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Madhya Pradesh: आंगनवाड़ी केंद्रों के लिए खिलौने जुटाने हाथ ठेला लेकर निकलेंगे सीएम, लोगों से की सहयोग की अपील
Tue, 24 May 2022 03:46 PM IST
अंकिता विश्वकर्मा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
Published by: अंकिता विश्वकर्मा
Updated Tue, 24 May 2022 03:46 PM IST
सार
मुख्यमंत्री चौहान मंगलवार को आंगनवाड़ी केंद्रों के लिए खिलौने और आवश्यक सामग्री एकत्रित करने हाथ ठेला लेकर निकलेंगे। सीएम अशोका गार्डन के विवेकानंद चौराहे से मनसा देवी मंदिर तक करीब एक किमी क्षेत्र में आवश्यक सामग्री जन सहयोग से प्राप्त करेंगे।
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शिवराज सिंह चौहान (फाइल फोटो)
- फोटो : सोशल मीडिया
विस्तार
मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान मंगलवार को आंगनवाड़ी केंद्रों के लिए लोगों से जनसहयोग की अपील करने और बच्चों के लिए खिलौने लेने निकलेंगे। सीएम हाथ ठेला लेकर जनता के सहयोग से आंगनवाड़ी केंद्रों के लिए आवश्यक सामग्री जुटाएंगे। मुख्यमंत्री मंगलवार को भोपाल के अशोका गार्डन क्षेत्र से हाथ ठेले से सामग्री एकत्रीकरण अभियान का शुभारंभ करेंगे। अभियान की रूपरेखा पर चर्चा के लिए मुख्यमंत्री ने सोमवार को बैठक बुलाई। बैठक में मंत्री विश्वास सारंग, मुख्य सचिव इकबाल सिंह बैंस और अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
सीएम ने लोगों से सहयोग की अपील की
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में 'एडाप्ट एन आंगनवाड़ी' अभियान संचालित है। इस अभियान को गति प्रदान करने के लिए वे स्वयं हाथ ठेला लेकर जनता से आव्हान करेंगे कि आंगनवाड़ी बच्चों के लिए खिलौने एवं स्टेशनरी सामग्री प्रदान करें। अनेक स्थानों पर लोगों ने वॉटर कूलर और फर्नीचर भी आंगनवाड़ी केंद्रों को दिया है। इन केंद्रों में आने वाले बच्चों के खान-पान में पौष्टिक सामग्री शामिल करने अनेक नागरिक आगे आए हैं। इस अभियान को जनता के सहयोग से ही बेहतर ढंग से संचालित किया जा सकता है। यदि स्वैच्छिक सहयोग मिलता है तो इन केंद्रों की उपयोगिता बढ़ जाएगी और वे बच्चे भी आंगनवाड़ी केंद्रों तक पहुंचेंगे जो वर्तमान में नहीं आ रहे हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में भी किसान भाईयों ने आंगनवाड़ी केंद्रों के लिए अनाज उपलब्ध करवाया है। पोषण मटके में खाद्य सामग्री भी प्रदान करने के कार्य में सहयोग मिल रहा है। मुख्यमंत्री चौहान ने कहा कि शहरी क्षेत्रों में बच्चों को स्कूल बैग, ड्राइंग शीट कलर्स के साथ ही कॉमिक्स और अन्य शिक्षाप्रद साहित्य उपलब्ध हो इसके लिए जन सहयोग आवश्यक है।
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हाथ ठेला लेकर खिलौने एकत्रित करेंगे सीएम
मुख्यमंत्री चौहान ने कहा कि आंगनवाड़ी केंद्रों में आने वाले बच्चे जीवन में अभाव महसूस न करें, इसके लिए सरकार और समाज को संयुक्त प्रयास करने होंगे। समाज के विभिन्न वर्ग सहयोग करेंगे। इनमें स्वैच्छिक संगठनों के सदस्य, अधिकारी-कर्मचारी, व्यापारी, जनप्रतिनिधि, रहवासी संघ के पदाधिकारी भी शामिल हैं। बैठक में चिकित्सा शिक्षा मंत्री विश्वास सारंग ने बताया कि अशोका गार्डन क्षेत्र में विवेकानंद चौराहे से मनसा देवी मंदिर तक करीब एक किलोमीटर क्षेत्र में पैदल चलते हुए आंगनवाड़ियों के लिए खिलौने और अन्य आवश्यक सामग्री जन सहयोग से प्राप्त की जाएगी। मुख्यमंत्री चौहान के साथ जनप्रतिनिधि भी उपस्थित रहेंगे।
एडॉप्ट एन आंगनवाड़ी अभियान से जुड़ रहे लोग
संचालक महिला एवं बाल विकास डॉ. रामराव भोंसले ने बताया कि "एडॉप्ट एन आँगनवाड़ी" में अब तक 93 हजार 32 आंगनवाड़ी केन्द्रों पर सहयोग के लिये 1 लाख 235 विभिन्न संस्थाओं/व्यक्तियों द्वारा पंजीयन करवाया गया है। महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा इन सभी सहयोगियों से सम्पर्क किया गया। सम्पर्क के बाद 95 हजार 971 द्वारा सहमति व्यक्त की गयी। डॉ. भोंसले ने बताया कि "एडॉप्ट एन आंगनवाड़ी" में सहयोगकर्ता और दानदाता केन्द्रों की आधारभूत आवश्यकताओं, बच्चों की व्यक्तिगत आवश्यकता तथा स्वास्थ्य एवं पोषण व्यवस्थाओं में सहयोग कर अपनी सहभागिता कर सकते हैं। उन्होंने बताया कि नवीन आंगनवाड़ी भवन निर्माण, भवन में अतिरिक्त कक्ष का निर्माण, मरम्मत कार्य, पूर्व निर्मित भवनों में बाउंड्रीवॉल का निर्माण, झूला, फिसल पट्टी, सीस झूला एवं फर्नीचर आदि के लिये लगभग 6 करोड़ 80 लाख रुपये की सहमति प्रदान की गई है। प्रदेश में 7 करोड़ 99 लाख रुपये की लागत का सहयोग बच्चों की यूनिफार्म, गर्म कपड़े, स्वेटर, केप, जूते-चप्पल, बेग, खिलौने आदि सामग्री के लिये प्राप्त है।
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सीएम ने लोगों से सहयोग की अपील की
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में 'एडाप्ट एन आंगनवाड़ी' अभियान संचालित है। इस अभियान को गति प्रदान करने के लिए वे स्वयं हाथ ठेला लेकर जनता से आव्हान करेंगे कि आंगनवाड़ी बच्चों के लिए खिलौने एवं स्टेशनरी सामग्री प्रदान करें। अनेक स्थानों पर लोगों ने वॉटर कूलर और फर्नीचर भी आंगनवाड़ी केंद्रों को दिया है। इन केंद्रों में आने वाले बच्चों के खान-पान में पौष्टिक सामग्री शामिल करने अनेक नागरिक आगे आए हैं। इस अभियान को जनता के सहयोग से ही बेहतर ढंग से संचालित किया जा सकता है। यदि स्वैच्छिक सहयोग मिलता है तो इन केंद्रों की उपयोगिता बढ़ जाएगी और वे बच्चे भी आंगनवाड़ी केंद्रों तक पहुंचेंगे जो वर्तमान में नहीं आ रहे हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में भी किसान भाईयों ने आंगनवाड़ी केंद्रों के लिए अनाज उपलब्ध करवाया है। पोषण मटके में खाद्य सामग्री भी प्रदान करने के कार्य में सहयोग मिल रहा है। मुख्यमंत्री चौहान ने कहा कि शहरी क्षेत्रों में बच्चों को स्कूल बैग, ड्राइंग शीट कलर्स के साथ ही कॉमिक्स और अन्य शिक्षाप्रद साहित्य उपलब्ध हो इसके लिए जन सहयोग आवश्यक है।
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हाथ ठेला लेकर खिलौने एकत्रित करेंगे सीएम
मुख्यमंत्री चौहान ने कहा कि आंगनवाड़ी केंद्रों में आने वाले बच्चे जीवन में अभाव महसूस न करें, इसके लिए सरकार और समाज को संयुक्त प्रयास करने होंगे। समाज के विभिन्न वर्ग सहयोग करेंगे। इनमें स्वैच्छिक संगठनों के सदस्य, अधिकारी-कर्मचारी, व्यापारी, जनप्रतिनिधि, रहवासी संघ के पदाधिकारी भी शामिल हैं। बैठक में चिकित्सा शिक्षा मंत्री विश्वास सारंग ने बताया कि अशोका गार्डन क्षेत्र में विवेकानंद चौराहे से मनसा देवी मंदिर तक करीब एक किलोमीटर क्षेत्र में पैदल चलते हुए आंगनवाड़ियों के लिए खिलौने और अन्य आवश्यक सामग्री जन सहयोग से प्राप्त की जाएगी। मुख्यमंत्री चौहान के साथ जनप्रतिनिधि भी उपस्थित रहेंगे।
एडॉप्ट एन आंगनवाड़ी अभियान से जुड़ रहे लोग
संचालक महिला एवं बाल विकास डॉ. रामराव भोंसले ने बताया कि "एडॉप्ट एन आँगनवाड़ी" में अब तक 93 हजार 32 आंगनवाड़ी केन्द्रों पर सहयोग के लिये 1 लाख 235 विभिन्न संस्थाओं/व्यक्तियों द्वारा पंजीयन करवाया गया है। महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा इन सभी सहयोगियों से सम्पर्क किया गया। सम्पर्क के बाद 95 हजार 971 द्वारा सहमति व्यक्त की गयी। डॉ. भोंसले ने बताया कि "एडॉप्ट एन आंगनवाड़ी" में सहयोगकर्ता और दानदाता केन्द्रों की आधारभूत आवश्यकताओं, बच्चों की व्यक्तिगत आवश्यकता तथा स्वास्थ्य एवं पोषण व्यवस्थाओं में सहयोग कर अपनी सहभागिता कर सकते हैं। उन्होंने बताया कि नवीन आंगनवाड़ी भवन निर्माण, भवन में अतिरिक्त कक्ष का निर्माण, मरम्मत कार्य, पूर्व निर्मित भवनों में बाउंड्रीवॉल का निर्माण, झूला, फिसल पट्टी, सीस झूला एवं फर्नीचर आदि के लिये लगभग 6 करोड़ 80 लाख रुपये की सहमति प्रदान की गई है। प्रदेश में 7 करोड़ 99 लाख रुपये की लागत का सहयोग बच्चों की यूनिफार्म, गर्म कपड़े, स्वेटर, केप, जूते-चप्पल, बेग, खिलौने आदि सामग्री के लिये प्राप्त है।
संचालक डॉ. भोंसले ने बताया कि सहयोगकर्ताओं द्वारा पोषण और सुपोषण घटक में बच्चों के मध्यम एवं गंभीर कुपोषण निवारण के लिये थेरेपेटिक न्यूट्रीशन एवं दवाइयों के लिये एक करोड़ 98 लाख रुपये का सहयोग प्राप्त हुआ है। "एडॉप्ट एन आँगनवाड़ी" कार्यक्रम से जुड़ने के लिये मोबाईल नम्बर 8989622333 पर मिस्ड कॉल या https//mpwcdmis.gov.in/AwcadoptionDetails.aspx लिंक पर जाकर पंजीयन कराया जा सकता है। पंजीयन के बाद संबंधित जिला अधिकारी द्वारा इच्छुक सहयोगकर्ता से सम्पर्क कर चिन्हित आंगनवाड़ियों की आवश्यकताओं एवं इसके लिये आवश्यक सहयोग राशि से अवगत कराया जा सकता है।
