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मध्य प्रदेश: कैट ने IPS पुरुषोत्तम शर्मा के निलंबन को निरस्त किया, फैसले के खिलाफ हाईकोर्ट जाएंगी सरकार
Fri, 06 May 2022 09:05 AM IST
आनंद पवार
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
Published by: आनंद पवार
Updated Fri, 06 May 2022 09:05 AM IST
सार
मध्य प्रदेश के जबलपुर केंद्रीय प्रशासनिक ट्रिब्यूनल (कैट) से निलंबित आईपीएस पुरुषोत्तम शर्मा को राहत मिली है। कैट ने उनके निलंबन आदेश को निरस्त कर दिया है। पत्नी के साथ मारपीट किए जाने का वीडियो वायरल होने के बाद राज्य सरकार ने स्पेशल डीजी पुरुषोत्तम शर्मा को निलंबित कर दिया था। राज्य सरकार कैट के निर्णय के खिलाफ हाईकोर्ट जाएंगी
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आईपीएस पुरुषोत्तम शर्मा
- फोटो : एएनआई (फाइल)
विस्तार
मध्य प्रदेश के जबलपुर केंद्रीय प्रशासनिक ट्रिब्यूनल (कैट) से निलंबित आईपीएस पुरुषोत्तम शर्मा को राहत मिली है। कैट ने उनके निलंबन आदेश को निरस्त कर दिया है। पत्नी के साथ मारपीट किए जाने का वीडियो वायरल होने के बाद राज्य सरकार ने स्पेशल डीजी पुरुषोत्तम शर्मा को निलंबित कर दिया था। राज्य सरकार कैट के निर्णय के खिलाफ हाईकोर्ट जाएंगी
आइपीएस ऑफिसर ने अपने निलंबन पर एकतरफा कार्यवाही को चुनौती दी थी। याचिका पर गुरुवार को सुनवाई के दौरान बताया गया सरकार द्वारा उनके निलंबन को लगातार बढ़ाया जा रहा। नियम के अनुसार निलंबन की प्रथम अवधि 6 माह की होती है। इसके बाद निलंबन अवधि को बढ़ाने के लिए तीन सदस्यीय कमेटी की सिफारिश आवश्यक रहती है, कमेटी में प्रमुख सचिव गृह, सचिव तथा DGP सदस्य होते हैं। सरकार द्वारा कमेटी की सिफारिश के बिना निलंबन अवधि में 5 बार बढ़ोतरी की गई जो अवैधानिक है। युगलपीठ में निर्धारित प्रक्रिया का पालन नहीं किए जाने के कारण सरकार के निलंबन आदेश को निरस्त कर दिया है।
वहीं, इस मामले में गृह विभाग के अधिकारियों का कहना है कि कैट के जारी आदेश पर विधिक राय प्राप्त कर हाईकोर्ट में अपील दाखिल करने संबंधित निर्णय लिया जाएगा।
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आइपीएस ऑफिसर ने अपने निलंबन पर एकतरफा कार्यवाही को चुनौती दी थी। याचिका पर गुरुवार को सुनवाई के दौरान बताया गया सरकार द्वारा उनके निलंबन को लगातार बढ़ाया जा रहा। नियम के अनुसार निलंबन की प्रथम अवधि 6 माह की होती है। इसके बाद निलंबन अवधि को बढ़ाने के लिए तीन सदस्यीय कमेटी की सिफारिश आवश्यक रहती है, कमेटी में प्रमुख सचिव गृह, सचिव तथा DGP सदस्य होते हैं। सरकार द्वारा कमेटी की सिफारिश के बिना निलंबन अवधि में 5 बार बढ़ोतरी की गई जो अवैधानिक है। युगलपीठ में निर्धारित प्रक्रिया का पालन नहीं किए जाने के कारण सरकार के निलंबन आदेश को निरस्त कर दिया है।
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वहीं, इस मामले में गृह विभाग के अधिकारियों का कहना है कि कैट के जारी आदेश पर विधिक राय प्राप्त कर हाईकोर्ट में अपील दाखिल करने संबंधित निर्णय लिया जाएगा।
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