ममलेश्वर मंदिर की आय सार्वजनिक: अब ओंकारेश्वर ज्योतिर्लिंग मंदिर के हिसाब पर उठे सवाल; ब्योरा कब सार्वजनिक?
ममलेश्वर मंदिर के छह दानपात्रों से 8 लाख 65 हजार 940 रुपये मिलने की जानकारी सार्वजनिक होने के बाद स्थानीय लोगों ने ओंकारेश्वर ज्योतिर्लिंग मंदिर की मासिक और वार्षिक आय-व्यय का पूरा विवरण सार्वजनिक करने की मांग उठाई है।
विस्तार
श्री ममलेश्वर मंदिर प्रबंधन समिति द्वारा 3 सितंबर को मंदिर परिसर में रखे छह दानपात्रों की राशि की गणना की गई। तहसीलदार उदय मंडलोई के अनुसार, छह दानपात्रों से कुल 8 लाख 65 हजार 940 रुपये प्राप्त हुए। यह राशि एचडीएफसी बैंक की बड़वाह शाखा में मंदिर प्रबंधन समिति के खाते में जमा कराई गई है।
ममलेश्वर मंदिर के दानपात्रों से प्राप्त राशि का विवरण सार्वजनिक होने के बाद अब स्थानीय नागरिकों और समाजसेवियों ने ओंकारेश्वर ज्योतिर्लिंग मंदिर की आय-व्यय का विवरण भी सार्वजनिक करने की मांग उठाई है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि ओंकारेश्वर ज्योतिर्लिंग मंदिर में प्रतिदिन बड़ी संख्या में श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंचते हैं। मंदिर में दानपात्रों के अलावा शीघ्र दर्शन, विशेष पूजन-अभिषेक, लड्डू प्रसाद सहित अन्य धार्मिक सेवाओं से भी राशि प्राप्त होती है। ऐसे में श्रद्धालुओं और स्थानीय नागरिकों को मंदिर की कुल आय और उसके उपयोग की जानकारी सार्वजनिक रूप से मिलनी चाहिए।
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स्थानीय नागरिकों के अनुसार, सावन माह में श्रद्धालुओं की संख्या में काफी बढ़ोतरी हुई थी। इस दौरान दान, पूजन-अभिषेक और अन्य धार्मिक व्यवस्थाओं से मंदिर को प्राप्त होने वाली राशि भी बढ़ी होगी। नागरिकों की मांग है कि मंदिर को वर्षभर में प्राप्त कुल आय और विकास कार्यों, धार्मिक गतिविधियों तथा अन्य मदों में किए गए खर्च का विवरण सार्वजनिक किया जाए।
ओंकारेश्वर के संत ओंकारनाथ ने भी मंदिर की आय-व्यय व्यवस्था में पारदर्शिता की आवश्यकता बताई। उन्होंने कहा कि श्रद्धालु आस्था के साथ मंदिर में दान करते हैं, इसलिए मंदिर की आय और उसके उपयोग की जानकारी पारदर्शी तरीके से सामने आनी चाहिए।
उठ रहे हैं कई सवाल
स्थानीय नागरिकों का सवाल है कि जब ममलेश्वर मंदिर के छह दानपात्रों से प्राप्त 8 लाख 65 हजार 940 रुपये की राशि का विवरण सार्वजनिक किया जा सकता है, तो ओंकारेश्वर ज्योतिर्लिंग मंदिर में दान और अन्य स्रोतों से प्राप्त आय का पूरा विवरण सार्वजनिक क्यों नहीं किया जाता?
नागरिकों ने प्रशासन और मंदिर प्रबंधन से मांग की है कि ओंकारेश्वर ज्योतिर्लिंग मंदिर की मासिक और वार्षिक आय-व्यय का पूरा लेखा-जोखा सार्वजनिक किया जाए। उनका कहना है कि इससे श्रद्धालुओं और आम लोगों के बीच मंदिर प्रबंधन को लेकर पारदर्शिता बनी रहेगी।
