मीदवार नहीं बदलने पर मतदान का बहिष्कार करने की चेतावनी
Wed, 25 Oct 2023 02:21 PM IST
अंकिता विश्वकर्मा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सिंगरौली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सिंगरौली
Published by: अंकिता विश्वकर्मा
Updated Wed, 25 Oct 2023 02:21 PM IST
सार
MP Election 2023: सिंगरौली जिले की देवसर विधानसभा सीट से भाजपा ने राजेंद्र मेश्राम को प्रत्याशी घोषित किया है। वहीं, अब लोग राजेंद्र मेश्राम का विरोध कर स्थानीय प्रत्याशी की मांग कर रहे हैं। लोगों का कहना है कि यदि प्रत्याशी नहीं बदला गया तो वे मतदान का बहिष्कार करेंगे।
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भाजपा प्रत्याशी के विरोध में सड़क पर उतरे लोग
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
भाजपा की केंद्रीय चुनाव समिति ने मध्यप्रदेश विधानसभा चुनाव के लिए पांचवी सूची जारी कर दी है। इस सूची में सिंगरौली के देवसर विधानसभा सीट से राजेंद्र मेश्राम को टिकट दिया गया है। वहीं, माड़ा सहित कई अन्य गांवों के ग्रामीणों ने राजेन्द्र मेश्राम के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। देवसर विधानसभा के लोग इस बार स्थानीय उम्मीदवार की मांग कर रहे थे।
दरअसल सिंगरौली जिले के देवसर विधानसभा सीट से बीजेपी ने मौजूदा विधायक सुभाष चंद्र वर्मा का टिकट काटकर राजेन्द्र मेश्राम को अपना उम्मीदवार बनाया है, राजेन्द्र मेश्राम मूलतः बालाघाट के निवासी बताये जा रहे हैं। उन्होंने सिंगरौली में आकर अपना राजनीति सफर शुरू किया। 2013 से 2018 तक देवसर विधानसभा सीट पर बीजेपी से राजेन्द्र मेश्राम विधायक रहें। उनके कार्यकाल से जनता नाखुश थी, काफी विरोध के बाद उनका टिकट 2018 विधानसभा चुनाव में बीजेपी ने काटकर सुभाष वर्मा को दिया था, 2018 से लेकर अब तक सुभाष वर्मा भाजपा से इस सीट पर विधायक हैं, लेकिन 2013 की विधानसभा चुनाव में फिर पार्टी ने राजेन्द्र मेश्राम को टिकट देकर चुनावी महासंग्राम में उतार दिया, जिसके बाद से पार्टी के कार्यकर्ताओं सहित ग्रामीणों में आक्रोश है, लोग सड़कों पर उतरकर राजेन्द्र हटाओ देवसर बचाओ, नहीं हटाया तो करेंगे मतदान का बहिष्कार नारे के साथ विरोध जता रहे हैं।
गौरतलब है कि देवसर विधानसभा में ही करीब 2.20 लाख से ज्यादा मतदाता हैं। सबसे ज्यादा वोटर्स हरिजन समाज के हैं, जो विधानसभा चुनाव में अहम भूमिका निभाते हैं। यह सीट अनुसूचित जाति के लिए रिजर्व है और इस सीट पर एससी वर्ग के लोगों के अलावा आदिवासी, क्षत्रिय और साहू वोटर्स की संख्या अधिक है। देवसर विधानसभा क्षेत्र में एससी वर्ग की नाराजगी से इस सीट पर भाजपा को नुकसान होगा, क्योंकि यहां पर पूर्व विधायक सुभाष वर्मा का एससी समाज में अच्छा प्रभाव है।
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पार्टी नेताओं की उम्मीदें कायम हैं
पार्टी के शीर्षस्थ नेताओं की ओर से की गई कोशिशों के बावजूद भी अभी तक कहीं से पार्टी के लिए सुखद खबर सामने नहीं आई है। हालांकि पार्टी को अब भी उम्मीद है कि समय रहते नाराज कार्यकर्ता मान जाएंगे, लेकिन अगर ये विरोध थमता नहीं है तो पार्टी को आने वाले समय में नुकसान हो सकता है।
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दरअसल सिंगरौली जिले के देवसर विधानसभा सीट से बीजेपी ने मौजूदा विधायक सुभाष चंद्र वर्मा का टिकट काटकर राजेन्द्र मेश्राम को अपना उम्मीदवार बनाया है, राजेन्द्र मेश्राम मूलतः बालाघाट के निवासी बताये जा रहे हैं। उन्होंने सिंगरौली में आकर अपना राजनीति सफर शुरू किया। 2013 से 2018 तक देवसर विधानसभा सीट पर बीजेपी से राजेन्द्र मेश्राम विधायक रहें। उनके कार्यकाल से जनता नाखुश थी, काफी विरोध के बाद उनका टिकट 2018 विधानसभा चुनाव में बीजेपी ने काटकर सुभाष वर्मा को दिया था, 2018 से लेकर अब तक सुभाष वर्मा भाजपा से इस सीट पर विधायक हैं, लेकिन 2013 की विधानसभा चुनाव में फिर पार्टी ने राजेन्द्र मेश्राम को टिकट देकर चुनावी महासंग्राम में उतार दिया, जिसके बाद से पार्टी के कार्यकर्ताओं सहित ग्रामीणों में आक्रोश है, लोग सड़कों पर उतरकर राजेन्द्र हटाओ देवसर बचाओ, नहीं हटाया तो करेंगे मतदान का बहिष्कार नारे के साथ विरोध जता रहे हैं।
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गौरतलब है कि देवसर विधानसभा में ही करीब 2.20 लाख से ज्यादा मतदाता हैं। सबसे ज्यादा वोटर्स हरिजन समाज के हैं, जो विधानसभा चुनाव में अहम भूमिका निभाते हैं। यह सीट अनुसूचित जाति के लिए रिजर्व है और इस सीट पर एससी वर्ग के लोगों के अलावा आदिवासी, क्षत्रिय और साहू वोटर्स की संख्या अधिक है। देवसर विधानसभा क्षेत्र में एससी वर्ग की नाराजगी से इस सीट पर भाजपा को नुकसान होगा, क्योंकि यहां पर पूर्व विधायक सुभाष वर्मा का एससी समाज में अच्छा प्रभाव है।
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पार्टी नेताओं की उम्मीदें कायम हैं
पार्टी के शीर्षस्थ नेताओं की ओर से की गई कोशिशों के बावजूद भी अभी तक कहीं से पार्टी के लिए सुखद खबर सामने नहीं आई है। हालांकि पार्टी को अब भी उम्मीद है कि समय रहते नाराज कार्यकर्ता मान जाएंगे, लेकिन अगर ये विरोध थमता नहीं है तो पार्टी को आने वाले समय में नुकसान हो सकता है।
