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Madhya Pradesh: कांग्रेस ने कृषि मंत्री कमल पटेल का इस्तीफा मांगा, कमीशनखोरी का आरोप लगाया

Wed, 29 Jun 2022 12:18 PM IST
आनंद पवार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल Published by: आनंद पवार Updated Wed, 29 Jun 2022 12:18 PM IST
सार

नगरीय निकाय और पंचायत चुनाव के बीच राजनीति पार्टियों के बीच आरोप-प्रत्यारोप तेज हो गए है। बुधवार को कांग्रेस ने सरकार पर किसानों को धोखा देने का गंभीर आरोप लगा कृषि मंत्री कमल पटेल का इस्तीफा मांगा है। 

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Madhya Pradesh: Congress seeks resignation of Agriculture Minister Kamal Patel, accuses the government of cheating farmers
कांग्रेस विधायक कुणाल चौधरी की प्रेस वार्ता - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

नगरीय निकाय और पंचायत चुनाव के बीच राजनीति पार्टियों के बीच आरोप-प्रत्यारोप तेज हो गए हैं। बुधवार को कांग्रेस ने सरकार पर किसानों को धोखा देने का गंभीर आरोप लगाया और कृषि मंत्री कमल पटेल का इस्तीफा मांगा है। उन्होंने कहा कि कृषि विभाग में कमीशनखोरी के कारण बजट तक लैप्स हो गया ऐसे असफल मंत्री को इस्तीफा देना चाहिए।
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कांग्रेस विधायक कुणाल चौधरी ने कांग्रेस मुख्यालय में बुधवार को कहा कि भाजपा किसान विरोधी है। मध्य प्रदेश में साल दर साल मूंग का रकबा बढ़ता जा रहा है। इस साल 5 लाख टन से अधिक ग्रीष्मकालीन मूंग का उत्पादन हुआ है। उन्होंने कहा कि सरकार ने मूंग की खरीदी समर्थन मूल्य पर प्रारंभ नहीं की, जिससे किसानों को भारी नुकसान हो रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि गेहूं खरीदी का भुगतान जो दो से तीन दिन में होना चाहिए 1 महीने से भी ज्यादा देरी से किया गया है। जिस वजह से किसानों को कृषि ऋण पर मिलने वाले जीरो प्रतिशत ब्याज योजना का लाभ नहीं मिल पाया।
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चौधरी ने कहा कि मध्य प्रदेश में बोनी का समय आ गया है, लेकिन अभी तक प्राथमिक सहकारी समितियों के माध्यम से सोयाबीन, धान, मक्के एवं अन्य पैदावर का बीज नहीं दिया जा रहा है। जहां किसानों को सोयाबीन के बाजार में दाम जहां 6 हजार प्रति क्विंटल तक थे अब सोयाबीन के बीज 15 से 16 हजार रुपये प्रति क्विंटल तक बिक रहे हैं। सरकार के बीज उपलब्ध नहीं करवाने से किसानों को भारी क्षति हो रही है। उन्होंने कहा कि किसानों को खरीफ की बोनी के लिए खाद और बीज नहीं मिल रहा है। डीएपी सहकारी सोसाइटियां गायब हैं।
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उन्होंने कहा कि गेहूं खरीदी में सरकार द्वारा बोनस नहीं दिया गया, जिस वजह से इस वर्ष 54 प्रतिशत तक गेहूं खरीदी घट गई। साथ ही गेहूं खरीदी के दौरान भी 20 प्रतिशत प्रति क्विंटल छनवाई के लिए गए 500 क्विंटल तक गेहूं डालने वाले किसान को 10 हजार अकेले छनवाई देना पड़ गई।  

 
चौधरी ने कहा कि पशुओं के लिए बारिश के दिनों में वैक्सीनेशन किया जाता है, लेकिन अभी तक कोई भी टीकाकरण शुरू नहीं किया गया है। उन्होंने मांग कि तत्काली पशुओं को वैक्सीनेशन प्रारंभ किया जाए। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस सरकार में गौशालाएं खोली गई थीं, चारे की राशि बढ़ाई थी। भाजपा गौशाला बंद करके चारा का अनुदान कम करके स्लॉटर हाउस खोलना चाहती है। 
 
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