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Jabalpur: किशोरी से दुष्कर्म करने वाले को दस साल की सजा, कोर्ट ने कहा- नाबालिग की सहमति कोई मायने नहीं रखती
Thu, 14 Mar 2024 11:17 PM IST
दिनेश शर्मा
अमर उजाला, न्यूज डेस्क, जबलपुर
अमर उजाला, न्यूज डेस्क, जबलपुर
Published by: दिनेश शर्मा
Updated Thu, 14 Mar 2024 11:17 PM IST
सार
अदालत ने टिप्पणी करते हुए कहा कि भले ही अदालत ये मान भी ले कि पीड़िता की सहमत पक्षकार थी, लेकिन 18 वर्ष से कम उम्र की अभियोक्त्री की सहमति कोई मायने नहीं रखती। उन्हें गरिमामय रूप से जीने का अधिकार है।
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दुष्कर्मी को दस साल का सश्रम कारावास
- फोटो : file photo
विस्तार
एक नाबालिग के साथ दुष्कर्म करने वाले आरोपी को पाटन एडीजे कोर्ट ने दोषी करार दिया है। एडीजे विवेक कुमार की अदालत ने आरोपी 29 वर्षीय विवेक पटेल को दस साल का सश्रम कारावास व पांच हजार रुपये के अर्थदंड से दंडित किया है।
मामले में अदालत ने टिप्पणी करते हुए कहा कि भले ही अदालत ये मान भी ले कि पीड़िता की सहमत पक्षकार थी, लेकिन 18 वर्ष से कम उम्र की अभियोक्त्री की सहमति कोई मायने नहीं रखती। उन्हें गरिमामय रूप से जीने का अधिकार है। यदि वह अपनी बुद्वि की अपरिपक्वता से अपनी शरीर का शोषण करने का अधिकार दे भी दें तब भी समाज का यह दायित्व है उनके कोमल व्यक्तित्व का संरक्षण करें।
अदालत के समक्ष विशेष लोक अभियोजक संदीप जैन ने पक्ष रखा। जिन्होंने अदालत को बताया कि पाटन थाने में पीड़िता की मां ने शिकायत दर्ज कराई थी। इसमें कहा गया था कि 17 फरवरी की दोपहर दो बजे आरोपी विवेक पटेल आया और कुछ देर बैठने के बाद पीड़िता को एक कमरे में ले गया। जहां उसके साथ अश्लीलता करते हुए दुष्कर्म किया। इतना ही नहीं आरोपी ने धमकी दी कि यदि उसने यह बात किसी को बताई तो वह उसके परिजनों को जान से मार देगा। सुनवाई दौरान पेश किए गए गवाह व साक्ष्यों के मद्देनजर अदालत ने आरोपी विवेक पटेल निवासी ग्राम जमुनिया को दोषी करार देते हुए उक्त सजा से दंडित किया।
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मामले में अदालत ने टिप्पणी करते हुए कहा कि भले ही अदालत ये मान भी ले कि पीड़िता की सहमत पक्षकार थी, लेकिन 18 वर्ष से कम उम्र की अभियोक्त्री की सहमति कोई मायने नहीं रखती। उन्हें गरिमामय रूप से जीने का अधिकार है। यदि वह अपनी बुद्वि की अपरिपक्वता से अपनी शरीर का शोषण करने का अधिकार दे भी दें तब भी समाज का यह दायित्व है उनके कोमल व्यक्तित्व का संरक्षण करें।
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अदालत के समक्ष विशेष लोक अभियोजक संदीप जैन ने पक्ष रखा। जिन्होंने अदालत को बताया कि पाटन थाने में पीड़िता की मां ने शिकायत दर्ज कराई थी। इसमें कहा गया था कि 17 फरवरी की दोपहर दो बजे आरोपी विवेक पटेल आया और कुछ देर बैठने के बाद पीड़िता को एक कमरे में ले गया। जहां उसके साथ अश्लीलता करते हुए दुष्कर्म किया। इतना ही नहीं आरोपी ने धमकी दी कि यदि उसने यह बात किसी को बताई तो वह उसके परिजनों को जान से मार देगा। सुनवाई दौरान पेश किए गए गवाह व साक्ष्यों के मद्देनजर अदालत ने आरोपी विवेक पटेल निवासी ग्राम जमुनिया को दोषी करार देते हुए उक्त सजा से दंडित किया।
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