फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Madhya Pradesh ›   Jabalpur News ›   Negligence: 10 thousand doses of Covishield missing, officer said no information about the hospital

लापरवाही : कोविशील्ड की 10 हजार डोज गायब, अफसर बोले- अस्पताल के बारे में जानकारी नहीं

Wed, 09 Jun 2021 05:04 PM IST
योगेश साहू न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जबलपुर।
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जबलपुर। Published by: योगेश साहू Updated Wed, 09 Jun 2021 05:04 PM IST
सार

मध्यप्रदेश में कुल छह निजी अस्पतालों ने सीरम इंस्टीट्यूट से सीधे कोविशील्ड खरीदा है। इसमें जबलपुर, भोपाल और ग्वालियर की एक-एक तो इंदौर की तीन निजी अस्पताल शामिल हैं।

विज्ञापन
Negligence: 10 thousand doses of Covishield missing, officer said no information about the hospital
प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : iStock

विस्तार

मध्यप्रदेश में कोविशील्ड वैक्सीन की 10 हजार डोज (एक हजार वायल) के गायब होने का चौंकाने वाला मामला सामने आया है। खास बात यह है कि टीके की डोज जबलपुर के जिस मैक्स हेल्थ केयर अस्पताल के नाम खरीदी गई थी, वह असल में है ही नहीं। जी हां, जिले में नियुक्त टीकाकरण अधिकारी का कहना है कि जबलपुर में इस नाम के अस्पताल होने की कोई जानकारी नहीं है। मामला सिर्फ इतना ही नहीं है, दो दिन तक इस अस्पताल को तलाशा गया, परंतु कुछ हासिल नहीं हुआ। ऐसे में अब सवाल उठ रहे हैं कि आखिर कोवीशील्ड की खरीदी किसने की और वैक्सीन अभी कहां है?

विज्ञापन


मध्यप्रदेश में कुल छह निजी अस्पतालों ने सीरम इंस्टीट्यूट से सीधे कोविशील्ड खरीदा है। इसमें जबलपुर, भोपाल और ग्वालियर की एक-एक तो इंदौर की तीन निजी अस्पताल शामिल हैं। प्रदेश के सभी 6 निजी अस्पतालों ने कुल 43 हजार डोज खरीदी है। इसमें जबलपुर के नाम से मैक्स हेल्थ केयर इंस्टीट्यूट ने 10 हजार डोज खरीदा है। एक वायल में 10 डोज रहती है। आइए जानते हैं पूरा मामला...
विज्ञापन



विज्ञापन
विज्ञापन

 

मैसेज मिला तो सामने आया मामला

जिला टीकाकरण अधिकारी डॉक्टर शत्रुघ्न दाहिया ने बताया कि वैक्सीनेशन एप पर दो दिन पहले एक मैसेज मिला। इसमें जबलपुर के मैक्स हेल्थ केयर इंस्टीट्यूट को 10 हजार डोज आवंटित करने की जानकारी थी। उन्होंने कहा कि इस अस्पताल का नाम पहली देखा-सुना तो हैरत हुई। दो दिन सीएमएचओ के माध्यम से इस अस्पताल के बारे जबलपुर में रिकॉर्ड आदि को तलाशा गया। परंतु रिकॉर्ड में भी इस नाम का अस्पताल नहीं मिला। इसकी सूचना भोपाल के अधिकारियों को भी दी गई है।

साजिश को लेकर सतर्कता

डॉ. दाहिया ने बताया कि भोपाल के अधिकारियों ने निर्देश दिए हैं कि इस बात की जांच की जाए कि कहीं किसी निजी अस्पताल या फिर किसी शरारती तत्व ने ऐसा कुछ किसी साजिश के तहत तो नहीं किया है। वैक्सीन के दुरुपयोग या डंप किए जाने की आशंका पर अफसरों को अलर्ट रहने के लिए कहा गया है। इसके साथ ही सीरम संस्थान से भी इस अस्पताल के बारे में ब्यौरा मांगा गया है।

लाखों में है वैक्सीन की कीमत

जानकारी के मुताबिक, अनुबंध के तहत निजी अस्पतालों को 600 रुपए प्रति डोज की दर से भुगतान करना है। ऐसे में 10 हजार डोज के एवज में 60 लाख रुपए का भुगतान किया गया होगा। अब सवाल ये है कि आखिर इतनी बड़ी राशि लगाने वाले अस्पताल ने फर्जी पता क्यों लिखवाया होगा? जिला टीकाकरण अधिकारी शत्रुघ्न दाहिया के मुताबिक प्रकरण की जानकारी जबलपुर से लेकर भोपाल और दिल्ली के अधिकारियों को दी गई है। अभी तक इस अस्पताल के बारे में कुछ पता नहीं चल पाया है।

यह है वैक्सीन की नई व्यवस्था

कोविशील्ड वैक्सीन बनाने वाले सीरम संस्थान और केंद्र सरकार के बीच वैक्सीन खरीद के लिए जो अनुबंध हुआ है, उसमें राज्य सरकार को प्रति डोज 400 रुपये, निजी अस्पताल को 600 रुपये और केंद्र सरकार को 150 रुपये प्रति डोज के हिसाब से वैक्सीन दी जानी है। दो दिन पहले पीएम नरेंद्र मोदी ने नई घोषणा की है, इसके मुताबिक अब केंद्र सरकार 75 फीसदी वैक्सीन खुद खरीदेगी। 25 फीसदी वैक्सीन निजी अस्पतालों को सीधे खरीदने की छूट दी गई है। पीएम ने निजी अस्पतालों को कीमत के अलावा अब 150 रुपये अधिकतम सर्विस चार्ज लेने की अनुमति दी है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed