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सिंगरौली में पुलिस हिरासत से फरार हुआ निलंबित पटवारी: अस्पताल से शौच के बहाने भागा, एएसआई और आरक्षक भी निलंबित
Sat, 29 Aug 2026 09:01 AM IST
सिंगरौली ब्यूरो
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सिंगरौली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सिंगरौली
Published by: सिंगरौली ब्यूरो
Updated Sat, 29 Aug 2026 09:01 AM IST
सार
सिंगरौली में शासकीय भूमि में हेराफेरी और कूटरचना के मामले में गिरफ्तार निलंबित पटवारी राजेश नामदेव जिला चिकित्सालय सह ट्रॉमा सेंटर बैढ़न से पुलिस को चकमा देकर फरार हो गया। बताया गया कि बीमारी का बहाना बनाने के बाद वह रातभर अस्पताल में भर्ती रहा और शुक्रवार की अलसुबह शौच के बहाने टॉयलेट जाकर फरार हो गया।
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गिरफ्तार निलंबित पटवारी राजेश नामदेव
- फोटो : Amar Ujala
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विस्तार
सिंगरौली में शासकीय भूमि की धोखाधड़ी के आरोप में गिरफ्तार निलंबित पटवारी राजेश नामदेव पुलिस को झांसा देकर जिला चिकित्सालय सह ट्रॉमा सेंटर बैढ़न से शुक्रवार की अलसुबह फरार हो गया। उसकी तलाश जारी है। वहीं, इस मामले में पुलिस अधीक्षक सिंगरौली सियाज केएम ने ड्यूटी में तैनात एएसआई और आरक्षक को निलंबित कर दिया है।
जानकारी के अनुसार, मोरवा थाना क्षेत्र के कतरिहार गांव की शासकीय भूमि आराजी खसरा नंबर 356 में हेराफेरी एवं कूटरचना कर खसरा नंबर 356/4, रकबा 4.470 हेक्टेयर, गोन्ही बेवा बैजनाथ भूर्तिया निवासी कतरिहार के नाम फर्जी तौर पर भूमिस्वामी दर्ज कर दिया गया। जांच उपरांत आरोप सही पाए गए, जिसके बाद आरोपी राजेश नामदेव के विरुद्ध मोरवा थाने में भारतीय दंड संहिता (भादवि) की धारा 419, 420, 467, 468 एवं 471 के तहत वर्ष 2015 में अपराध पंजीबद्ध किया गया था। विवेचना के दौरान मामले में धारा 13(1) एवं 13(2) भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम का भी इजाफा किया गया।
अग्रिम जमानत याचिका भी खारिज हो गई
सूत्रों के अनुसार, मामला पंजीबद्ध होने के बाद आरोपी निचली अदालत की शरण में गया था, जहां उसे फौरी तौर पर राहत मिली थी। उच्च न्यायालय से उसकी अग्रिम जमानत याचिका भी खारिज हो गई। करीब दो महीने से मोरवा थाने में मामले में गिरफ्तारी की मांग की जा रही थी। चर्चा है कि पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर एसडीओपी की पुलिस टीम ने बीते गुरुवार को उसे गिरफ्तार कर लिया। बताया जाता है कि मोरवा पुलिस आरोपी को शुक्रवार को न्यायालय में पेश करने के लिए लेकर आई थी, लेकिन किन्हीं कारणों से उसे न्यायालय में पेश नहीं किया जा सका।
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अचानक बीमार होने का बनाया बहाना
चर्चा है कि मेडिकल परीक्षण के लिए आरोपी को जिला चिकित्सालय बैढ़न लाया गया था। इसी दौरान निलंबित पटवारी राजेश नामदेव ने बीमारी का बहाना बनाया। वह रातभर जिला चिकित्सालय में भर्ती रहा। शुक्रवार की अलसुबह शौच के बहाने टॉयलेट गया और यहीं से पुलिस को चकमा देकर फरार हो गया। गिरफ्तार पटवारी की ड्यूटी में तैनात एएसआई ने पुलिस अधिकारियों को इसकी जानकारी दी, जिसके बाद उसकी तलाश शुरू कर दी गई। हालांकि, अभी तक उसका कोई सुराग नहीं लगा है। कोतवाली एवं मोरवा पुलिस की अलग-अलग टीमें उसकी तलाश में जुटी हुई हैं। वहीं, फरार आरोपी के विरुद्ध कोतवाली बैढ़न में बीएनएस की धारा 262 के तहत अपराध पंजीबद्ध किया गया है।
ये भी पढ़ें: मौसम विभाग की चेतावनी: चार दिनों तक पूर्वी एमपी में होगी मूसलाधार बारिश, आज सात जिलों में भारी वर्षा के आसार
एएसआई एवं आरक्षक सस्पेंड
