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MP High Court: अधिवक्ता हड़ताल संबंधित संज्ञान याचिका पर सर्वोच्च न्यायालय ने लगाई रोक, HC में सुनवाई बढ़ी
Tue, 15 Oct 2024 10:16 PM IST
जबलपुर ब्यूरो
न्यूूज डेस्क, अमर उजाला, जबलपुर
न्यूूज डेस्क, अमर उजाला, जबलपुर
Published by: जबलपुर ब्यूरो
Updated Tue, 15 Oct 2024 10:16 PM IST
सार
मार्च 2023 में अधिवक्ता अनिश्चितकालीन प्रदेश व्यापी हड़ताल पर चले गए थे। मध्यप्रदेश हाईकोर्ट ने मामले की सुनवाई संज्ञान याचिका के रूप में करते हुए अधिवक्ताओं को तत्काल काम पर वापस लौटने के आदेश दिए।
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सुप्रीम कोर्ट
- फोटो : सोशल मीडिया
विस्तार
प्रदेशव्यापी अधिवक्ताओं की हड़ताल को मध्यप्रदेश हाईकोर्ट ने संज्ञान लेते हुए मामले की सुनवाई जनहित याचिका के रूप में करने के निर्देश दिए थे। याचिका पर मंगलवार को हुई सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस सुरेश कुमार कैत तथा जस्टिस विनय सराफ को बताया गया कि सर्वोच्च न्यायालय ने उक्त याचिका की सुनवाई कर रोक लगा दी। युगलपीठ ने सर्वोच्च न्यायालय ने याचिका लंबित होने के कारण अगली सुनवाई 12 नवंबर को निर्धारित की है।
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गौरतलब है कि मार्च 2023 में अधिवक्ता अनिश्चितकालीन प्रदेशव्यापी हड़ताल पर चले गये थे। हाईकोर्ट ने मामले की सुनवाई संज्ञान याचिका के रूप में करते हुए अधिवक्ताओं को तत्काल काम पर वापस लौटने के आदेश दिये हैं। हाईकोर्ट ने सर्वोच्च न्यायालय तथा हाईकोर्ट द्वारा पूर्व में पारित आदेश को हवाला देते हुए कहा है कि अधिवक्ता काम पर नहीं लौटते हैं तो इसे न्यायालय की अवमानना माना जायेगा। आदेश का पालन नहीं करने वालों अधिवक्ताओं के खिलाफ अवमानना की कार्यवाही की जायेगी और उनका निष्कासित किया जायेगा।
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हाईकोर्ट ने रजिस्ट्री को निर्देश दिए कि आदेश की प्रति के साथ स्टेट बार काउंसिल के चेयरमैन, हाईकोर्ट बार एसोसिएशन जबलपुर, इंदौर व ग्वालियर के अध्यक्ष, हाईकोर्ट एडवोकेट्स बार एसोसिएशन जबलपुर के अध्यक्ष के अलावा प्रदेश भर के जिला तथा तहसील बार एसोसिएशन के अध्यक्षों को नोटिस जारी करें। याचिका पर सुनवाई के दौरान युगलपीठ को बताया गया कि उक्त याचिका को चुनौती देते हुए सर्वोच्च न्यायालय में याचिका दायर की गयी थी। सर्वोच्च न्यायालय ने हाईकोर्ट में लंबित याचिका की सुनवाई पर रोक लगा दी है। युगलपीठ ने सुनवाई के बाद उक्त आदेष जारी किये।
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निर्धारित समय अवधि में कमेटी नहीं कर पाई जांच
निर्माणाधीन होटल के किचन में गैस पाइप लाइन टेस्टिंग के दौरान हुए ब्लास्ट में एक महिला कर्मचारी की मौत हो गयी थी तथा आठ व्यक्ति घायल हो गये थे। जिला कलेक्टर ने जांच के लिए तीन सदस्यीय कमेटी गठित की थी। कमेटी को अपनी जांच रिपोर्ट सात दिनों में पेश करनी थी।
घटना के 12 दिन बाद भी कमेटी अपनी जांच पूरी नहीं कर पाई है। गौरतलब है कि जिला कलेक्टर ने एसडीएम गोरखपुर पंकज मिश्रा की अध्यक्षता में कमेटी का गठन किया था। इसमें सीएसपी गढा तथा डिप्टी कलेक्टर नगर निगम सदस्य थे। कमेटी के सहयोग के लिए पांच सदस्यीय एक्सपर्ट मेंबर को सहयोग के लिए नियुक्त किया गया था।
कमेटी के अध्यक्ष एसडीएम पंकज मिश्रा ने बताया कि अभी तक जांच पूरी नहीं हो पाई है। एक्सपर्ट मेंबर के ओपियन कभी प्राप्त नहीं हुआ है। एक्सपर्ट मेंबर के ओपियन दो-तीन दिन में प्राप्त हो जायेंगे, जिसके बाद जांच रिपोर्ट जिला कलेक्टर को सौंपी जायेगी। वर्तमान में उनकी ड्यूटी नर्मदा महोत्सव में लगी हुई है।
गौरतलब है कि 5 अक्तूबर को तिलवारा रोड स्थित बरगी हिल्स क्षेत्र में आईटीसी से अनुबंधित निर्माणाधीन वेलकम होटल के चौथे फ्लोर स्थित सर्विस किचन में गैस पाइप लाइन की टेस्टिंग के दौरान ब्लास्ट हो गया। इस घटना में जागृति उम्र 22 साल नामक महिला कर्मचारी की मौत हो गयी तथा आठ कर्मचारी घायल हो गये थे। मुख्यमंत्री मोहन यादव, प्रदेश सरकार के अन्य मंत्रियों तथा जिला प्रशासन ने घटना को गंभीरता से लिया था। जिला कलेक्टर ने दूसरे दिन ही जांच कमेटी गठित कर दी थी।
