शिवराज सरकार ने किया व्यापमं से भी बड़ा 15 हजार करोड़ का घोटालाः पाटकर
नर्मदा बचाओ आंदालन की प्रमुख समाजिक कार्यकर्ता मेधा पाटकर ने सरदार सरोवर बांध में जलस्तर बढ़ने और बांध के विस्थापितों के मुद्दे पर मध्यप्रदेश की शिवराज सिंह सरकार को घेर लिया है।
मेधा पाटकर ने प्रदेश सरकार पर विस्थापितों के नाम पर व्यापमं से भी बड़ा 15 हजार करोड़ का घोटाला करने का आरोप लगाया है। पाटकर का दावा है कि सरकार ने इसलिए अभी तक भी झा कमीशन की रिपोर्ट सदन में पेश नहीं की है। पाटकर ने इस मुद्दे पर 30 जुलाई से रैली फॉर वैली नाम का अभियान शुरू करने की घोषणा की है।
गुरुवार को भोपाल में बांध विस्थापितों से बात करते हुए मेधा पाटकर ने दावा किया कि यह एक व्यापमं से भी बड़ा घोटाला है जिसमें सरकार बांध के सभी विस्थापितों को दूसरी जगह बसाने का दावा कर रही है, लेकिन असल में कुछ परिवारों को ही विस्थापित किया जा सका है बाकी परिवार आज भी परेशान घूम रहे हैं।
बांध विस्थापितों के नाम पर घोटाला करने का आरोप
सरकार ने विस्थापितों को बसाने के नाम पर बड़ा घोटाला किया है। पाटकर ने कहा 29 जुलाई को विधानसभा का अंतिम सत्र है और सरकार ने झा कमीशन की रिपोर्ट अभी तक भी सदन में नहीं रखी है। इसके विरोध में 29 जुलाई से इंदौर रेलवे स्टेशन से प्रदर्शन की शुरूआत की जाएगी। इसके अलावा बड़वानी के राजघाट पर 'नर्मदा जल, जमीन हक सत्याग्रह' किया जाएगा जिसमें विस्थापितों के हजारों परिवार शामिल होंगे।
बता दें कि सरदार सरोवर बांध के विस्थापितों को दूसरी जगह बसाने के मामले में भ्रष्टाचार और दो हजार से ज्यादा फर्जी जमीन सौदों के आरोपों पर हाईकोर्ट ने जस्टिस एसएस झा कमीशन बनाया था। सात साल की जांच के बाद आयोग ने इस साल जनवरी में अपनी रिपोर्ट हाईकोर्ट को सौंप दी।
पाटकर ने आरोप लगाया कि बांध के निर्माण के चलते 45 हजार से ज्यादा परिवार विस्थापन का दर्द झेल रहे हैं, लेकिन उनके समुचित विस्थापन की कोई व्यवस्था नहीं हो सकी है। पाटकर ने सरदार सरोवर बांध की ऊंचाई बढ़ाने पर भी आपत्ति जताई। कहा बांध की ऊंचाई 122 मीटर से बढ़ाकर 139 मीटर की जा रही है। बारिश में लगातार बांध का जलस्तर बढ़ रहा है और अब इसके गेट भी बंद किए जा रहे हैं। ऐसे में कभी भी यह नजदीकी इलाकों में तबाही मचा सकता है।
