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मंदसौर में पशुपतिनाथ मंदिर जलमग्न, बाढ़ की स्थिति पर सीएम शिवराज ने की पीएम मोदी से बात
Sun, 30 Aug 2020 06:08 PM IST
Sneha Baluni
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
Published by: Sneha Baluni
Updated Sun, 30 Aug 2020 06:08 PM IST
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मंदसौर में पशुपतिनाथ मंदिर के अंदर भरा बाढ़ का पानी
- फोटो : एएनआई
मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने रविवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से बात की। उन्होंने प्रधानमंत्री को राज्य में बाढ़ के हालातों के बारे में बताया। इसके साथ ही चौहान ने आज होशंगाबाद और अन्य जिलों में बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का हवाई सर्वेक्षण भी किया। दूसरी ओर मंदसौर में स्थित पशुपतिनाथ मंदिर भी जलमग्न हो गया है। लगातार बारिश के चलते उफनाई शिवना नदी का पानी मंदिर के अंदर तक पहुंच गया है।
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#WATCH Water from overflowing Shivna River enters Pashupatinath Temple at Mandsaur in #MadhyaPradesh pic.twitter.com/nfR330Q2mu
— ANI (@ANI) August 30, 2020विज्ञापन
इसके अलावा चौहान ने कहा, 'मध्यप्रदेश के नौ जिलों के 394 से ज्यादा गांवों में बाढ़ ने तबाही मचाई है। अब तक 7000 से अधिक लोगों को बचाकर सुरक्षित जगहों पर पहुंचाया गया है। छिंदवाड़ा में बाढ़ में फंसे 5 लोगों को हेलीकॉप्टर से एयरलिफ्ट किया गया है। वायुसेना के दो हलीकॉप्टर होशंगाबाद, सीहोर और रायसेन के लिए आने वाले थे पर खराब मौसम के कारण उनको रास्ते से ही बाहर लौटना पड़ा है। एक झांसी और एक नागपुर गया है। हमने और अतिरिक्त हेलीकॉप्टर वायुसेना से मांगे हैं। एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की टीमें पूरी तरह से लगी हुई हैं।'
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राज्य में पिछले दो दिन से जारी मूसलाधार बारिश के कारण होशंगाबाद सहित मध्यप्रदेश के कई जिलों में बाढ़ आ गई है। प्रदेश में स्थिति इतनी विकराल हो गई है कि जलमग्न क्षेत्रों से लोगों को बचाने के लिए शनिवार को सेना और एनडीआरएफ को उतारा गया।
होशंगाबाद में लगभग 3,500 लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है जबकि छिंदवाड़ा में वायुसेना के एक हेलीकाप्टर से बाढ़ में फंसे पांच लोगों को सुरक्षित निकला गया है। अधिकारियों ने बताया कि प्रदेश के सीहोर और छिंदवाड़ा सहित सात से अधिक जिलों में भारी बारिश के कारण तालाब और नदी, नाले उफान पर हैं।
अधिकारियों ने बताया कि मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने शनिवार को लगभग डेढ़ घंटे तक नर्मदा नदी के तट पर बसे होशंगाबाद तथा सीहोर जिलों के बाढ़ ग्रस्त इलाकों का हवाई सर्वेक्षण किया। मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव मनीष रस्तोगी ने बताया कि छिंदवाड़ा जिले में एक जलमग्न जगह से पांच लोगों को वायुसेना के हेलिकॉप्टर से बचाया गया।
एक और आदमी जो बाढ़ से बचने के लिए एक पेड़ पर चढ़ गया, वह अभी भी वहां है, उसे बचाने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि छिंदवाड़ा के चौरई क्षेत्र में पानी में फंसे एक व्यक्ति मधु कहार को बाहर निकाला गया है। वहां नौकाएं और अन्य बचाव उपकरण मौजूद हैं।
रस्तोगी ने बताया कि सीहोर जिले में बचाव कार्यों में सहायता के लिए वायुसेना के दो हेलीकाप्टर और आ रहे हैं। उन्होंने बताया कि 70 जवानों वाली सेना की दो टुकड़ियां सहायता के लिए आ रही हैं। इनमें से एक टुकड़ी रात तक होशंगाबाद जिले में पहुंच जाएगी जबकि एक टुकड़ी को रायसेन जिले के बाढ़ग्रस्त इलाकों में सहायता के लिए उपयोग किया जाएगा।
उन्होंने बताया कि हरदा जिले में भी कई स्थानों पर नर्मदा नदी खतरे के निशान से ऊपर बह रही है। रस्तोगी ने बताया कि पिछले 12 से 15 घंटे में 9 जिलों के 394 गांवों के 6500 से अधिक लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है।
गृह विभाग के अपर मुख्य सचिव राजेश राजोरा ने बताया कि बाढ़ में फंसे लोगों को निकालने के लिए सरकारी तंत्र कड़ी मेहनत कर रहा है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने बताया कि होशंगाबाद में पिछले 24 घंटों में शनिवार सुबह 8.30 बजे तक 208 मिमी बारिश दर्ज की गई। इसी अवधि में होशंगाबाद जिले में प्रसिद्ध पर्वतीय स्थल पचमढ़ी और छिंदवाड़ा में क्रमश: 228 मिमी और 142 मिमी बारिश दर्ज की गई है।
विशेषकर होशंगाबाद और सीहोर जिलों में बाढ़ के कारण कई लोग अलग-अलग स्थानों पर फंसे हुए हैं। होशंगाबाद के संभागायुक्त रजनीश श्रीवास्तव ने फोन पर बताया कि जिला प्रशासन ने बाढ़ की स्थिति से प्रभावी ढंग से निपटने के लिए सेना से मदद मांगी है और उनक जल्दी पहुंचने की उम्मीद है।
