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मध्यप्रदेश चुनाव 2018: राघौगढ़ की जनता बोली- कांग्रेस के विधायक हैं इसलिए राज्य सरकार का ध्यान नहीं

Wed, 14 Nov 2018 11:05 AM IST
चुनाव डेस्क, अमर उजाला, राघौगढ़
चुनाव डेस्क, अमर उजाला, राघौगढ़ Updated Wed, 14 Nov 2018 11:05 AM IST
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Madhya Pradesh assembly election 2018: electoral issues of people of Raghogarh
अमर उजाला चुनाव रथ राघौगढ़ में - फोटो : Amar Ujala
मध्यप्रदेश विधानसभा चुनाव के लिए 28 नवंबर को वोट डाले जाएंगे। अमर उजाला आपको बता रहा है मध्यप्रदेश के जमीनी हालात और उन विषयों के बारे में जो इस बार चुनावी मुद्दे हैं। इसी के मद्देनजर अमर उजाला का चुनाव रथ पहुंचा राघौगढ़ विधानसभा सीट। संवाददाता वैभव कुमार ने आम जनता और सियासी दलों से बात करके यहां मूड जानने की कोशिश की। 
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उन्होंने जाना कि आखिर जनता क्या चाहती है? उनके चुने हुए नेता उनकी उम्मीदों पर कितने खरे उतरे हैं? साथ ही यह भी जाना की जनता इस बार के चुनाव में किसे मौका देने का मन रखती है। टी वैली प्रायोजित अमर उजाला के खास लाइव कार्यक्रम सत्ता के सेमीफाइनल में जानिए कि राघौगढ़ इस बार किन मुद्दों पर वोट करने वाला है। 
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राघौगढ़ विधानसभा सीट कांग्रेस का किला माना जाता है। दिग्विजय सिंह के बेटे जयवर्धन सिंह इस सीट से विधायक हैं। पिछले विधानसभा चुनाव में पहली बार चुनाव लड़े थे और करीब 58 हजार वोटों से जीत दर्ज की थी। स्थानीय विधायक के कामकाज को लेकर यहां लोगों की मिलीजुली प्रतिक्रिया मिली। लोगों ने कहा कि चूंकि यहां कांग्रेस के विधायक हैं इसलिए लोगों प्रदेश सरकार की योजनाओं का लाभ नहीं उठा पा रहे। 
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वेल्डिंग का काम करने वाले एक युवा कारीगर ने कहा कि यहां रामराज है। एक अन्य व्यक्ति ने कहा नाम के लिए विकास हुआ है, सड़कों की हालत खराब है।

दूधवाले ने कहा कोई काम नहीं हुआ। उन्होंने कहा कि 20 रुपये लीटर दूध बिकता है। 60 हजार में गाय आती है। एक मजदूर ने कहा कि उनके लिए कोई समस्या नहीं है। 

किसान ने कहा कि बिजली की व्यवस्था थोड़ी कम है। दो शिफ्ट में करीब 10 घंटे मिलती है। सिंचाई में थोड़ी दिक्कत आती है। स्वच्छता बहुत अच्छी नहीं है। 

एक अन्य मजदूर ने कहा कि समस्या ही समस्या है। उन्होंने कहा कि समस्या कोई नहीं सुनता ना ही हल करता है। 

व्यापारी प्रकोष्ठ के मंडल संयोजक ने बताया कि कारोबारियों के लिए सबसे बड़ी समस्या मंडी है। शहर का कोई भी व्यापारी धंधा करने के लिए इस मंडी में नहीं आया। क्योंकि राजा महाराजाओं को टिकट दिया जाता है। 

उन्होंने कहा कि नगर पालिका के मुद्दे हों या विधानसभा के अन्य मुद्दे, विधायक ने घोषणापत्र के किए वादे पूरे नहीं हुए। उन्होंने शहर में गैस पाइपलाइन लगाने, सड़क, नाली बनान के वादे पूरे नहीं हुए। किसान, व्यापारी, मजदूर किसी के लिए काम नहीं किया। 


उन्होंने कहा कि जहां कांग्रेस के विधायक हैं वहां प्रदेश सरकारों की योजनाओं की जानकारी लोगों तक नहीं पहुंच पाई है। जिसकी वजह से लोगों को राज्य सरकार की योजनाओं का लाभ नहीं मिल पाया है। 
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