फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Madhya Pradesh ›   Jabalpur News ›   Taking cognizance of the mistake, the High Court rectified it

Jabalpur News: गलती पर संज्ञान लेते हुए हाईकोर्ट ने किया सुधार, टाइप करने के दौरान आदेश में हुई थी त्रुटि

Fri, 14 Mar 2025 06:34 PM IST
जबलपुर ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जबलपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जबलपुर Published by: जबलपुर ब्यूरो Updated Fri, 14 Mar 2025 06:34 PM IST
सार

हाईकोर्ट जस्टिस विशाल घगट की एकलपीठ ने आदेश में टाइपोग्राफिकल त्रुटि को संज्ञान में लेते हुए सुधार किया। आदेश में याचिका खारिज करने के बजाय स्वीकार और आयुक्त शहडोल के आदेश की पुष्टि के बजाय निरस्त लिखा गया था। अदालत ने सुधार कर संशोधित आदेश जारी कर दिया। 

विज्ञापन
Taking cognizance of the mistake, the High Court rectified it
(सांकेतिक) - फोटो : ANI

विस्तार

हाईकोर्ट के आदेश में हुई टाइपोग्राफिकल त्रुटि पर संज्ञान लेते हुए जस्टिस विशाल घगट की एकलपीठ ने उसमें सुधार किया। आदेश में गलती के कारण याचिका को खारिज करने के स्थान पर स्वीकार करना लिखा गया था, तथा आयुक्त शहडोल के आदेश की पुष्टि के बजाय उसे निरस्त करने का उल्लेख था।
विज्ञापन


शहडोल निवासी मोहम्मद अतीक ने अपनी जमीन से संबंधित आयुक्त के आदेश के खिलाफ हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी। हाईकोर्ट ने 25 फरवरी 2025 को सुनवाई के बाद याचिका को खारिज कर दिया था। हालांकि, आदेश के पैरा 8 में टाइपोग्राफिकल त्रुटि के कारण यह लिखा गया कि याचिकाकर्ता द्वारा दायर रिट याचिका स्वीकार की जाती है और आयुक्त शहडोल द्वारा पारित आदेश को निरस्त किया जाता है। न्यायाधीश ने इस आदेश पर हस्ताक्षर भी कर दिए थे।
विज्ञापन


ये भी पढ़ें- यूनिटेक की सहायक कंपनी होने के संबंध में पेश करें कागजात, भोपाल कलेक्टर को हाईकोर्ट के निर्देश
विज्ञापन
विज्ञापन


जब इस त्रुटि की जानकारी सामने आई, तो हाईकोर्ट की एकलपीठ ने स्वतः संज्ञान लेते हुए याचिका पर पुनः सुनवाई की। न्यायालय ने अपने आदेश में कहा कि टाइपोग्राफिकल त्रुटि को सुधारते हुए पैरा 8 में "याचिका को स्वीकार करने" की बजाय "खारिज करना" और "आयुक्त के आदेश को निरस्त करने" की बजाय "उसकी पुष्टि करना" पढ़ा जाए।

ये भी पढ़ें- स्थानीय निधि संपरीक्षा कार्यालय में सात करोड़ का घोटाला, संयुक्त संचालक समेत पांच के खिलाफ केस

इस संशोधन के साथ, पैरा 8 को निम्न प्रकार पढ़ा जाएगा: "याचिकाकर्ता द्वारा दायर रिट याचिका को खारिज किया जाता है। आयुक्त शहडोल द्वारा पारित आदेश की पुष्टि की जाती है।" इसके अलावा, न्यायालय ने उक्त संशोधित आदेश को हाईकोर्ट की आधिकारिक वेबसाइट पर अपलोड करने के भी निर्देश जारी किए हैं। 

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed