फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Madhya Pradesh ›   Kamal Nath accused BJP of engaging in Horse trading saying it will face massive defeat in by election

हार से डरी भाजपा कर रही है विधायकों की खरीद-फरोख्त की कोशिश: कमलनाथ

Fri, 06 Nov 2020 05:43 PM IST
गौरव पाण्डेय न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल Published by: गौरव पाण्डेय Updated Fri, 06 Nov 2020 05:43 PM IST
विज्ञापन
Kamal Nath accused BJP of engaging in Horse trading saying it will face massive defeat in by election
कमलनाथ (फाइल फोटो) - फोटो : पीटीआई

मध्यप्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और वरिष्ठ कांग्रेस नेता कमलनाथ ने भारतीय जनता पार्टी पर एक बार फिर विधायकों की खरीद-फरोख्त की कोशिश करने का आरोप लगाया है। कमलनाथ ने शुक्रवार को कहा कि मध्यप्रदेश के मतदाताओं ने 28 विधानसभा सीटों पर हुए उपचुनाव में सच्चाई को वोट दिया है। भाजपा को महसूस हो गया है कि वह बड़ी हार का सामना करने वाली है, इसलिए वे फिर से 'हॉर्स ट्रेडिंग' की कोशिश कर रहे हैं। कमलनाथ ने दावा किया कि कई निर्दलीय विधायकों के साथ संपर्क किया गया है।

विज्ञापन

 

मध्यप्रदेश में 28 विधानसभा सीटों पर मंगलवार को हुए उपचुनाव के नतीजे 10 नवंबर को सामने आएंगे। उपचुनाव के ये परिणाम न केवल प्रदेश की मुख्यमंत्री शिवराज सिंह के नेतृत्व वाली भाजपा सरकार के भाग्य का फैसला करेंगे, बल्कि प्रदेश के तीन क्षत्रपों- मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान, पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ और भाजपा नेता ज्योतिरादित्य सिंधिया के राजनीतक भविष्य पर भी असर डालेंगे। बता दें कि इस साल मार्च में राज्य में सत्ता के लिए जो राजनीतिक उठापटक हुई थी, उसमें ये तीनों प्रभावशाली नेता शामिल थे।
विज्ञापन
विज्ञापन



इस उठापटक में कमलनाथ के नेतृत्व वाली 15 महीने पुरानी कांग्रेस नीत सरकार गिराने में सिंधिया की अहम भूमिका रही थी। सिंधिया के मार्च में कांग्रेस छोड़ भाजपा में आने के बाद उनके समर्थन वाले कांग्रेस के 22 विधायक विधानसभा सदस्यता से त्यागपत्र देकर भाजपा में शामिल हो गए थे। इससे कमलनाथ की तत्कालीन सरकार अल्पमत में आ गई थी, जिसके कारण कमलनाथ ने 20 मार्च को मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दे दिया था और इसके बाद चौहान के नेतृत्व में 23 मार्च को फिर भाजपा की सरकार बनी।

समाचार एजेंसी पीटीआई के अनुसार राजनीतक विशेषज्ञों का कहना है कि अगर मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के नेतृत्व में भाजपा उपचुनाव वाली इन 28 सीटों में से 15 से अधिक पर जीत दर्ज कर लेती है तो पार्टी में उनका कद और भी बढ़ जाएगा। चौहान अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) से आते हैं और प्रदेश में इस वर्ग की जनसंख्या 50 फीसदी से अधिक है। विश्लेषकों के अनुसार मार्च में भाजपा के केंद्रीय नेतृत्व ने चौहान को चौथी बार मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री का दायित्व दिया था, क्योंकि जनता में उनकी छवि अच्छी है।


कांग्रेस नाहक डर रही, कमलनाथ सरकार भी ईवीएम से चुनाव जीतकर बनी थी : तुलसी
भाजपा ने कांग्रेस द्वारा ईवीएम पर शंका जताए जाने को आधारहीन बताया है। सनवेर से भाजपा के उम्मीदवार तुलसी सिलावट ने कहा है कि कांग्रेस ईवीएम से नाहक डर रही है। जब कमलनाथ के नेतृत्व वाली सरकार ईवीएम के जरिये चुनाव जीती थी, तब तो कांग्रेस ने सवाल नहीं उठाया था। मध्य प्रदेश में उपचुनाव के बीच सिलावट ने राहुल गांधी और दिग्विजय सिंह के ईवीएम संबंधी बयान पर कहा कि कांग्रेस को अब इस पर बोलने के लिए कुछ नहीं है। पूरा देश प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ खड़ा है और उन पर भरोसा करता है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed