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मोबाइल की लत ने फिर ली एक जान: फ्री फायर गेम खेलने के आदी हो चुके 11 साल के बच्चे ने लगाई फांसी
Thu, 13 Jan 2022 06:10 PM IST
दिनेश शर्मा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
Published by: दिनेश शर्मा
Updated Thu, 13 Jan 2022 06:10 PM IST
सार
भोपाल के बजरिया थाना क्षेत्र में 11 साल के बालक के फांसी लगाने का मामला सामने आया है। बताया जा रहा है कि बच्चे को मोबाइल पर गेम खेलने की आदत थी। एसीपी सचिन अतुलकर ने शुरुआती जांच में गेम के चलते बच्चे की आत्महत्या की बात कही है।
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11 साल के बालक ने फांसी लगा ली।
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
भोपाल के बजरिया थाना क्षेत्र में 11 साल के बालक के फांसी लगाने का मामला सामने आया है। बताया जा रहा है कि बच्चे को मोबाइल पर गेम खेलने की आदत थी। एसीपी ने शुरुआती जांच में गेम के चलते बच्चे की आत्महत्या की बात कही है।
जानकारी के अनुसार भोपाल के बजरिया थाना क्षेत्र के शंकराचार्य नगर में रहने वाले 11 वर्षीय सूर्यांश ओझा ने घर में फांसी लगा ली थी। पांचवीं कक्षा का छात्र सूर्यांश फ्री फायर गेम खेलने का आदी हो गया था। वह दादा के मोबाइल में फ्री फायर गेम खेलता था। इससे नाराज होकर कई बार परिवार वाले उसे फटकार भी लगा चुके थे। पुलिस को मौके पर कोई सुसाइड नोट नहीं मिला है। पुलिस जांच में गेम की लत की बात कही जा रही है। बताया जा रहा है कि परिजनों की नाराजगी के कारण सूर्यांश छुपकर गेम खेलता था।
एडिशनल CP सचिन अतुलकर ने कहा पुलिस की शुरुआती जांच में पता चला है कि गेम के चलते बच्चे ने आत्महत्या की है। जांच में सामने आया है की बच्चा गेम खेलने का आदी था। माता-पिता की बिना जानकारी के बच्चे ने गेम में एडऑन खरीदने के लिए 6 हज़ार रुपये खर्च किए थे। पेरेंटस ने कई बार गेम नहीं खेलने को लेकर समझाया था और गेम डिलीट किया था। बच्चे को पढ़ाई में ज्यादा इंटरेस्ट नहीं था। अधिकतर समय गेम खेलता रहता था। बच्चे ने पंचिंग बेग की रस्सी से फंदा बनाकर सुसाइड की है। मामले में जांच की जा रही है। अगर अभिभावक पुलिस के पास आयेंगे तो पुलिस काउंसिल कराएगी।
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ऑनलाइन गेम्स पर लगाम कसने की तैयारी
प्रदेश के गृह मंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्रा ने कहा कि फ्री फायर सहित अन्य ऑनलाइन गेमिंग से हो रही बच्चों की आत्महत्या जैसी घटनाओं को देखते हुए मध्य प्रदेश सरकार जल्द ही आनलाइन गेमिंग नियंत्रण कानून लागू करने जा रही है। इसका प्रारूप तैयार कर लिया गया है। इसे विधानसभा के फरवरी-मार्च 2022 में प्रस्तावित बजट सत्र में प्रस्तुत किया जाएगा। क़ानून अमल में आने पर ऑनलाइन गेमिंग संचालित करने वाली कंपनियों पर शिकंजा कसा जा सकेगा।
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जानकारी के अनुसार भोपाल के बजरिया थाना क्षेत्र के शंकराचार्य नगर में रहने वाले 11 वर्षीय सूर्यांश ओझा ने घर में फांसी लगा ली थी। पांचवीं कक्षा का छात्र सूर्यांश फ्री फायर गेम खेलने का आदी हो गया था। वह दादा के मोबाइल में फ्री फायर गेम खेलता था। इससे नाराज होकर कई बार परिवार वाले उसे फटकार भी लगा चुके थे। पुलिस को मौके पर कोई सुसाइड नोट नहीं मिला है। पुलिस जांच में गेम की लत की बात कही जा रही है। बताया जा रहा है कि परिजनों की नाराजगी के कारण सूर्यांश छुपकर गेम खेलता था।
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एडिशनल CP सचिन अतुलकर ने कहा पुलिस की शुरुआती जांच में पता चला है कि गेम के चलते बच्चे ने आत्महत्या की है। जांच में सामने आया है की बच्चा गेम खेलने का आदी था। माता-पिता की बिना जानकारी के बच्चे ने गेम में एडऑन खरीदने के लिए 6 हज़ार रुपये खर्च किए थे। पेरेंटस ने कई बार गेम नहीं खेलने को लेकर समझाया था और गेम डिलीट किया था। बच्चे को पढ़ाई में ज्यादा इंटरेस्ट नहीं था। अधिकतर समय गेम खेलता रहता था। बच्चे ने पंचिंग बेग की रस्सी से फंदा बनाकर सुसाइड की है। मामले में जांच की जा रही है। अगर अभिभावक पुलिस के पास आयेंगे तो पुलिस काउंसिल कराएगी।
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ऑनलाइन गेम्स पर लगाम कसने की तैयारी
प्रदेश के गृह मंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्रा ने कहा कि फ्री फायर सहित अन्य ऑनलाइन गेमिंग से हो रही बच्चों की आत्महत्या जैसी घटनाओं को देखते हुए मध्य प्रदेश सरकार जल्द ही आनलाइन गेमिंग नियंत्रण कानून लागू करने जा रही है। इसका प्रारूप तैयार कर लिया गया है। इसे विधानसभा के फरवरी-मार्च 2022 में प्रस्तावित बजट सत्र में प्रस्तुत किया जाएगा। क़ानून अमल में आने पर ऑनलाइन गेमिंग संचालित करने वाली कंपनियों पर शिकंजा कसा जा सकेगा।
