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छिंदवाड़ा सिरप कांड: आरोपी डॉ. प्रवीण सोनी को नहीं मिली जमानत, हाईकोर्ट का सख्त रुख देख वापस ले ली याचिका

Thu, 24 Sep 2026 11:16 PM IST
जबलपुर ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जबलपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जबलपुर Published by: जबलपुर ब्यूरो Updated Thu, 24 Sep 2026 11:16 PM IST
सार

छिंदवाड़ा सिरप कांड में 26 बच्चों की मौत के मामले में आरोपी डॉ. प्रवीण सोनी की जमानत याचिका हाईकोर्ट ने खारिज कर दी। सुनवाई के दौरान पीड़ित अभिभावकों को अनावेदक बनाने के निर्देश दिए गए। इसके बाद डॉक्टर की ओर से याचिका वापस लेने का आग्रह किया गया, जिसे अदालत ने स्वीकार कर लिया। 

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Bail plea of Dr. Praveen Soni, accused in the Chhindwara syrup scandal, rejected
कफ सिरप कांड में आरोपी डॉक्टर की जमानत याचिका खारिज - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

छिंदवाड़ा सिरप कांड में हुई 26 बच्चों के मौत के मामले में आरोपी डॉ. प्रवीण सोनी की जमानत याचिका हाईकोर्ट ने खारिज कर दी है। याचिका की सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट जस्टिस प्रमोद कुमार अग्रवाल की एकलपीठ ने पीड़ित अभिभावकों को अनावेदक बनाने के निर्देश जारी किए थे। एकलपीठ के सख्त रुख को देखते हुए याचिकाकर्ता की तरफ से याचिका वापस लेने का आग्रह किया गया। एकलपीठ ने आग्रह को स्वीकार करते हुए याचिका को खारिज कर दिया।

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डॉ. प्रवीण सोनी की तरफ से दायर की गई जमानत याचिका में कहा गया था कि दवा निर्माण में उनकी कोई भूमिका नहीं थी। डॉक्टर के तौर वह कई वर्षों से प्रैक्टिस कर रहे हैं। डॉक्टर होने के नाते उन्होंने अभिभावकों की सहमति से बच्चो का उपचार करते हुए दवा लिखी थी। याचिका में गत एक साल से न्यायिक अभिरक्षा में होने का हवाला भी दिया गया था।
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डॉक्टर होने के बावजूद भी प्रकरण में उनके खिलाफ गैर इरादतन हत्या की धाराओं के तहत प्रकरण दर्ज किया गया है। डॉक्टर होने के कारण वह मरीज को अंतिम क्षण तक बचाने की कोशिश करना उनका दायित्व है। उनकी ऐसा कोई इरादा नहीं था कि कफ सिरप से बच्चों की मौत हो जाए। इसके अलावा याचिका में अन्य धाराओं के तहत प्रकरण दर्ज किए जाने को भी चुनौती दी गई थी। 

याचिका की सुनवाई के दौरान सरकार की तरफ से आग्रह किया गया कि पीड़ित पक्ष को भी याचिका में अनावेदक बनाया जाना चाहिए। एकलपीठ द्वारा इस पर सहमति व्यक्त करने पर याचिकाकर्ता की तरफ से याचिका वापस लेने का आग्रह किया गया। एकलपीठ ने आग्रह को स्वीकार करते हुए याचिका को खारिज कर दिया।

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