Jabalpur: मैरिट लिस्ट तैयार करने में अपनाई गई दो बार नॉर्मलाइज़ेशन प्रोसेस, हाईकोर्ट ने जारी किए नोटिस
जबलपुर हाईकोर्ट ने नीट पीजी काउंसलिंग के रिजल्ट पर रोक लगाई, याचिकाकर्ताओं ने नॉर्मलाइजेशन प्रक्रिया को चुनौती दी। कोर्ट ने नेशनल बोर्ड ऑफ एग्जामिनेशन को नोटिस जारी कर 3 दिसंबर को अगली सुनवाई तय की।
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एमडी-एमएस कोर्स में दाखिले के लिए नीट पीजी काउंसलिंग में प्रदेश के रजिस्टर्ड कैंडिडेट्स की मेरिट सूची तैयार करने में दूसरी बार नॉर्मलाइजेशन प्रक्रिया अपनाने को चुनौती देते हुए हाईकोर्ट में याचिका दायर की गई। हाईकोर्ट के जस्टिस सुश्रुत धर्माधिकारी और जस्टिस अनुराधा शुक्ला की युगलपीठ ने इस याचिका पर सुनवाई करते हुए नेशनल बोर्ड ऑफ एग्जामिनेशन इन मेडिकल साइंसेज को अनावेदक बनाने के आवेदन को स्वीकार करते हुए नोटिस जारी किए हैं। साथ ही काउंसलिंग प्रक्रिया के रिजल्ट घोषित करने पर रोक को बरकरार रखा है।
रीवा के डॉ. अभिषेक शुक्ला और अन्य की ओर से दायर याचिका में कहा गया है कि नीट पीजी कोर्स में दाखिले के लिए नॉर्मलाइजेशन प्रक्रिया अपनाते हुए मेरिट सूची तैयार की गई थी। प्रदेश सरकार ने प्रदेश के रजिस्टर्ड कैंडिडेट्स की मेरिट सूची तैयार करने में दूसरी बार नॉर्मलाइजेशन प्रक्रिया अपनाई, जिसके चलते नीट की राष्ट्रीय मेरिट सूची में अच्छा स्थान रखने के बावजूद प्रदेश की सूची में उनका स्थान नीचे हो गया।
याचिकाकर्ताओं ने तर्क दिया कि काउंसलिंग के पहले राउंड के लिए चॉइस फिलिंग और चॉइस लॉकिंग की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है, जो 24 नवंबर की रात 12 बजे तक चली। इस प्रक्रिया का रिजल्ट 26 नवंबर को घोषित किया जाना था। लेकिन एडमिशन प्रक्रिया में नियमों का पालन नहीं किया जा रहा। इसलिए पहले राउंड के रिजल्ट पर रोक लगाई जाए।
युगलपीठ ने सुप्रीम कोर्ट के दिशानिर्देशों के अनुसार पहले राउंड की काउंसलिंग जारी रखने की अनुमति दी, लेकिन अगली सुनवाई तक रिजल्ट घोषित करने पर रोक लगा दी। संचालक, मेडिकल एजुकेशन विभाग की ओर से दिए गए जवाब में कहा गया कि मेरिट सूची नेशनल बोर्ड ऑफ एग्जामिनेशन इन मेडिकल साइंसेज, नई दिल्ली द्वारा तैयार की गई है। इसके बाद मध्य प्रदेश में पूरी प्रक्रिया का विधिवत पालन किया जा रहा है। याचिकाकर्ताओं की मांग पर नेशनल बोर्ड को अनावेदक बनाया गया और उसे नोटिस जारी किए गए हैं। याचिका पर अगली सुनवाई 3 दिसंबर को होगी। याचिकाकर्ताओं की ओर से अधिवक्ता आदित्य संघी ने पैरवी की।
