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MP High Court: पूर्व विधायक किशोर समरीते की होगी गिरफ्तारी, हाईकोर्ट ने दिए कोर्ट में समर्पण करने के आदेश
Sat, 25 May 2024 07:08 PM IST
रवींद्र भजनी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जबलपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जबलपुर
Published by: रवींद्र भजनी
Updated Sat, 25 May 2024 07:08 PM IST
सार
मध्य प्रदेश के पूर्व विधायक किशोर समरीते को हाईकोर्ट की सिंगल बैंच से झटका लगा है। 2004 के एसडीएम कार्यालय पर हमला मामले जिला अदालत की सजा को हाईकोर्ट ने कायम रखा है। सिर्फ एससी-एसटी एक्ट के तहत सुनाई सजा में राहत दी है।
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किशोर समरीते
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
बालाघाट जिले से लांजी के पूर्व विधायक किशोर समरीते को हाईकोर्ट से झटका लगा है। मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने एसडीएम कार्यालय में आगजनी तथा हमला करने के आरोप में जिला न्यायालय में निर्धारित सजा को सही ठहराया है। हाईकोर्ट की एकलपीठ ने एससी एसटी एक्ट में दी गयी सजा को निरस्त कर दिया है।
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पूर्व विधायक किशोर समरीते ने अतिक्रमण विरोधी कार्रवाई के विरोध में 19 अप्रैल 2004 को एसडीएम लांजी धनेश्वर साईं के कार्यालय में भीड़ के साथ हमला किया था। भीड़ हमला करने के लिए हाथ में लाठियां लेकर गई थी। होमगार्ड के सैनिकों ने उन्हें कार्यालय से बाहर निकाला था। इसके बाद उन्होंने सरकारी गाडी तथा कार्यालय में आग लगा दी थी। इस प्रकरण की सुनवाई करते हुए जिला न्यायालय ने पूर्व विधायक किशोर समरीते सहित सात आरोपियों को विभिन्न धाराओं के तहत पांच साल की सजा तथा दस हजार रुपये के जुर्माने की सजा से दंडित किया था। एससी-एसटी एक्ट के तहत तीन साल की सजा तथा एक हजार रुपये के जुर्माने की सजा से दंडित किया था। सजा के खिलाफ सभी आरोपियों ने हाईकोर्ट में अपील दायर की थी। अपील की सुनवाई करते हुए एकलपीठ ने एससी-एसटी एक्ट के तहत सुनाई गई सजा को निरस्त कर दिया। एकलपीठ ने अन्य धाराओं के तहत सुनाई गई सजा को बरकरार रखा है। अपील के लंबित रहते हुए एक आरोपी की मृत्यु हो गई है। एकलपीठ ने सभी आरोपियों को जिला न्यायालय के समझ समर्पण करने के आदेश जारी किए हैं।
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