जानकारी के अनुसार, गिरफ्तार पटवारी को न्यायालय में पेश करने के लिए मोरवा थाने से एएसआई गुलाब प्रसाद बहरोलिया एवं आरक्षक श्याम सुंदर सिंह की ड्यूटी लगाई गई थी। दोनों पुलिसकर्मी गुरुवार को जिला न्यायालय बैढ़न में पेश करने के लिए आरोपी को लेकर आए थे। अस्पताल में इलाज के दौरान भी दोनों आरोपी की ड्यूटी में तैनात थे, लेकिन निलंबित पटवारी पुलिसकर्मियों को झांसा देकर फरार हो गया। इस लापरवाही के मामले में एसपी ने उक्त दोनों पुलिसकर्मियों को निलंबित करते हुए लाइन अटैच कर दिया। एसपी की इस कार्रवाई से लापरवाह पुलिसकर्मियों में हड़कंप मचा हुआ है।
क्या बोले एसपी
एसपी सियाज केएम का कहना है कि एक आरोपी को पुलिस न्यायालय में पेश करने लाई थी। आरोपी आज सुबह झांसा देकर फरार हो गया, जिसकी तलाश जारी है। इस मामले में एएसआई और आरक्षक को निलंबित कर दिया गया है।
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जानकारी के अनुसार, मोरवा थाना क्षेत्र के कतरिहार गांव की शासकीय भूमि आराजी खसरा नंबर 356 में हेराफेरी एवं कूटरचना कर खसरा नंबर 356/4, रकबा 4.470 हेक्टेयर, गोन्ही बेवा बैजनाथ भूर्तिया निवासी कतरिहार के नाम फर्जी तौर पर भूमिस्वामी दर्ज कर दिया गया। जांच उपरांत आरोप सही पाए गए, जिसके बाद आरोपी राजेश नामदेव के विरुद्ध मोरवा थाने में भारतीय दंड संहिता (भादवि) की धारा 419, 420, 467, 468 एवं 471 के तहत वर्ष 2015 में अपराध पंजीबद्ध किया गया था। विवेचना के दौरान मामले में धारा 13(1) एवं 13(2) भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम का भी इजाफा किया गया।
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अग्रिम जमानत याचिका भी खारिज हो गई
सूत्रों के अनुसार, मामला पंजीबद्ध होने के बाद आरोपी निचली अदालत की शरण में गया था, जहां उसे फौरी तौर पर राहत मिली थी। उच्च न्यायालय से उसकी अग्रिम जमानत याचिका भी खारिज हो गई। करीब दो महीने से मोरवा थाने में मामले में गिरफ्तारी की मांग की जा रही थी। चर्चा है कि पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर एसडीओपी की पुलिस टीम ने बीते गुरुवार को उसे गिरफ्तार कर लिया। बताया जाता है कि मोरवा पुलिस आरोपी को शुक्रवार को न्यायालय में पेश करने के लिए लेकर आई थी, लेकिन किन्हीं कारणों से उसे न्यायालय में पेश नहीं किया जा सका।
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अचानक बीमार होने का बनाया बहाना
चर्चा है कि मेडिकल परीक्षण के लिए आरोपी को जिला चिकित्सालय बैढ़न लाया गया था। इसी दौरान निलंबित पटवारी राजेश नामदेव ने बीमारी का बहाना बनाया। वह रातभर जिला चिकित्सालय में भर्ती रहा। शुक्रवार की अलसुबह शौच के बहाने टॉयलेट गया और यहीं से पुलिस को चकमा देकर फरार हो गया। गिरफ्तार पटवारी की ड्यूटी में तैनात एएसआई ने पुलिस अधिकारियों को इसकी जानकारी दी, जिसके बाद उसकी तलाश शुरू कर दी गई। हालांकि, अभी तक उसका कोई सुराग नहीं लगा है। कोतवाली एवं मोरवा पुलिस की अलग-अलग टीमें उसकी तलाश में जुटी हुई हैं। वहीं, फरार आरोपी के विरुद्ध कोतवाली बैढ़न में बीएनएस की धारा 262 के तहत अपराध पंजीबद्ध किया गया है।
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एएसआई एवं आरक्षक सस्पेंड
जानकारी के अनुसार, गिरफ्तार पटवारी को न्यायालय में पेश करने के लिए मोरवा थाने से एएसआई गुलाब प्रसाद बहरोलिया एवं आरक्षक श्याम सुंदर सिंह की ड्यूटी लगाई गई थी। दोनों पुलिसकर्मी गुरुवार को जिला न्यायालय बैढ़न में पेश करने के लिए आरोपी को लेकर आए थे। अस्पताल में इलाज के दौरान भी दोनों आरोपी की ड्यूटी में तैनात थे, लेकिन निलंबित पटवारी पुलिसकर्मियों को झांसा देकर फरार हो गया। इस लापरवाही के मामले में एसपी ने उक्त दोनों पुलिसकर्मियों को निलंबित करते हुए लाइन अटैच कर दिया। एसपी की इस कार्रवाई से लापरवाह पुलिसकर्मियों में हड़कंप मचा हुआ है।
क्या बोले एसपी
एसपी सियाज केएम का कहना है कि एक आरोपी को पुलिस न्यायालय में पेश करने लाई थी। आरोपी आज सुबह झांसा देकर फरार हो गया, जिसकी तलाश जारी है। इस मामले में एएसआई और आरक्षक को निलंबित कर दिया गया है।
