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उज्जैन: कोलकाता के दानदाता ने श्री महाकालेश्वर भगवान को 3 किलो का चांदी का छत्र किया भेट, 110 दिन में 23 करोड़ रुपये से अधिक का चढ़ावा

Sun, 21 Nov 2021 01:03 PM IST
प्रशांत कुमार झा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल Published by: प्रशांत कुमार झा Updated Sun, 21 Nov 2021 01:03 PM IST
सार

कोरोना के बाद महाकाल मंदिर में 110 दिन में 23 करोड़ रुपये से अधिक का चढ़ावा चढ़ाया गया है। देश के अलग-अलग हिस्सों से श्रद्धालु हर साल लाखों श्रद्धालु यहां दर्शन के लिए पहुंचते हैं और महाकाल पर चढ़ावा चढ़ाते हैं। 

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Kolkata devotee donates three kg silver umbrella at Shri Mahakaleshwar mahadev in ujjain
महाकाल मंदिर में चांदी का छत्र किया गया भेट - फोटो : सोशल मीडिया

विस्तार

कोलकाता से आए बद्रीनारायण मोदी ने श्री महाकालेश्वर मंदिर में तीन किलो का चांदी का छत्र श्री महाकालेश्वर भगवान को भेंट किया। मोदी ने यह चांदी का छत्र मंदिर परिसर में मंदिर प्रबंध समिति द्वारा स्थापित दान काउंटर पर जमा करवाया। उन्हें इसके लिए विधिवत रसीद प्रदान की गई। मंदिर प्रबंध समिति के कोठार प्रभारी मनीष पांचाल ने यह जानकारी दी है। प्राप्त जानकारी के अनुसार जो चांदी का छत्र चढ़ाया गया है, उसकी कीमत 2 लाख रुपये से अधिक है। 

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पत्नी की इच्छा पूरी करने 17 लाख के जेवर किए थे दान
पिछले महीने झारखंड निासी रश्मिप्रभा की इच्छा थी कि उनकी मृत्यु के बाद उनके सभी गहने महाकाल मंदिर में दान कर दिए जाए। तब 18 अक्तूबर को उनके पति संजीव कुमार पिता परमानंद प्रसाद अपनी माता सूरज प्यारी के साथ महाकाल मंदिर पहुंचे थे। उन्होंने महाकाल मंदिर में 17 लाख रुपये मूल्य के जेवरात दान किए थे। 
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28 जून से दोबारा खोला गया मंदिर 
कोरोना संक्रमण की वजह से 2021 के कुछ महीने श्रद्धालुओं का मंदिर में प्रवेश बंद था। संक्रमण दर कम होते ही मंदिर प्रबंध समिति ने 28 जून को दोबारा आम दर्शनार्थियों के लिए मंदिर में प्रवेश खोल दिया था। 28 जून 2021 से लेकर 15 अक्तूबर 2021 तक 3 महीने 17 दिन में भगवान महाकाल के खजाने में लड्डू प्रसाद, शीघ्र दर्शन टिकट, मंदिर परिसर में रखी विभिन्न भेंट पेटिया, अभिषेक, भेंट से प्राप्त राशि, भस्म आरती बुकिंग और अन्य विविध आय, ध्वजा और शृंगार के माध्यम से करीब 23 करोड 3 लाख 54 हजार 538 रुपये की आय थी।

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