मध्यप्रदेश: भाजपा सांसद ज्योतिरादित्य सिंधिया को दोबारा लगा झटका, जयविलास पैलेस में 10 साल बाद चोरों ने फिर की सेंधमारी
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मध्यप्रदेश के ग्वालियर से बड़ी खबर सामने आई है। दरअसल, यहां चोरों की हिम्मत इस कदर तक बढ़ गई है कि वह भाजपा से राज्यसभा सांसद ज्योतिरादित्य सिंधिया के पुश्तैनी महल जयविलास पैलेस में भी चोरी करने से नहीं चूके। इस महल में कड़ी-सुरक्षा व्यवस्था के बावजूद चोरी की घटना की खबर सुन हर कोई हैरान है।
इस बात का पता चलते ही पुलिस प्रशासन भी मौके पर पहुंचा और जांच शुरू कर दी। दरअसल, महल की सुरक्षा में लगे कर्मियों को चोरी का पता बुधवार को चला। रानी महल में जब भी कोई सिंधिया घराने से आता है तो उसकी फोटोग्राफ लेकर रखी जाती है। इन्हीं फोटो के जरिये बाद में मिलान किया जाता है कि सभी चीजें अपनी जगह हैं या नहीं।
इस बीच बुधवार को एक फाइल की जरूरत पड़ी जो अपनी जगह पर नहीं थी, जिसके बाद फोटोग्राफ से मिलान किया गया तब जाकर पता चला कि यहां चोरी हुई है। साथ ही जब सुरक्षाकर्मियों ने जांच की तो पाया कि स्टोर में लगा पंखा गायब है और फाइलें भी अपनी जगह पर नहीं रखी हुई हैं। इसके अलावा रिकॉर्ड रूम की अलमारी का ताला भी टूटा हुआ था।
सिंधिया ग्वालियर प्रवास के समय से ही अपने परिवार के साथ इसी महल में रहते हैं। इस महल में कड़ी सुरक्षा के बावजूद चोरी की घटना से पुलिस प्रशासन के भी हांथ-पांव फूल गए हैं। बताया जा रहा है कि चोर रोशनदान के रास्ते महल में घुसे थे और वहां रखे दस्तावेजों से छेड़छाड़ की। अब चोरों का पता लगाने के लिए पुलिस स्निफर डॉग की मदद भी ले रही है। इसके अलावा फॉरेंसिक की टीम ने महल में जहां पर चोरी हुई है, उस हिस्से के फिंगरप्रिंट और जरूरी साक्ष्य जब्त कर लिए हैं।
बता दें कि जयविलास पैलेस में चोरी कि यह घटना पहली बार नही हुी है। 10 साल पहले भी यहां चोरी हो चुकी है। उल्लेखनीय है कि उस समय भी चोरों ने रेकॉर्ड रूम पर ही धावा बोला था और कुछ दस्तावेज चुरा ले गए थे, जिन्हें आज तक पकड़ा नहीं जा सका।
सिंधिया महल की खासियत
12,40,771 वर्ग फीट में फैले सिंधिया घराने का जय विलास पैलेस अपनी भव्यता व नक्काशियों के लिए देश-विदेश में मशहूर है। इस महल का निर्माण महाराजा जयाजी राव सिंधिया ने सन 1874 में कराया था।
उस समय इस महल की कीमत एक करोड़ रुपये आंकी गई थी। वर्तमान में शाही महल के एक हिस्से को म्यूजियम में परिवर्तित किया जा चुका है, जिसकी ट्रस्टी ज्योतिरादित्य सिंधिया की पत्नी प्रियदर्शिनी सिंधिया हैं। वहीं, महल के एक हिस्से में कांग्रेस सांसद व वर्तमान में भाजपा सांसद ज्योतिरादित्य सिंधिया का परिवार रहता है।
करीब 40 कमरों में बने भव्य म्यूजियम में सिंधिया काल के अस्त्र-शस्त्र, डोली एवं बग्घी और कांच के पायों पर टिकी सीढ़ियों की रेलिंग प्रदर्शित की गई है। यहां पूर्व महाराजों के जीवन परिचय, उनका दरबार हॉल, राजशाही चेयर-कुर्सियां समेत विदेशों में निर्मित कई प्राचीन वस्तुएं देखने को मिलेंगी।
सिंधिया महल में एक विशाल झूमर है जिसका वजन 3500 किलो है। इसके अलावा महल के डाइनिंग हाॅल में डाइनिग टेबल पर चांदी की ट्रेन लगी हुई है। इस ट्रेन की मदद से ही खाना परोसा जाता है।
