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मध्य प्रदेश: हाईकोर्ट ने धार विधायक नीना वर्मा का चुनाव शून्य घोषित किया
टीम डिजिटल, अमर उजाला
Updated Mon, 20 Nov 2017 04:41 PM IST
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नीना वर्मा
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मध्यप्रदेश हाईकोर्ट ने धार से चुनी गईं विधायक नीना वर्मा के निर्वाचन को अधूरे नामांकन कागजात के कारण शून्य घोषत कर दिया है। वकील सुरेश चंद्र भंडारी ने इस संबंध में कोर्ट में याचिका लगाई थी। कोर्ट ने वर्मा को सुप्रीम कोर्ट में अपील करने के लिए 45 दिनों का समय दिया है।
यह दूसरा मौका है जब नीना वर्मा की विधायकी शून्य घोषित की गई है। इससे पहले साल 2012 में भी बालमुकुंद गौतम की याचिका पर कोर्ट ने नीना वर्ना का चुनाव शून्य घोषित किया था।
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सेवानिवृत होने से 7 दिन पहले जस्टिस आलोक वर्मा ने मामले में अपना फैसला सुनाते हुए नीना वर्मा का चुनाव शून्य घोषित कर दिया। मामले की अंतिम सुनवाई 21 सितंबर को हुई थी जिस पर कोर्ट ने आदेश सुरक्षित रख लिया था। गौरतलब है कि सुरेश चंद्र भंडारी ने हाईकोर्ट में दायर अपनी याचिका में आरोप लगाए थे कि नीना वर्मा ने चुनाव नामांकन के दौरान कई जानकारियां या तो अधूरी दी थी या बिल्कुल नहीं दी थी, इस आधार पर उनका चुनाव रद्द किया जाए।
नीना वर्मा के पति विक्रम वर्मा वरिष्ठ भाजपा नेता हैं और कैबिनेट मंत्री रह चुके हैं।
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Madhya Pradesh HC declares election of Dhar BJP MLA Nina Verma as null & void over incomplete nomination papers. An advocate, Suresh Chandra Bhandari, had filed a plea in this regard. The court has also given Verma a time of 45-days to appeal in SC.
— ANI (@ANI) November 20, 2017विज्ञापन
यह दूसरा मौका है जब नीना वर्मा की विधायकी शून्य घोषित की गई है। इससे पहले साल 2012 में भी बालमुकुंद गौतम की याचिका पर कोर्ट ने नीना वर्ना का चुनाव शून्य घोषित किया था।
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सेवानिवृत होने से 7 दिन पहले जस्टिस आलोक वर्मा ने मामले में अपना फैसला सुनाते हुए नीना वर्मा का चुनाव शून्य घोषित कर दिया। मामले की अंतिम सुनवाई 21 सितंबर को हुई थी जिस पर कोर्ट ने आदेश सुरक्षित रख लिया था। गौरतलब है कि सुरेश चंद्र भंडारी ने हाईकोर्ट में दायर अपनी याचिका में आरोप लगाए थे कि नीना वर्मा ने चुनाव नामांकन के दौरान कई जानकारियां या तो अधूरी दी थी या बिल्कुल नहीं दी थी, इस आधार पर उनका चुनाव रद्द किया जाए।
नीना वर्मा के पति विक्रम वर्मा वरिष्ठ भाजपा नेता हैं और कैबिनेट मंत्री रह चुके हैं।
