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कुपोषण के कारण बाल कल्याण सूचकांक में निचले पायदान पर पहुंचे झारखंड और मध्यप्रदेश
Tue, 27 Aug 2019 05:29 PM IST
आसिम खान
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: आसिम खान
Updated Tue, 27 Aug 2019 05:29 PM IST
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प्रतीकात्मक तस्वीर
बच्चों की कुशलता को मापने वाले एक सूचकांक में झारखंड और मध्य प्रदेश खराब पोषण तथा शिशुओं के जीने की कम दर के कारण निचले पायदान पर हैं। इस सूचकांक का आकलन बच्चों के स्वास्थ्य संबंधी विकास, सकारात्मक संबंध और संरक्षण संबंधी विषयों के आधार पर किया जाता है। सूचकांक के अनुसार केरल ने स्वास्थ्य, पोषण और शिक्षण सुविधाओं में जबरदस्त प्रदर्शन करके शीर्ष स्थान हासिल किया है।
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मंगलवार को प्रकाशित ‘द चाइल्ड वेल-बीइंग इंडेक्स’ रिपोर्ट से तीन मानकों के आधार पर बच्चों की कुशलता, उनकी सेहत को मापा जाता है। गैर सरकारी संगठनों वर्ल्ड विजन इंडिया और आईएफएमआर लीड ने इस सूचकांक को विकसित किया है।
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इसके तहत प्रत्येक राज्य और केंद्रशासित प्रदेश में बच्चों की स्थिति का आकलन किया जाता है। सूचकांक में केरल, तमिलनाडु और हिमाचल प्रदेश शीर्ष पर रहे। वहीं सबसे निचले पायदानों पर क्रमश: मेघालय, झारखंड और मध्य प्रदेश आए हैं।
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वर्ल्ड विजन इंडिया के राष्ट्रीय निदेशक और सीईओ चेरियन थॉमस ने कहा, ‘यह रिपोर्ट बच्चों की कुशलता को मापने के लिए बहुआयामी तरीकों को उजागर करती है। इसमें महज गरीबी को ही नहीं मापा जाता, बल्कि उससे परे अन्य मानकों पर भी स्तर मापा जाता है।’
