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Jabalpur News: प्रदेश के थानों में कब और किसके आदेश से बने मंदिर-धार्मिक स्थल, हाईकोर्ट ने सरकार से मांगा जवाब

Mon, 16 Dec 2024 10:01 PM IST
जबलपुर ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जबलपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जबलपुर Published by: जबलपुर ब्यूरो Updated Mon, 16 Dec 2024 10:01 PM IST
सार

हाईकोर्ट ने मध्यप्रदेश सरकार से प्रदेश के थानों में बने धार्मिक स्थलों के निर्माण की जानकारी मांगी है। याचिका में सुप्रीम कोर्ट के आदेशों का उल्लंघन बताते हुए सभी धार्मिक स्थलों को हटाने और जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई की मांग की गई है। 

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When and by whose order were temples and religious places constructed in police stations located in the state
high court

विस्तार

हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस सुरेश कुमार कैत और जस्टिस विवेक जैन की युगलपीठ ने राज्य सरकार को निर्देश दिया है कि प्रदेश के थानों में मंदिरों और अन्य धार्मिक स्थलों का निर्माण कब और किस अधिकारी के निर्देश पर हुआ, इसकी जानकारी पेश की जाए। मामले की अगली सुनवाई जनवरी के दूसरे सप्ताह में होगी।

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जबलपुर निवासी एडवोकेट ओपी यादव द्वारा दायर याचिका में कहा गया कि सर्वोच्च न्यायालय ने सार्वजनिक स्थलों पर धार्मिक निर्माण पर प्रतिबंध लगाया है। थाने भी सार्वजनिक स्थलों की श्रेणी में आते हैं। इसके बावजूद मध्यप्रदेश के कई थानों में मंदिर बनाए गए या बन रहे हैं, जो सुप्रीम कोर्ट के आदेश का उल्लंघन है। याचिकाकर्ता ने जबलपुर जिले के चार थानों में मंदिर निर्माण की तस्वीरें भी पेश कीं और मांग की कि ऐसे सभी धार्मिक निर्माण तत्काल हटाए जाएं। साथ ही संबंधित थाना प्रभारियों के खिलाफ सिविल सर्विस रूल्स के तहत कार्रवाई की जाए।

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सोमवार को सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट बार एसोसिएशन जबलपुर ने इंटरवेनर बनने का आवेदन पेश किया। प्रारंभिक तर्क सुनने के बाद युगलपीठ ने सरकार को निर्देश दिया कि वह अपना जवाब दाखिल करे।

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याचिका में राज्य के मुख्य सचिव, गृह विभाग प्रमुख सचिव, नगरीय प्रशासन, डीजीपी, कलेक्टर, और पुलिस अधीक्षक जबलपुर सहित सिविल लाइंस, विजय नगर, मदन महल, और लार्डगंज थानों को पक्षकार बनाया गया है। याचिकाकर्ता का पक्ष अधिवक्ता सतीश वर्मा, अमित पटेल, और ग्रीष्म जैन ने रखा। 

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