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Jabalpur: नेशनल लोक अदालत में 94 हजार से अधिक मामलों का हुआ निराकरण, 414 करोड़ की अवार्ड राशि पारित

Sat, 09 Dec 2023 10:10 PM IST
अरविंद कुमार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जबलपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जबलपुर Published by: अरविंद कुमार Updated Sat, 09 Dec 2023 10:10 PM IST
सार

जबलपुर जिले की नेशनल लोक अदालत में 94 हजार से अधिक मामलों का निराकरण हुआ। साथ ही 414 करोड़ की अवार्ड राशि पारित की गई।

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Jabalpur More than 94 thousand cases resolved in National Lok Adalat
नेशनल लोक अदालत - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

जबलपुर में राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण के निर्देश पर मध्यप्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के मार्गदर्शन में शनिवार को राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन किया गया। इसमें वर्षों से चल रहे मामलों का आपसी सहमति के आधार पर पल भर में पटाक्षेप हो गया। पक्षकारों ने भी गिले शिकवे मिटाकर आपसी रजामंदी की सहमति दी।

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नेशनल लोक अदालत में छह लाख से अधिक मामले सुनवाई के लिए रखे गए थे, जिनमें से 94 हजार 522 मामलों में आपसी रजामंदी से मामलों का निराकरण किया गया। वहीं, 414 करोड़ की अवार्ड राशि पारित की गई। आकड़े शाम छह बजे तक के है, जो कि देर रात तक और भी बढ़ेंगे। नेशनल लोक अदालत का शुभारंभ मप्र हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस व मप्र राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के संरक्षक जस्टिस रवि विजय मलिमठ ने दीप प्रज्वलित कर किया। इस दौरान उन्होंने कहा कि लोक अदालत विवादों के सौहार्दपूर्ण समाधान और न्यायालय में लंबित मामलों को शीघ्रता से निपटाने के लिए एक महत्वपूर्ण माध्यम कें रूप में उभरी है। वहीं, सालसा के कार्यपालक अध्यक्ष शील नागू ने विवादों के सौहार्दपूर्ण समाधान हेतु लोक अदालत के महत्व पर जोर दिया।
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94 हजार से अधिक मामलों का हुआ पटाक्षेप
मप्र राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के सदस्य सचिव रत्नेश चंद्र बिसेन व अतिरिक्त सचिव मनोज कुमार सिंह ने बताया कि नेशनल लोक अदालत में 13 सौ से अधिक खंडपीठों का गठन किया गया था। हाईकोर्ट की मुख्यपीठ जबलपुर व इंदौर-ग्वालियर बेंच में 12 खंडपीठ जबकि जिला व तहसील अदालतों में 1,321 खंडपीठों के जरिए परस्पर सहमति से विवादों का निराकरण किया गया। इस बार सुनवाई के लिए दो लाख 30 हजार लंबित व चार लाख 15 हजार प्री-लिटिगेशन मामले निर्धारित रखे गए थे, जिसमें से न्यायालयों में लंबित 33 हजार ग्यारह मामले समझौते के माध्यम से निराकृत किए गए।
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वहीं, प्री-लिटिगेशन के 61 हजार 511 मामलों का निराकण किया गया। इस तरह कुल 94 हजार 522 मामलों का आपसी रजामंदी से पटाक्षेप किया गया है और 414 करोड़ की अवार्ड राशि पारित की गई। सालसा के अधिकारियों ने बताया कि हाईकोर्ट की जबलपुर मुख्यपीठ सहित इंदौर व ग्वालियर में नेशनल लोक अदालत में सुनवाई के लिए 12 खंडपीठ गठित की गई थी। इनमें जबलपुर मुख्यपीठ में 1,363 मामले सुनवाई के लिए रखे गए थे। इनमें से 656 मामलों का निराकरण किया गया। वहीं, इंदौर हाईकोर्ट में 530 मामलों में से 252 मामलों का पटाक्षेप किया गया। इसी तरह ग्वालियर खंडपीठ में 413 मामलों में से 257 मामलों का निराकरण किया गया। इस तरह मुख्यपीठ सहित इंदौर व ग्वालियर खंडपीठ में 1,135 मामलों का निराकरण किया गया।

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