फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Madhya Pradesh ›   Madhya Pradesh: Godse and Apte's Tilak done from the soil of Ambala Jail, Hindu Mahasabha to install idols in Gwalior

मध्यप्रदेश: हिंदू महासभा अंबाला जेल की मिट्टी से किया गोडसे और आपटे का तिलक, ग्वालियर में स्थापित होंगी मूर्तियां

Tue, 16 Nov 2021 11:06 AM IST
रवींद्र भजनी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, ग्वालियर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, ग्वालियर Published by: रवींद्र भजनी Updated Tue, 16 Nov 2021 11:06 AM IST
सार

हिंदू महासभा ने सोमवार को नाथूराम गोडसे और नारायण आपटे का 72वां बलिदान दिवस मनाया। इस दौरान हरियाणा के अंबाला सेंट्रल जेल से लाई मिट्टी से महात्मा गांधी के हत्यारों का तिलक किया गया।  

विज्ञापन
Madhya Pradesh: Godse and Apte's Tilak done from the soil of Ambala Jail, Hindu Mahasabha to install idols in Gwalior
नाथूराम गोडसे और नारायण आपटे के चित्रों को अंबाला जेल की मिट्टी से तिलक किया गया। - फोटो : सोशल मीडिया

विस्तार

हिंदू महासभा ने हरियाणा के अंबाला सेंट्रल जेल से लाई मिट्टी से महात्मा गांधी के हत्यारों नाथूराम गोडसे और नारायण आपटे का तिलक किया। इसी जेल में 1949 में गोडसे और आपटे को महात्मा गांधी की हत्या करने पर फांसी पर चढ़ाया गया था। हिंदू महासभा ने सोमवार को दोनों का 72वां बलिदान दिवस मनाया।  
विज्ञापन


हिंदू महासभा के उपाध्यक्ष डॉ. जयवीर भारद्वाज ने कहा कि महासभा के कार्यकर्ताओं ने पिछले हफ्ते अंबाला जेल से मिट्टी लाई। इस मिट्टी से महासभा के पदाधिकारियों ने गोडसे और आपटे के चित्रों का तिलक किया। गोडसे की मूर्ति तैयार है, जबकि आपटे की मूर्ति तैयार की जा रही है। महासभा के कार्यकर्ताओं ने मेरठ (उत्तरप्रदेश) में बलिदान धाम में गोडसे और आपटे की मूर्तियों की स्थापना की। हर राज्य में इस तरह के बलिदान धाम बनाए जाएंगे। 
विज्ञापन


भारद्वाज ने कहा कि संविधान में सबको अपनी अभिव्यक्ति का अधिकार है। केंद्र सरकार को भी गोडसे एवं आपटे की मूर्ति लगाने की अनुमति देनी चाहिए। ग्वालियर में गोडसे की मूर्ति बनाकर अंबाला की माटी से तिलक कर पूजा-अर्चना की गई है। आपटे की मूर्ति बनने के बाद दोनों की मूर्ति एक साथ ग्वालियर के हिन्दू महासभा भवन दौलतगज लश्कर में स्थापित की जाएगी। 
विज्ञापन
विज्ञापन


जिला प्रशासन से मांगी है अनुमति
भारद्वाज का कहना है क ग्वालियर जिला प्रशासन ने महासभा के दफ्तर में स्थापित गोडसे की मूर्ति को 2017 में जब्त कर लिया था। उसे अब तक लौटाया नहीं गया है। इन बलिदान धामों का उद्देश्य देशवासियों को यह याद दिलाना है कि महात्मा गांधी के अंत के बाद दो हुतात्माओं को फांसी हुई थी। हिंदू महासभा के ग्वालियर जिला अध्यक्ष लोकेश शर्मा ने ग्वालियर जिला प्रशासन से मूर्ति स्थापित करने की अनुमति मांगी है। इस पर जिला प्रशासन ने अब तक कोई जवाब नहीं दिया है। 

डेढ़ करोड़ लोगों तक पहुंचाया संदेश
हिंदू महासभा के प्रदेश प्रवक्ता हरीदास अगवाल ने कहा कि यूट्यूब, गगूल और अन्य सोशल मीडिया साइट्स के जरिए अब तक डेढ़ करोड़ लोगों ने गोडसे के कोर्ट में दिए अंतिम बयान को सुना है। गोडसे की अस्थियों को उनके परिवार ने अखंड भारत के संकल्प के साथ सिन्धु नदी में विर्सजन करने के लिए आज तक सुरक्षित रखी है।


पुलिस रख रही है महासभा पर नजर
इस बीच ग्वालियर के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक सत्येंद्र सिंह तोमर ने दावा किया कि सोमवार को हिंदू महासभा का कोई बड़ा कार्यक्रम नहीं होने दिया। गोडसे की कोई मूर्ति स्थापित नहीं हुई है। पुलिस महासभा की गतिविधियों पर नजर रख रही है।  
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed