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देवास: बैंक नोट प्रेस से 90.59 लाख चुराने वाले डिप्टी कंट्रोलर को उम्रकैद, जूते में छिपाकर ले जाता था रुपये
Wed, 16 Mar 2022 08:56 PM IST
चंद्रप्रकाश शर्मा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देवास
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देवास
Published by: चंद्रप्रकाश शर्मा
Updated Wed, 16 Mar 2022 08:56 PM IST
सार
हाई सिक्योरिटी बैंक नोट प्रेस देवास से रुपये चुराने वाले डिप्टी कंट्रोलर को कोर्ट ने आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। 75 हजार रुपये का अर्थदंड भी दिया है। आरोपी जूते में रुपये छिपाकर ले जाता था। 90.58 लाख रुपये जब्त हुए थे।
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बैंक नोट प्रेस देवास
- फोटो : सोशल मीडिया
विस्तार
मध्य प्रदेश के देवास की बैंक नोट प्रेस से लाखों रुपये चुराने वाले डिप्टी कंट्रोलर को कोर्ट ने आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। तीन धाराओं में आरोपी को यह सजा मिली है। 75 हजार रुपये का अर्थदंड भी कोर्ट ने किया है। आरोपी अपने जूतों में बैंक नोट प्रेस से रुपये चुराकर घर ले जाता था।
घटना 19 जनवरी 2018 की है। सीआईएसएफ ने बैंक नोट प्रेस देवास में डिप्टी कंट्रोलर मनोहर वर्मा को संदिग्ध अवस्था में पकड़ा था। उसकी तलाशी ली गई तो उसके पास से नोटों की गड्डी मिली थी। बाद में उसके कार्यालय में भी तलाशी ली गई और फिर उसके घर पर भी दबिश दी गई। इस दौरान कुल करीब 90.59 लाख रुपये जब्त किए गए। घर में नोट गद्दों के अंदर से भी मिले थे। आरोपी जूते में छिपाकर रुपये घर ले जाता था। इस मामले में जांच की गई। जांच के दौरान कुछ सुपरवाइजरों को निलंबित भी किया गया था।
बीएनपी थाना पुलिस ने मामले की जांच पूरी करने के बाद अभियोग पत्र न्यायालय में प्रस्तुत किया था। सुनवाई के बाद न्यायालय ने आरोपी को दोषी पाया और सजा सुनाई। इस मामले की जांच कर रहे कोतवाली थाना प्रभारी उमराव सिंह ने बताया आरोपी वर्मा को धारा 489 बी व सी, 409 में सजा हुई है। दो धाराओं में आजीवन कारावास एक में 7 साल की सजा है। इसके अलावा तीनों धाराओं में 75 हजार रुपये का अर्थदंड किया। गौरतलब है कि यह मामला देश की करेंसी से जुड़ा होने के कारण बहुचर्चित था और आरोपी को तब से लेकर अब तक जमानत नहीं मिल पाई थी, हर बार उसकी जमानत की अर्जी न्यायालय द्वारा खारिज की गई थी।
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घटना 19 जनवरी 2018 की है। सीआईएसएफ ने बैंक नोट प्रेस देवास में डिप्टी कंट्रोलर मनोहर वर्मा को संदिग्ध अवस्था में पकड़ा था। उसकी तलाशी ली गई तो उसके पास से नोटों की गड्डी मिली थी। बाद में उसके कार्यालय में भी तलाशी ली गई और फिर उसके घर पर भी दबिश दी गई। इस दौरान कुल करीब 90.59 लाख रुपये जब्त किए गए। घर में नोट गद्दों के अंदर से भी मिले थे। आरोपी जूते में छिपाकर रुपये घर ले जाता था। इस मामले में जांच की गई। जांच के दौरान कुछ सुपरवाइजरों को निलंबित भी किया गया था।
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बीएनपी थाना पुलिस ने मामले की जांच पूरी करने के बाद अभियोग पत्र न्यायालय में प्रस्तुत किया था। सुनवाई के बाद न्यायालय ने आरोपी को दोषी पाया और सजा सुनाई। इस मामले की जांच कर रहे कोतवाली थाना प्रभारी उमराव सिंह ने बताया आरोपी वर्मा को धारा 489 बी व सी, 409 में सजा हुई है। दो धाराओं में आजीवन कारावास एक में 7 साल की सजा है। इसके अलावा तीनों धाराओं में 75 हजार रुपये का अर्थदंड किया। गौरतलब है कि यह मामला देश की करेंसी से जुड़ा होने के कारण बहुचर्चित था और आरोपी को तब से लेकर अब तक जमानत नहीं मिल पाई थी, हर बार उसकी जमानत की अर्जी न्यायालय द्वारा खारिज की गई थी।
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