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MP में लेटर वॉर: विधानसभा अध्यक्ष का राज्यपाल को पत्र, बंगलूरू में कैद विधायकों को छुड़वाएं
Tue, 17 Mar 2020 08:36 PM IST
योगेश साहू
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल।
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल।
Published by: योगेश साहू
Updated Tue, 17 Mar 2020 08:36 PM IST
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मध्य प्रदेश के विधानसभा अध्यक्ष एनपी प्रजापति
- फोटो : ANI
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मध्यप्रदेश में सियासी घटनाक्रम रोज तेजी से बदल रहा है। सरकार बनने या गिरने की तमाम शंकाओं के बीच अब प्रदेश में लेटर वॉर शुरू हो गया है। ताजा पत्र विधानसभा अध्यक्ष ने राज्यपाल को लिखा है। इसमें उन्होंने राज्यपाल से बंगलूरू में कैद विधायकों को छुड़वाने की अपील की है।
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प्रजापति ने मीडिया को बताया कि राज्यपाल को लिखे पत्र में मैंने कहा कि मुझे 16 विधायकों के इस्तीफे किसी अन्य व्यक्ति के माध्यम से प्राप्त हुए हैं। सदन के नियमों के मुताबिक सभी विधायकों को व्यक्तिगत तौर पर प्रस्तुत होने के लिए कहा गया था, परंतु उनमें से कोई नहीं आया। ऐसे में इस्तीफों को फिलहाल विचाराधीन रखा हुआ है।
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पत्र में आगे कहा गया है कि 16 विधायकों के परिजनों में से कुछ ने उनकी सुरक्षा को लेकर चिंता भी जताई है। मैं भी चिंतित हूं और आपसे अनुरोध करता हूं कि हमारे डर को दूर करने के लिए ठोस कदम उठाएं।
बता दें कि इससे पहले प्रदेश के मुख्यमंत्री कमलनाथ ने राज्यपाल को पत्र लिखकर सदन अगली तारीख तक के लिए स्थगित होने हवाला देते हुए फ्लोर टेस्ट नहीं कराने को लेकर पूछे गए सवाल का जवाब दिया था। बता दें कि स्वयं राज्यपाल लालजी टंडन ने भी मुख्यमंत्री कमलनाथ को पत्र लिखकर फ्लोर टेस्ट कराने और बहुमत साबित करने के लिए कहा था।
पूर्व सीएम ने अफसरों को चेताया, बोले- सूची बना रहा हूं
इस बीच ताजा घटनाक्रम के मुताबिक मध्यप्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने मंगलवार को प्रदेश के अफसरों को अपने ही अंदाज में चेतावनी दे डाली। उन्होंने कहा कि कुछ अधिकारी इनके कहने पर काम कर रहे हैं। मैं उन अधिकारियों को चेतावनी देना चाहता हूं। मेरे पास तुरंत खबर आती है। एक-एक की सूची बना रहा हूं। जो गलत काम कर रहे हैं उनको हम छोड़ेंगे नहीं।
कमलनाथ ने बैठक बुलाई, कांग्रेस भी सुप्रीम कोर्ट पहुंची
इससे पहले मुख्यमंत्री कमलनाथ ने मंगलवार को अपने आवास पर विधायक दल की बैठक बुलाई। वहीं कांग्रेस ने बंगलूरू में ठहरे अपने विधायकों के लिए सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया। पार्टी ने मंगलवार को इन विधायकों से संवाद के लिए संपर्क साधने की मंजूरी देने के लिए सुप्रीम कोर्ट से केंद्र सरकार और कर्नाटक सरकार को निर्देश देने की गुहार लगाई है।
राज्यपाल से मिले भाजपा नेता
इससे पहले दिन में मध्यप्रदेश के राज्यपाल लालजी टंडन से मुलाकात के लिए भाजपा नेता राजभवन पहुंचे। भाजपा नेताओं में पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान, गोपाल भार्गव, भूपेंद्र सिंह और वीडी शर्मा शामिल थे।
कम अदालत में मौजूद रहेंगे हमारे वकील: पीसी शर्मा
मध्यप्रदेश के मंत्री पीसी शर्मा ने कहा, 'आज उच्चतम न्यायालय ने मुख्यमंत्री कमलनाथ, विधानसभा अध्यक्ष एनपी प्रजापति और कांग्रेस पार्टी को नोटिस जारी किया है। कम हमारे वकील अदालत में मौजूद रहेंगे और हमें उच्चतम न्यायालय और न्याय प्रणाली पर पूरा भरोसा है।'
कमलनाथ झूठ बोल रहे हैं: नरोत्तम मिश्रा
भाजपा के मध्यप्रदेश के चीफ व्हिप नरोत्तम मिश्रा ने कहा, 'मैंने कल एक टीवी चैनल पर मुख्यमंत्री को यह कहते हुए सुना की भाजपा अविश्वास प्रस्ताव लेकर आई है। यह झूठ है। यह उनकी बचने की युक्ति है। वह झूठ क्यों बोल रहे हैं? हम कह रहे हैं कि हमने कोई नोटिस नहीं दिया है।
राज्यपाल ने उन्हें बहुमत साबित करने के लिए कहा है। हमने सरकार के खिलाफ अपने हस्ताक्षर दिए हैं और वह इसे अविश्वास प्रश्ताव कह रहे हैं। उनका कहना है कि बंधक बनाए गए विधायकों को मीडिया के सामने आना चाहिए, आज वह मीडिया के सामने आए थे।'
