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MP में नहीं रुकेगा बुलडोजर: हाईकोर्ट ने कार्रवाई के खिलाफ दायर याचिका की खारिज, जनहित का मुद्दा मानने से इनकार

Thu, 21 Apr 2022 12:13 PM IST
अंकिता विश्वकर्मा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जबलपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जबलपुर Published by: अंकिता विश्वकर्मा Updated Thu, 21 Apr 2022 12:13 PM IST
सार

मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने प्रदेश में आरोपियों की अवैध संपत्तियों पर बुलडोजर चलाने के खिलाफ दायर की गई याचिका को खारिज कर दिया है। हाईकोर्ट ने इसे जनहित का मुद्दा मानने से भी इंकार कर दिया।

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Madhya Pradesh High Court rejects the petition filed against the action, denies the issue of public interest
मध्य प्रदेश हाईकोर्ट - फोटो : Social Media

विस्तार

मध्य प्रदेश के कई जिलों में इन दिनों जिला प्रशासन अपराधिक प्रकरण दर्ज होने के बाद आरोपियों के घर को बुलडोजर से जमींदोज करने की कार्रवाई कर रहा है। बुलडोजर कार्रवाई के खिलाफ मध्य प्रदेश हाईकोर्ट में जनहित याचिका दायर की गयी थी, जिसे हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस रवि विजय कुमार मलिमथ और जस्टिस पी के कौरव की युगलपीठ ने जनहित का मुद्दा मानने से इंकार करते हुए खारिज कर दिया है। 
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अधिवक्ता अमिताभ गुप्ता की तरफ से दायर की गयी याचिका में कहा गया था कि प्रदेश के भिन्न जिलों में अपराधिक प्रकरण दर्ज होने पर आरोपियों का घर को तोड़ने की कार्रवाई पुलिस व प्रशासन द्वारा की जा रही है। याचिका के साथ इंदौर, भोपाल, उज्जैन, खरगोन सहित अन्य जिलों की कार्रवाई के संबंध में अखबारों में प्रकाशित खबरों की प्रतियां पेश की गयी थी। याचिका में कहा गया था कि सुनवाई का अवसर दिये बिना ही अपराधिक प्रकरण दर्ज आरोपियों के घरों को बुलडोजर से गिराने की कार्रवाई अवैधानिक है।
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याचिका के साथ अखबार में प्रकाशित उस समाचार की प्रति भी पेश की गई थी, जिसमें उज्जैन में अब्दुल रफीक के मकान को तोड़ने की कार्रवाई को सर्वोच्च न्यायालय के पूर्व न्यायाधीश दीपक गुप्ता ने कानून का मजाक बताया था। याचिका में कहा गया था कि इस तरह की कार्रवाई से लोगों के मन में भय उत्पन्न होता है। अतिरिक्त महाधिवक्ता आशीष आनंद बर्नाड ने बताया कि याचिका की सुनवाई के दौरान युगलपीठ को बताया गया कि प्रशासन द्वारा अवैध निर्माण पर कार्रवाई की गयी है। याचिकाकर्ता ने सिर्फ अखबारों में प्रकाशित खबरों के आधार पर याचिका दायर की है। कार्रवाई के खिलाफ संबंधित पक्ष ने किसी प्रकार की कोई याचिका दायर नहीं की है। युगलपीठ ने उठाये गये मुद्दे की सुनवाई जनहित का नहीं मानते हुए खारिज कर दिया। 
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गृहमंत्री ने कहा- हमारी कार्रवाई पर मोहर लगाई
दंगाइयों पर बुलडोजर चलाने की कार्रवाई को चुनौती देने वाली याचिका को हाईकोर्ट के खारिज करने पर गृहमंत्री नरोत्तम मिश्रा ने कहा कि हमारी कार्रवाई पर अप्रत्यक्ष रूप से मोहर लगाई है। हम पहले दिन से कह रहे हैं कि हमारी कार्रवाई विधि अनुसार है। हम कानून के दायरे में रह कर काम कर रहे हैं। इससे बाकी लोग समझ लें कि यदि दंगा करेंगे, पत्थर फेकेंगे तो कार्रवाई ऐसी ही होगी। प्रदेश में दंगाइयों के खिलाफ ऐसे ही बुलडोजर चलता रहेगा।
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