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Khandwa News: नमाज के बाद गले मिलकर दी ईद की मुबारकबाद, तीन दिन चलेगा कुर्बानी का सिलसिला
Mon, 17 Jun 2024 12:32 PM IST
खंडवा ब्यूरो
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, खंडवा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, खंडवा
Published by: खंडवा ब्यूरो
Updated Mon, 17 Jun 2024 12:32 PM IST
सार
ईदगाह पर नमाज अदा करने पहुंचे शहर काजी सैय्यद निसार अली ने बताया कि जिलेभर में ईद का पर्व बड़े ही हर्षोल्लास के साथ मनाया गया है। जिलेभर की मस्जिदों में बड़ी संख्या में समाज के लोगों ने नमाज अदा की है। इसके बाद दुआ मांगी गई और एक दूसरे से गले मिलकर ईद की मुबारकबाद दी गई।
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ईदगाह पर नमाज अदा करते मुस्लिम समाजजन
विस्तार
मध्य प्रदेश के खंडवा जिले में देशभर में ईद उल अजहा पर्व को लेकर मुस्लिम समाज में सुबह से ही उत्साह है। विशेषकर बच्चों में नए कपड़े पहनकर ईदगाह जाने को लेकर खासा उत्साह देखा गया। यहां सुबह लगभग 6 बजे से ही जिले की सभी मस्जिदों में ईद की नमाज पढ़ने का सिलसिला शुरू हुआ, जो सुबह करीब 9 बजे तक चला। ईद की मुख्य नमाज शहर की ईदगाह पर शहर काजी सैय्यद निसार अली की सदारत में अदा करवाई गई । नमाज के बाद ईद को लेकर खुतबा पढ़ा गया। इसके बाद शहर सहित देश भर में अमन चैन के लिए दुआएं मांगी गईं और एक दूसरे से गले मिलकर ईद की मुबारकबाद दी गई। इस दौरान ईदगाह सहित शहर की सभी मस्जिदों और मुस्लिम क्षेत्रों में पुलिस बल के द्वारा सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए थे।
ईद की नमाज के बाद बकरा ईद के नाम से मशहूर ईद उल अजहा पर्व पर जानवरों की कुर्बानी देने की परंपरा निभाई गई। तीन दिन तक चलने वाले इस पर्व के दौरान मुस्लिम समाज के साहिबे हैसियत लोगों पर इस्लाम के अनुसार कुर्बानी वाजिब रहती है, जिसे समाजजन वर्षों पहले इस्लाम के पैगम्बर हज़रत इब्राहीम अलैहिस्सलाम के द्वारा अपने एकलौते बेटे हजरत इस्माईल अलैहिस्सलाम को कुर्बान करने को तैयार होने की याद में अल्लाह की रजा के लिए अंजाम देते हैं। इस दौरान कुर्बानी के जानवर को तीन हिस्सों में बांटा जाता है। जिसमें से एक हिस्सा जानवर के मालिक, एक रिश्तेदारों और फिर शेष बचा हिस्सा गरीबों में बांटने के लिए रखा जाता है।
इस दौरान खंडवा नगर के सिंघाड़ तलाई क्षेत्र स्थित ईदगाह पर नमाज अदा करने पहुंचे शहर काजी सैय्यद निसार अली ने बताया कि जिलेभर में ईद का पर्व बड़े ही हर्षोल्लास के साथ मनाया गया है। जिलेभर की मस्जिदों में बड़ी संख्या में समाज के लोगों ने नमाज अदा की है। इसके बाद दुआ मांगी गई और एक दूसरे से गले मिलकर ईद की मुबारकबाद दी गई।
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ईद की नमाज के बाद बकरा ईद के नाम से मशहूर ईद उल अजहा पर्व पर जानवरों की कुर्बानी देने की परंपरा निभाई गई। तीन दिन तक चलने वाले इस पर्व के दौरान मुस्लिम समाज के साहिबे हैसियत लोगों पर इस्लाम के अनुसार कुर्बानी वाजिब रहती है, जिसे समाजजन वर्षों पहले इस्लाम के पैगम्बर हज़रत इब्राहीम अलैहिस्सलाम के द्वारा अपने एकलौते बेटे हजरत इस्माईल अलैहिस्सलाम को कुर्बान करने को तैयार होने की याद में अल्लाह की रजा के लिए अंजाम देते हैं। इस दौरान कुर्बानी के जानवर को तीन हिस्सों में बांटा जाता है। जिसमें से एक हिस्सा जानवर के मालिक, एक रिश्तेदारों और फिर शेष बचा हिस्सा गरीबों में बांटने के लिए रखा जाता है।
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इस दौरान खंडवा नगर के सिंघाड़ तलाई क्षेत्र स्थित ईदगाह पर नमाज अदा करने पहुंचे शहर काजी सैय्यद निसार अली ने बताया कि जिलेभर में ईद का पर्व बड़े ही हर्षोल्लास के साथ मनाया गया है। जिलेभर की मस्जिदों में बड़ी संख्या में समाज के लोगों ने नमाज अदा की है। इसके बाद दुआ मांगी गई और एक दूसरे से गले मिलकर ईद की मुबारकबाद दी गई।
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ईदगाह पर नमाज अदा करते मुस्लिम समाजजन

ईदगाह पर नमाज अदा करते मुस्लिम समाजजन

ईदगाह पर नमाज अदा करते मुस्लिम समाजजन
