राज्य में बिजली व्यवस्था सुधारने के लिए व्हाट्सऐप का सहारा लेगी मध्यप्रदेश सरकार
बिजली कटौती को लेकर चारों ओर आलोचना का सामना कर रही मध्यप्रदेश सरकार बिजली व्यवस्था में सुधार लाने के लिए व्हाट्सऐप का सहारा लेने जा रही है। बता दें कि सोशल मीडिया पर बिजली व्यवस्था को लेकर राज्य सरकार की खूब आलोचना की जा रही है। राज्य के ऊर्जा मंत्री प्रियव्रत सिंह ने सोमवार को राज्य के पश्चिम क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी के अधिकारियों के साथ बैठक की।
बैठक के बाद प्रियव्रत सिंह ने कहा, 'जूनियर इंजीनियर स्तर के सभी अधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि वॉट्सऐप ग्रुप बनाकर इसमें आम लोगों और पत्रकारों समेत विभिन्न तबके के लोगों को जोड़ा जाए। संबंधित क्षेत्र में अगर किसी भी कारण से बिजली वितरण में समस्या पैदा होगी, तो इस ग्रुप में वस्तुस्थिति की जानकारी दी जाएगी ताकि अफवाहों का बाजार गर्म न हो सके।'
उन्होंने कहा, 'बिजली वितरण को लेकर सही सूचना के अभाव में अफवाहें फैलती हैं जिससे कई बार उपभोक्ता उद्वेलित हो जाते हैं। इससे कानून व्यवस्था भी बिगड़ती है।' ऊर्जा मंत्री ने जोर देकर कहा कि राज्य में बिजली की मांग की तुलना में इसका उत्पादन कहीं ज्यादा है। दिसंबर 2018 से मार्च 2019 के बीच बिजली आपूर्ति में पिछली बार के मुकाबले इजाफा देखा गया है।
'किसी भी स्थिति में नहीं होगी अघोषित बिजली कटौती'
ऊर्जा मंत्री ने कहा, 'हमने तय किया है कि किसी भी परिस्थिति में अघोषित बिजली कटौती नहीं की जाएगी, क्योंकि फिलहाल इसकी कोई जरूरत ही नहीं है।' उन्होंने यह आरोप भी लगाया कि राज्य के प्रमुख विपक्षी दल भाजपा के नेता मुख्यमंत्री कमलनाथ और कांग्रेस सरकार के खिलाफ दुष्प्रचार कर रहे हैं और बिजली वितरण की समस्या को बढ़ा-चढ़ा कर पेश कर रहे हैं।
बता दें कि राज्य में बिजली का मुद्दा राजनीतिक रूप से काफी गरम है। सोशल मीडिया पर अघोषित बिजली कटौती की खूब शिकायतें आ रही हैं। इंदौर में रहने वाले मशहूर शायर राहत इंदौरी ने दो जून को ट्विटर पर लिखा था, 'आजकल बिजली जाना आम हो गया है। आज भी पिछले तीन घंटे से बिजली नहीं है। गर्मी है, रमजान भी है। मध्यप्रदेश पश्चिम क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी के दफ्तर में कोई फोन नहीं उठा रहा है। कुछ मदद करें।'
